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व्हाट्सएप के नये फ़ीचर से अब पता चल सकेगा ‘फेक फ़ोटो’ का सोर्स

14 Mar 2019
लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए व्हाट्सएप ला रहा है ‘नया’ पिक इन्वेस्टिगेटिव फ़ीचर 

MAR 14 (WTN) – एक रिपोर्टे के मुताबिक भारत व्हाट्सएप यूज करने के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत में व्हाट्सएप की लोकप्रियता का यह आलम है कि आज भारत के हर दूसरे आदमी के पास उसके स्मार्ट फोन में व्हाट्सएप है। वहीं जैसा कि आप जानते हैं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां पर लोकसभा चुनाव के रूप में दुनिया के सबसे बड़े चुनाव होने जा रहे हैं। ऐसे में यदि आप किसी भी तरह के फेक या एडिटेड फ़ोटो को सेंड कर रहे हैं, जो कि विवादित आ आपत्तिजनक हैं तो जरा सावधान रहें।
 

दरअसल WaBetaInfo से मिली जानकारी के मुताबिक भारत में लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए WhatsApp एक ऐसे फ़ीचर की टेस्टिंग इन दिनों कर रहा है, जिससे यूजर्स को यह पता चल सकेगा कि चैट बॉक्स में आए हुए फ़ोटो की प्रमाणिकता कितनी है। यानि कि WhatsApp के इस नये फ़ीचर से यूजर्स यह पता लगा सकेंगे कि फ़ोटो असली है या फर्जी यानि कि एडिटेड।

 

WaBetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार इस फ़ीचर के आने के बाद यूजर्स को चैट विंडो में 'सर्च इमेज' के नाम से एक अलग टैब दिखेगा और इस टैब को क्लिक करते ही WhatsApp यूजर्स को गूगल ब्राउजर पर ले जाएगा। गूगल ब्राउजर पर जाते ही वहां पर फ़ोटो अपलोड हो जाएगी और इस तरह से यूजर्स को फ़ोटो का सोर्स पता लग जाएगा।
 
वैसे व्हाट्सएप का यह इन्वेस्टिगेटिव फ़ीचर अभी टेस्टिंग मोड में है और इसे कब लॉन्च किया जाएगा इसके बारे में व्हाट्सएप की तरफ से कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी है। लेकिन इतना तो तय है कि इस फ़ीचर के लॉन्च होने के बाद व्हाट्सएप पर तस्वीरों के फ़र्जी होने पर उनके सोर्स का पता चल सकेगा कि वे कहां पर उसका आउटसोर्स था।

 

व्हाट्सएप के इस नये फ़ीचर से फ़ोटो को एडिट करके आपत्तिजनक मैसेज करने वालों पर लगाम लगेगी। यदि कोई भी फ़ोटो फेक या फ़िर आपत्तिजनक है और उसकी शिकायत होती है तो जांच एजेसियां व्हाट्सएप के इस नये फ़ीचर की सहायता से यह पता कर सकेंगी कि विवादित फ़ोटो का आउटसोर्स क्या है।



आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी हाल ही में चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के समय सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वैसे चुनाव आयोग ने वाट्सएप को लेकर कोई विशेष दिशानिर्देश जारी नहीं किये हैं, लेकिन आयोग ने गूगल, यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर के लिए गाइड लाइन जारी कर दिये हैं।