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जानिए सेना और अर्धसैनिक बलों में ‘अन्तर’

01 Mar 2019
शान्तिकाल में देश की सुरक्षा के ‘सजग प्रहरी’ हैं अर्धसैनिक बल

MAR 01 (WTN) – पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ़ जवानों के शहीद होने के बाद पूरी देश में बहस छिड़ी थी कि अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी सेना के जवानों की तरह शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ज जवानों की मांग है कि उन्हें पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन दी जाए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्तमान में पुरानी पेंशन योजना के तहत सेना को पेंशन दी जाती है, जबकि साल 2004 से अर्धसैनिक बलों को पुरानी पेंशन सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है।
 
लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि हमारे देश में सेना और अर्धसैनिक बलों में क्या अन्तर है? यदि आप नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं कि इन दोनों में क्या फर्क होता है? सेना का मतलब होता है थल सेना, वायुसेना और नौसेना। सेना के ये तीनों ही अंग रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं और इनके सुप्रीम कमाण्डर राष्ट्रपति होते हैं।
 
भारतीय सेना का मुख्य काम बाहरी खतरों से देश की रक्षा करना है। जंग के समय के अलावा, सेना शान्ति काल में आपात स्थितियों में मदद के लिए बुलाई जाती है। कश्मीर और केरल में आई बाढ़ के समय भारतीय सेना ने अदम्य साहस का परिचय देकर लाखों लोगों की जान बचाई थी।
 
सेना के अलावा भारत की सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बल भी होते हैं जो कि गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं। भारत में बड़ी तादात में अर्धसैनिक बल मौजूद है। अर्धसैनिक बलों के जवान देश के भीतर या सीमा पर शांति के माहौल में मोर्चा सम्भालते हैं। इस समय देश में अर्धसैनिक बलों के जवानों और अधिकारियों की संख्या करीब 10 लाख है। इन अर्धसैनिक बलों के नाम हैं, CRPF, BSF, ITBP, CISF, Assam Rifles, SSB और NSG। अर्धसैनिक बलों का सर्वोच्च अधिकारी डीजी होता है जो कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी होता है।
 
देश में इन सभी अर्धसैनिक बलों का काम बंटा हुआ है। जैसे CRPF को देश के भीतर आतंक और नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनान किया जाता है। सीआरपीएफ़ को चुनाव के दौरान या फ़िर वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान भी तैनात किया जाता है। बीएसएफ यानि कि बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स को पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर ड्यूटी में लगाया जाता है। बीएसएफ सीमा पर तब तैनात रहती है जब माहौल शान्ति का होता है। युद्ध के समय बीएसएफ की जगह सेना सीमा पर मोर्चा सम्भालती है।
 
ITBP यानि कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस को भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात किया जाता है। वहीं असम रायफल्स को मुख्यत असम के उग्रवाद प्रभावित इलाकों में ड्यूटी पर लगाया जाता। जबकि SSB यानि कि सशस्त्र सीमा बल को भारत-नेपाल सीमा पर तैनात किया जाता है। वहीं इन सबसे अलग CISF यानि कि केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान सरकारी उपक्रमों की सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वहीं एनएसजी यानि कि नेशनल सिक्योरिटी गार्ड आतंकी घटनाओं के समय मोर्चा सम्भालते हैं और आतंकियों का खात्मा इनका मुख्य लक्ष्य होता है। एनएसजी के कमाण्डो को आतंकी हमलों से निपटने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।