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किसान कर्ज़माफ़ी में हो रही गड़बड़ी पर कमलनाथ सरकार हुई ‘सख्त’

25 Jan 2019
किसानों के नाम पर फ़र्जी तरीके से कर्ज़ लेने वालों के ख़िलाफ़ सरकार हुई ‘सख्त’

JAN 25 (WTN) – विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद किसानों का 2 लाख रुपये तक का कर्ज़ माफ़ किया जाएगा। सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने अपने वादा निभाया और मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही किसानों की कर्ज़ माफ़ी की फ़ाइल पर सबसे पहले हस्ताक्षर किये। कुछ शर्तों के साथ कांग्रेस ने किसानों की कर्ज़ माफ़ी योजना को शुरू किया और योजना का नाम ‘जय किसान फसल ऋण माफ़ी’ योजना रखा। लेकिन जिस तेजी, उत्साह और प्रचार प्रसार के साथ इस योजना को शुरू किया गया था, उतनी ही तेज़ी से इस योजना में आवेदन फॉर्म भरते समय शिकायतें सामने आ रही हैं।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसानो की कर्ज़ माफ़ी के फॉर्म भराने की प्रक्रिया 15 जनवरी से चल रही है, जिसके तहत सभी पंचायतों में कर्ज़दार किसानों की बकायदा सूची लगाई गई है। लेकिन कई जगहों से यह शिकायतें सामने आई हैं कि जिन किसानों ने कर्ज़ लिया ही नहीं है, उनके नाम भी कर्ज़दारों की सूची में दर्शाये गये हैं। इसी तरह का एक मामला सागर ज़िले से सामने आया, जहां पर बिना कर्ज़ लिए पांच लाख रुपये से ज़्यादा का कर्ज़ लेने की बात सामने आने पर सरदई गांव के मुकुंदी (65) नामक किसान को सदमा लगा और हार्टअटैक से उसकी मौत हो गई।

फर्जीवाड़े की घटनाएं सामने आने पर कमलनाथ सरकार ने अब फर्जी तरीके से कर्ज़ लेने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का निर्णय लिया है। फर्जीवाड़े की लगातार बढ़ रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए भोपाल समेत प्रदेश के सभी ज़िला मुख्यालयों पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जा रही है। इधर राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ़ गोविंद सिंह, प्रदेश में पहले से स्वीकृत ऋण मामलों में अनियमितताओं के दोषी लोगों के ख़िलाफ़ कठोर कार्रवाई के निर्देश पहले ही दे चुके हैं।
 
इधर किसान कल्याण और कृषि विभाग भी गड़बड़ी करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की तैयारी में है। आधिकारिक तौर पर जारी आदेश में कहा गया है कि जिन किसानों ने कर्ज़ नहीं लिया है लेकिन फ़िर भी उनके नाम कर्ज़दारों की सूची में है तो ऐसे में उनसे भी फॉर्म भरवाए जा रहे हैं ताकि गड़बड़ी ठीक कराई जा सके। इनकी सूची 5 फरवरी के बाद तैयार की जाएगी और किसानों के नाम पर धोखाधड़ी या फर्जी तरीके से कर्ज़ लेनेवालों के खिलाफ सहकारिता विभाग जांच कराएगा।