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‘सोशल मीडिया सिपाहियों’ के दम पर एक बार फ़िर से लोकसभा चुनाव फतेह करने की तैयारी में भाजपा

04 Apr 2019
भाजपा: सोशल मीडिया के ज़रिये होगा पार्टी की नीतियों का प्रचार-प्रसार

APR 04 (WTN) – लोकसभा चुनाव के लिए केन्द्र में सत्ताधारी भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दल अपने-अपने तरीक़े से चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। बात करें मध्य प्रदेश की, तो विधानसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा ने लोकसभा चुनाव में जीत के लिए एक बार फ़िर से अपनी डिजिटल आर्मी यानि कि आईटी कार्यकर्ताओं को मैदान में उतार दिया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव को जीतने के लिए भाजपा ने सोशल मीडिया का बेहतरीन तरीक़े से उपयोग किया था, जिसका भाजपा को फायदा मिला और भाजपा पहली बार किसी लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल कर सकी थी। वहीं मध्य प्रदेश की बात करें तो पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने मध्य प्रदेश की 29 में से 27 सीटों पर जीत हासिल की थी।

लोकसभा चुनाव में इस बार फ़िर से मध्य प्रदेश में ज़्यादा से ज़्यादा सीटें जीतने के लिए भाजपा ने हर लोकसभा सीट पर प्रभारियों से लेकर बूथ प्रभारी तक, 76 हज़ार से ज़्यादा डिजिटल योद्धा तैनात किये हैं। जिनका काम होगा भाजपा की उपलब्धियों का प्रचार प्रसार करना और कांग्रेस की तरफ़ से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देना। भाजपा का मक़सद है कि साइबर सेल के कार्यकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से ज़्यादा से ज़्यादा युवा वोटर्स को अपने ओर आकर्षित कर सकें।

जानकारी के मुताबिक़, भाजपा ने हर लोकसभा सीट पर 20 साइबर योद्धा तैनात किये हैं, जिनकी प्रदेश में कुल संख्या 580 होती है। इसी तरह हर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा आईटी सेल के 10-10 कार्यकर्ता तैनात रहेंगे, जिनकी कुल संख्या 2,300 हो जाएगी। वहीं राज्य के 835 मण्डलों में भी दस-दस भाजपा आईटी कार्यकर्ता तैनात रहेंगे, इस तरह पूरे राज्य के मण्डलों में कुल 8,350 साइबर योद्धा तैनात रहेंगे।

वहीं मध्य प्रदेश में यदि पोलिंग बूथ की बात करें, तो राज्य में क़रीब 65,367 पोलिंग बूथ हैं। भाजपा लोकसभा चुनाव में अपनी रणनीति के तहत हर पोलिंग बूथ पर एक-एक साइबर योद्धा तैनात करने जा रही है। जिसकी जिम्मेदारी होगी कि वो अपने बूथ लेबल के मतदाताओं तक भाजपा की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करे।

यानि कि यदि संख्या पर गौर करें, तो लोकसभा क्षेत्र प्रभारियों से लेकर बूथ स्तर प्रभारी तक भाजपा के 76,597 आईटी सेल कार्यकर्ता तैनात रहेंगे जो कि लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के लिए डिजिटल तरीक़े से प्रचार करेंगे।
 
भाजपा सोशल मीडिया पर इतना जोर इसलिए दे रही है क्योंकि यदि आंकड़ों पर नज़र डाली जाए, तो मध्य प्रदेश में क़रीब 1.25 करोड़ फेसबुक यूजर्स हैं। साथ ही वहीं ट्विटर पर 5 लाख लोग सक्रिय हैं। लेकिन बात करें सबसे कॉमन मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप की, तो व्हाट्सएप पर क़रीब 3 करोड़ लोग सक्रिय हैं। भाजपा का मक़सद है कि इन्हीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये हर मोबाइल तक पहुंच बनाकर पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाया जाए।

एक समय चुनाव प्रचार का वो दौर था जब लाउड स्पीकर और पैम्पलेट के जरिये पार्टियां अपनी बात लोगों तक पहुंचाती थीं। लेकिन डिजिटल क्रांति के बाद हर हाथ में मोबाइल आने के कारण अब चुनाव प्रचार भी डिजिटल तरीके से होने लगा है। ऐसे में सभी पार्टियां फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचा रही हैं। अब देखना होगा कि कौन सी पार्टी की सोशल मीडिया टीम ज़्यादा से ज़्यादा सीटों पर अपनी पार्टी को जीत दिला सकती है।