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जानिए नासा ने क्यों जताई भारत के मिशन शक्ति पर ‘चिंता’?

02 Apr 2019
भारत के मिशन शक्ति से ‘आश्चर्यचकित‘ अमेरिका ने इसे बताया ‘भयावह’

APR 02 (WTN) – भारत में विपक्ष समय-समय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किये गये कामों के सबूत मांगता रहता है, फ़िर चाहे वो सर्जिकल स्ट्राइक हो या फ़िर एअर स्ट्राइक। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की थी कि भारत का मिशन शक्ति सफल रहा है, जिसमें भारत ने अंतरिक्ष में सेटेलाइट को मार गिराने की क्षमता हासिल कर ली है। वैसे तो विपक्ष ने इस बारे में मोदी सरकार से कोई सबूत नहीं मांगे, लेकिन आचार संहिता की आड़ लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार पर जमकर प्रहार किया।

भारत ने मिशन शक्ति में कायमाबी हासिल की है, अब इसकी पुष्टि खुद नासा ने कर दी है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने भारत द्वारा अंतरिक्ष में सेटेलाइट मार गिराने के परीक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए उसे “भयावह” बताया है। नासा ने कहा है कि भारत के ASAT परीक्षण के कारण अंतरिक्ष में 400 टुकड़ों का मलबा फैल गया है और इससे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में अंतरिक्षयात्रियों को नए ख़तरों का सामना करना पड़ सकता है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका खुद इस तरह का परीक्षण कर चुका है, लेकिन तब उसे इन बातों का ध्यान रहा जो वो आज भारत को उपदेश दे रहा है।

नासा प्रमुख जिम ब्रिडेंस्टाइन ने नासा कर्मचारियों को दिए अपने सम्बोधन में भारत के परीक्षण पर चिंता जताई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले सप्ताह भारत लो ऑर्बिट में एक सेटेलाइट को मार गिराने के बाद दुनिया की अंतरिक्ष महाशक्तियों में शामिल हो गया था। भारत से पहले रूस, अमेरिका और चीन को ही यह क्षमता हासिल थी।
 
नासा के मुताबिक़, मिसाइल से मार गिराए गए सेटेलाइट के सारे टुकड़े इतने बड़े नहीं थे कि उन्हें ट्रैक किया जा सके। लेकिन नासा के अनुसार वे जिन टुकड़ों को ट्रैक कर रहे हैं उनका आकार ट्रैकिंग के लिए पर्याप्त है। नासा के मुताबिक़, 10 सेंटीमीटर या उससे बड़े आकार के कऱीब 60 टुकड़े ट्रैक किये गये हैं।

जैसा कि आप जानते हैं कि भारत ने अपने सेटेलाइट को 300 किमी की कम ऊंचाई पर मार गिराया था, जबकि इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) और अन्य जरूरी सेटेलाइट इससे ज्यादा ऊंचाई के ऑर्बिट में मौजूद हैं। इधर नासा का कहना है कि 24 टुकड़े ऐसे हैं जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की एपोजी (सबसे दूरस्थ बिंदु) से ऊपर जा रहे हैं।

नासा के मुताबिक़ यह बहुत ही ज्यादा खतरनाक स्थिति है, जिसमें अवशेष एपोजी से ऊपर जा रहे हैं, और इस तरह की गतिविधियां भविष्य में इंसानों की स्पेसफ्लाइट के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी सेना अंतरिक्ष में हर एक चीज को ट्रैक करती है और उनके ISS व दूसरी सेटेलाइट से टकराने के खतरे की भविष्यवाणी करती है। इस समय अंतरिक्ष में 10 सेंटीमीटर से ज्यादा बड़े क़रीब 23,000 टुकड़ों को ट्रैक किया गया है।
 
इन 23,000 टुकड़ों में से क़रीब 10,000 टुकड़े अंतरिक्ष कचरा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2007 में चीन के ASAT परीक्षण से ही करीब 3,000 टुकड़े अंतरिक्ष में फैल गए थे। नासा के अनुसार, भारतीय परीक्षण के बाद ISS से टक्कर का खतरा पिछले 10 दिनों में 44 प्रतिशत तक बढ़ गया है। हालांकि, नासा के मुताबिक  जैसे-जैसे यह वातावरण में प्रवेश करने के साथ जलेगा, उसके साथ खतरा कम होता जाएगा।