HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

भारत में पाबंदी के बाद टिक टॉक ने लिया ‘बड़ा फैसला’!

20 Apr 2019
आने वाले तीन सालों में भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी टिक टॉक की मालिकाना कम्पनी बाइटडांस
 
APR 20 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि छोटे वीडियो बनाने में मददगार मोबाइल ऐप टिक टॉक पर मद्रास हाईकोर्ट ने प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट गया लेकिन वहां पर भी पाबंदी लागू रही। इस सबके बाद गूगल और एप्पल ने इसे अपने-अपने ऐप स्टोर से हटा दिया था।

 

लेकिन इतना होने के बाद भी टिक टॉक की मालिकाना कम्पनी बाइटडांस का कहना है कि वह भारत में टिक टॉक पर पाबंदी से चिन्तित नहीं है। जानकारी के मुताबिक़, इस चीनी कम्पनी ने पाबंदी के बाद भी भारतीय बाज़ार के प्रति उत्साह दिखाया है और अगले तीन सालों में यह कम्पनी भारत में एक अरब डॉलर यानि कि 6.900 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।



आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाइटडांस को दुनिया के सबसे ज़्यादा क़ीमती स्टार्टअप में से एक माना जाता है। साफ्टबैंक, जनरल एटलांटिक और केकेआर जैसे निवेशक उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हैं। बाइटडांस कम्पनी के ही हेलो और वीगो वीडियो ऐप हैं जो कि भारत में काफ़ी लोकप्रिय हैं।



भारत में टिक टॉक पर फिलहाल पाबंदी लगने के बाद बाइटडांस कम्पनी का कहना है कि वे मौजूदा गतिविधियों से काफ़ी दुखी हैं। वहीं कम्पनी को आशा है कि जल्द ही इस सारे मामले को सुलझा लिया जाएगा। कम्पनी का कहना है कि वे भारतीय यूजर्स के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनके लिए काम करते रहेंगे।



इधर बाइटडांस कम्पनी आने वाले तीन सालों में भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या में इजाफा करेगी और साल के आखिरी तक इनकी संख्या 1,000 करने का कम्पनी का प्लान है। वहीं आने वाले तीन सालों में कम्पनी भारत में एक अरब डॉलर निवेश करने की योजना पर भी काम कर रही है।



आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टिक टॉक ऐप अपने यूजर्स को छोटी अवधि के वीडियो बनाने और उसे साझा करने की सुविधा देता है। धीरे-धीरे यह ऐप भारत में इतना लोकप्रिय हुआ कि इसके आज भारत में 12 करोड़ से ज्यादा सक्रिय यूजर्स हैं। हालांकि टिक टॉक ऐप डाउनलोड करने पर अभी पाबंदी लगी है, लेकिन जिनके स्मार्टफोन में पहले से टिक टॉक ऐप मौजूद है वे इसे अभी यूज कर सकते हैं।



टिकटॉक के ख़िलाफ़ एक याचिका दायर होने के बाद मद्रास उच्च न्यायालय ने तीन अप्रैल को केन्द्र सरकार को टिक टॉक ऐप पर पाबंदी लगाने का निर्देश दिया था। अपने आदेश में मद्रास हाई कोर्ट ने कहा था कि लोगों की शिकायतें हैं कि इस ऐप के जरिये अश्लील और अनुचित सामग्री शेयर की जा रही है।



मद्रास हाईकोर्ट द्वारा टिक टॉक पर पाबंदी लगाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जहां सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद गूगल और एप्पल ने अपने-अपने ऐप स्टोर से टिक टॉक को हटा दिया था, ताकि उसे डाउनलोड ना किया जा सके। टिक टॉक ऐप पर पाबंदी मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में और 24 अप्रैल को मद्रास हाईकोर्ट में होगी।



अब देखना होगा कि कोर्ट की अगली सुनवाई में क्या कुछ फ़ैसला आता है। टिक टॉक पर पाबंदी लगने के मामले में कुछ लोगों का तर्क है कि अश्लील सामग्री बनाने और उसे शेयर करने का काम टिक टॉक के यूजर्स कर रहे हैं ऐसे में कम्पनी का कुछ भी दोष नहीं है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ़ कुछ लोगों का कहना है कि कम्पनी अपनी जिम्मेदारी से दूर नहीं भाग सकती है और यदि टिक टॉक के जरिये अश्लील वीडियो बन रहे हैं और शेयर हो रहे हैं तो उसे रोकने का उपाय करना कम्पनी का दायित्व है।