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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मास्टर स्ट्रोक’ से पाकिस्तान की आर्थिक हालत ‘खस्ता’

21 Feb 2019
भारत के ‘आर्थिक हमले’ से पाकिस्तान की ‘टूटी कमर’

FEB 21 (WTN) – पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत सरकार की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की आर्थिक हालत पस्ता होने लगी है। पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए मास्टर स्ट्रोक चला और पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया, जिसके बाद पाकिस्तान की आर्थिक कमर टूट गई है। जानकारी के अनुसार वाघा बॉर्डर पर पाकिस्तान के सैकड़ों ट्रकों को रोक दिया गया है, जिसके कारण पाकिस्तान से भारत को होने वाला निर्यात रुक गया है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत ने पाकिस्तान से होने वाले निर्यात को रोक दिया है, इसके साथ ही भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तानी व्यापारियों से किये सभी ऑर्डर कैंसिल कर दिये हैं, जिसके कारण वाघा बॉर्डर पर सैकड़ों की तादात में ट्रक खड़े हैं। इतना ही नहीं, भारत सरकार ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से आने वाले सामान पर आयात शुल्क को 200 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।
 
भारत के इस आर्थिक हमले के बाद पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है। पाकिस्तान की हालत यह हो गई है कि वहां से भारत आने वाला अरबों रुपयों का सीमेन्ट पाकिस्तान में ही पड़ा हुआ है और इसके कारण वहां के व्यापारी चिंता में हैं। सीमेन्ट ही नहीं, पाकिस्तान से भारत को निर्यात किया जाने वाला छुआरा भी भारत नहीं आ पा रहा है। वहीं भारत से पाकिस्तान को भेजी जाने वाली सब्जियों पर भी असर पड़ा है, जिसके कारण पाकिस्तान में सब्जियों के दाम काफ़ी बढ़ गये हैं।

जानकारी के अनुसार साल 2017-18 में भारत और पाकिस्तान के बीच क़रीब 15 हज़ार 547 करोड़ रुपयों का व्यापार हुआ था, जिसमें भारत की हिस्सेदारी 80% और पाक की हिस्सेदारी 20% थी। अपने देश की ग़रीब जनता की जरुरतों पर ध्यान देने की बजाय आतंक को बढ़ावा देने में लगे पाकिस्तान की आर्थिक हालत पिछले कुछ सालों से बदहाल है। समय-समय पर पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने आर्थिक मदद के लिए हाथ फैलाता रहता है। पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि एक साल में ही पाकिस्तान 5 बार विदेशी मदद ले चुका है।
 
कई बार कंगाली के कगार पर पहुंच चुका पाकिस्तान फ़िर भी भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने से बाज नहीं आता है। लेकिन पुलवामा आतंकी हमला पाकिस्तान की आख़िरी ग़लती थी, क्योंकि अब मोदी सरकार ने पाकिस्तान की घेराबंदी शुरू कर दी है। एमएफ़एन का दर्जा छीने जाने के बाद कहा जा रहा है कि कुछ ही समय में पाकिस्तान की आर्थिक हालत और भी खस्ता हो जाएगी, जिसके बाद पाकिस्तान के पास बस एक ही सहारा बचेगा वो है चीन जो कि पाकिस्तान को आर्थिक सहायता तो देगा, लेकिन उसके बदले में पाकिस्तान के संसाधनों पर अपना हक़ जताना शुरू कर देगा, जैसा कि चीन सदियों से करता आ रहा है।