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जानिए ईवीएम के बारे में विस्तार से...

01 Apr 2019
गड़बड़ियां रोकने और जल्द चुनाव परिणाम के लिए कारगर है ईवीएम

APR 01 (WTN) – लोकसभा चुनाव में जब आप मतदान करने जाएंगे, तो आप इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के जरिये अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। लेकिन क्या आप ईवीएम यानि कि इलेक्टॉनिक वोटिंग मशीन के बारे में जानते हैं? यदि नहीं जानते हैं तो हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
 

ईवीएम मशीन एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है, जिसका प्रयोग चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मतदान करने के लिए किया जाता है। भारत में ईवीएम का प्रयोग पहली बार नवम्बर 1998 में आयोजित 16 विधान सभाओं के साधारण निर्वाचनों में इस्तेमाल किया गया था। इन 16 विधान सभा निर्वाचन-क्षेत्रों में मध्य प्रदेश की 5, राजस्थान की 5 और दिल्ली की 6 सीटें शामिल थीं।
 

बैलेट पेपर से वोटिंग के दौरान होने वाली गड़बड़ियों और संदेहों से बचने के लिए निर्वाचन आयोग ने वोटिंग के लिए ईवीएम का इस्तेमान करना शुरू किया था, जिसके बाद आज लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में ईवीएम का प्रयोग किया जाता है। जिससे ना केवल गड़बड़ियों पर रोक लगी है बल्कि चुनाव परिणाम भी जल्दी आते हैं।
 

ईवीएम दो तरह की मशीनों से मिलकर बनी हुई एक वोटिंग यूनिट होती है। पहली यूनिट को कन्ट्रोल यूनिट कहते हैं, तो दूसरी यूनिट को बैलेटिंग यूनिट कहा जाता है। चुनाव में प्रेसाइडिंग ऑफिसर के अधीन कंट्रोल यूनिट होती है। मतदान के दौरान जब कोई मतदाता वोट डालने आता है, तो यह अधिकारी बैलेटिंग यूनिट मशीन को कंट्रोल यूनिट मशीन से एक्टिवेट कर देता है, जिसके बाद मतदाता बैलेटिंग यूनिट पर बटन दबाकर अपने चहेते उम्मीदवार को वोट देता है।



आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक ईवीएम में नोटा मिलकर अधिकतम 64 उम्मीदवारों के लिए मतदान किया जा सकता है। एक बैलेटिंग यूनिट में अधिकतम 16 प्रत्याशियों के लिए मत डाले जा सकते हैं। वहीं एक कन्ट्रोल यूनिट से चार से ज़्यादा बैलेट मशीन नहीं जोड़े जा सकती हैं।



एक ईवीएम में ज़्यादा से ज़्यादा 3,840 वोट डाले जा सकते हैं। वहीं भारत में एक मतदान केन्द्र पर 1,500 से ज़्यादा मतदाता वोटिंग नहीं कर सकते हैं। ईवीएम को ऑपरेट करने के लिए बिजली की जरूरत नहीं पड़ती है, और ईवीएम 6 वोल्ट की एल्कलाइन साधारण बैटरी से चलाई जाती है। इसलिए ईवीएम का प्रयोग ऐसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता है जहां पर बिजली की समस्या है।