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सवालों के घेरे में राहुल गांधी के ‘आरोप’, अनिल अम्बानी बने मोदी राज में ‘सबसे ज़्यादा’ नुकसान उठाने वाले कारोबारी

26 Mar 2019
क्या प्रधानमंत्री मोदी और अनिल अम्बानी के बीच सांठगांठ के आरोपों को साबित कर पाएंगे राहुल गांधी?

MAR 26 (WTN) – कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समय-समय पर आरोप लगाते रहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनिल अम्बानी को अपने कार्यकाल में नियमों के अलग हटकर व्यवसायिक लाभ पहुंचाया है। राहुल गांधी ही नहीं, विपक्ष के कई नेता भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर इस तरह के आरोप लगाते रहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के कारण अनिल अम्बानी को 30,000 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया गया है। लेकिन यदि आंकड़ों पर नज़र डाली जाए, तो साफ़ होता है कि मोदी राज में यदि सबसे ज़्यादा नुकसान यदि किसी कारोबारी को हुआ है, तो वे हैं खुद अनिल अम्बानी।
 
ऊपर लिखी लाइनें पढ़कर आपको आश्चर्य ज़रूर हुआ होगा, लेकिन यदि प्रधानमंत्री मोदी के शासन (2014-19) का विश्लेषण किया जाए, तो आंकड़े बताते हैं कि मोदी राज में सबसे ज़्यादा नुकसान अगर किसी कारोबारी को हुआ है, तो वो हैं रिलायंस एडीएजी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अम्बानी। वहीं इस दौरान सबसे ज़्यादा फायदे में राहुल बजाज का बजाज ग्रुप रहा है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2014 से 2019 के बीच, सबसे अधिक नुकसान अनिल अम्बानी के ग्रुप को हुआ है, इसके बाद सबसे ज़्यादा नुकसान वाले ग्रुप में नवीन जिंदल, सन फार्मा, भारती और हीरो ग्रुप शामिल है। वहीं फायदे वाले ग्रुप में बजाज के बाद दूसरे नम्बर पर हिन्दुजा ग्रुप और तीसरे नम्बर पर मुकेश अम्बानी शामिल हैं।
 
आंकड़ों से मिली जानकारी के मुताबिक़, पिछले पांच सालों में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते अनिल अम्बानी की सालाना आय में सिर्फ़ 2.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, अनिल अम्बानी का सालाना मुनाफा भी ज़्यादा नहीं सिर्फ़ 6.2 प्रतिशत ही रहा है। कांग्रेस आरोप लगाती रही है कि नरेन्द्र मोदी, अनिल अम्बानी की सहायता करते हैं, यदि ऐसा होता तो अनिल अम्बानी की कम्पनियों के मार्केट कैप में 32.9 प्रतिशत की गिरावट पिछले पांच सालों में दर्ज नहीं की जाती।
 
अनिल अम्बानी पर वित्तीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एरिक्सन को मदद देने के आरोप में जेल जाने से बचने के लिए अनिल अम्बानी को उनके बड़े भाई मुकेश अम्बानी की तरफ़ से 550 करोड़ रुपए की मदद मिली थी, यदि भाई के तौर पर मुकेश अम्बानी, अनिल अम्बानी की मदद नहीं करते, तो अनिल अम्बानी को जेल जाना पड़ सकता था। वहीं अनिल अम्बानी पर बाजार की देनदारियां इतनी हैं कि अपनी कम्पनियों को बेचकर वे पूंजी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
 
आंकड़े साफ़ जाहिर कर रहे हैं कि मोदी राज में अनिल अम्बानी ग्रुप को सबसे ज़्यादा नुकसान उठाना पड़ा है। लेकिन कांग्रेस के आरोप कुछ और ही हैं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समय-समय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाते रहते हैं कि उन्होंने (नरेन्द्र मोदी) अनिल अम्बानी को क़रीब 30,000 करोड़ का लाभ पहुंचाया है। यदि राहुल गांधी के आरोप सही हैं, तो फ़िर इतना बडा आर्थिक लाभ मिलने के बाद भी अनिल अम्बानी ग्रुप को इतना बड़ा नुकसान मार्केट में क्यों उठाना पड़ रहा है, क्या इसका जवाब है कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पास?