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विश्लेषण: लोकसभा चुनाव के लिए राहुल गांधी की ‘किसान रणनीति’!

21 Jan 2019
कांग्रेस की मध्य प्रदेश के किसानों के कर्ज़माफ़ी मॉडल के जरिये पूरे देश के किसानों को 'साधने' और 'सन्देश' देने की कोशिश

JAN 21 (WTN) – 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की ऐतिहासिक हार के बाद देश में एक के बाद कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार हुई थी, जिसके बाद राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर लगातार सवाल उठने लगे थे। लेकिन पिछले दिनों मध्य प्रदेश समेत राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस में एक नया जोश देखने को मिल रहा है।

इन तीनों राज्यों में कांग्रेस की जीत के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता की हर तरफ तारीफ़ हो रही है। ऐसे में अब जबकि लोकसभा चुनाव के लिए कुछ ही समय शेष बचा है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक सोची समझी रणनीति के तहत किसानों  की राजनीति करते हुए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से लोकसभा चुनाव के लिए चुनावी शंखनाद करने वाले हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने और किसानों की कर्ज़माफ़ी की घोषणा के बाद राहुल गांधी 8 फरवरी को भोपाल के जम्बूरी मैदान में एक किसान सभा को सम्बोधित करेंगे। जैसा कि आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले किसानों की कर्ज़माफ़ी का वादा किया था और मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते ही कमलनाथ ने सबसे पहला फ़ैसला किसानों की कर्ज़ माफ़ी का लिया था। कहा जा रहा है कि किसानों की कर्ज़माफ़ी का वादा निभाने के बाद राहुल गांधी को धन्यवाद देने के लिए किसान सभा का आयोजन किया जा रहा है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मन्दसौर में हुए गोलीकाण्ड के बाद किसानों के वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी ने पिछले साल 6 जून को मन्दसौर की पिपल्या मण्डी में किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा था कि यदि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी, तो सरकार बनने के दस दिनों के अन्दर किसानों की कर्जमाफ़ी की घोषणा की जाएगी।  

कांग्रेस अपने वादे पर खरी उतरी और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही सबसे पहला वादा कमलनाथ ने निभाया और किसानों की कर्ज़माफ़ी की फ़ाइल पर हस्ताक्षर किये। जिसके बाद कांग्रेस के दावा है कि प्रदेश के किसान कर्ज़माफ़ी के बाद कांग्रेस से काफ़ी खुश हैं। 
 
कहा जा रहा है कि भोपाल में किसानों की सभा के जरिये राहुल गांधी पूरे देश के किसानों के लिए एक सन्देश देना चाहेंगे कि जिस तरह से किसानों की कर्ज़माफ़ी का वादा कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में निभाया है और किसानों की समस्या को दूर किया, उसी तरह से पूरे देश के किसानों की कर्ज़ समेत अन्य समस्याओं का समाधान कांग्रेस पार्टी करेगी यदि वो केन्द्र में सत्ता में आती है।

किसानों की सभा के जरिये कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि मध्य प्रदेश के किसान कांग्रेस की कर्ज़माफ़ी की नीति से काफ़ी खुश हैं और यदि देश की बाकी किसानों को भी जीवन में खुशहाली चाहिए, तो मध्य प्रदेश में जिस तरह से किसानों ने कांग्रेस का साथ दिया है उसी तरह से देश के अन्य किसानों को भी कांग्रेस को जिताना होगा।
 
अब देखना होगा कि किसानों की सभा से लोकसभा चुनाव का शंखनाद करने वाले राहुल गांधी इस सभा के जरिये क्या सन्देश देश के किसानों को देते हैं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस किसानों की इस सभा के जरिये लोकसभा चुनाव में किसान आधारित राजनीतिक रणनीति के तहत चुनाव मैदान में उतर सकती है और देश के किसानों के सामने मध्य प्रदेश का कर्ज़माफ़ी का मॉडल पेश कर सकती है।

यदि कांग्रेस देश के किसानों के बीच यह सन्देश देने में सफल रही कि वो किसानों की हितैषी है, तो ऐसे में कांग्रेस की राह 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए काफ़ी आसान हो सकती है क्योंकि देश की 70 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती-किसानी से जुड़ी है। लेकिन याद रहे कि यदि कांग्रेस लोकसभा चुनाव तक मध्य प्रदेश में किसानों की कर्ज़माफ़ी को घोषणा को धरातल पर नहीं उतार सकी, तो इसका उल्टा नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है।