जानिए सोने के गहनों की ख़रीदी के लिए सरकार बना रही है कौन सा नया नियम?
APR 27 (WTN) – सोना ख़रीदना किसे अच्छा नहीं लगता। ख़ासतौर से महिलाओं को सोने के जेवरात ख़रीदने में काफ़ी सकून मिलता है। पुरानी कहावत है कि बुरे वक़्त में सोना ही काम आता है। दुनिया में सोने की सबसे ज्यादा खपत भारत में ही होती है। शादी से लेकर ख़रीददारी के शुभ मुहूर्त के समय में भारत में सोने की जमकर ख़रीदी होती है।
वैसे सोने की ख़रीदी के समय उसकी शुद्धता जांचने के लिए आप उस पर हॉलमार्क का निशान तो जरूर देखते ही होंगे। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक सिर्फ़ 14,18 और 22 कैरेटे सोने के जेवरातों के लिए ही हॉलमार्किंग अनिवार्य थी। जानकारी के मुताबिक़ अब सरकार 20 कैरेट की गहनों और 24 कैरेट के बुलियने के लिए भी हॉलमार्किंग को जरूरी बनाने जा रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय 20 कैरेट सोने के जेवरात और 24 कैरेट बुलियन की हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने की तैयारी में है। अनिवार्य हॉलमार्किंग के नियमों को नोटिफाई करने की तैयारी भी पूरी हो गई है। इसके लिए डीआईपीपी और नीति आयोग को अपने सुझाव 30 अप्रैल तक देने होंगे। अगर दोनों की तरफ से सुझावों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता है, तो ये नये नियम 7 मई यानी कि अक्षय तृतीया से पहले लागू हो सकते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें इससे सम्बन्धित ड्रॉफ्ट सरकार ने नवम्बर के महीने में जारी किया था, जिसके बाद फरवरी में सभी स्टेकहोल्डर के साथ बैठक भी की थी। डॉफ्ट में 16, 18, 20 और 22 कैरट की ज्वेलरी के साथ 24 कैरेट बुलियन की हॉलमार्क अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
दरअसल, बीआईएस हॉलमार्किंग सोने के साथ चांदी की शुद्धता को प्रमाणित करने की एक प्रणाली है। बीआईएस का चिह्न प्रमाणित करता है कि गहना भारतीय मानक ब्यूरो के स्टैंडर्ड पर खरा उतरता है। इसलिए हमारी आपको सलाह है कि सोने के जेवरात खरीदने से पहले सुनिश्चित करें कि आभूषणों में बीआईएस हॉलमार्क है कि नहीं?
वैसे अगर सोने के गहनों पर हॉलमार्क का निशान लगा है तो इसका मतलब है कि उसकी शुद्धता प्रमाणित है। लेकिन देखा गया है कि कई ज्वैलर्स बिना जांच प्रकिया पूरी किए बिना ही हॉलमार्क का निशान लगा देते हैं। अब आप जब भी सोने के गहने ख़रीदने जाएं तो यह जरूर ध्यान में रखें कि उस पर लगा हॉलमार्क का निशान असली है कि नहीं? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि असली हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान लगा होता है।
हॉलमार्क निशान लगने के बाद आप को पता चल जाता है कि सोने का जो गहना आपने ख़रीदा है उसमें सोने की शुद्धता कितनी है? हॉलमार्क के निशान में ही ज्वैलरी निर्माण का वर्ष और उत्पादक का लोगो भी लगा होता है। सोने के गहने ख़रीदने पर उसमें लगे हॉलमार्क के निशान पर यदि आपको संदेह है, तो आप किसी हॉलमार्किंग सेंटर पर जाकर गहने की जांच करा सकते हैं। देश भर में 700 हॉलमार्किंग सेंटर हैं और इन सेन्टर्स की जानकारी आपको बीआईएस की वेबसाइट से मिल जाएगी।