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प्रसिद्ध मानवविज्ञानी, प्रो. आन्नदा चरण भगवती मानव संग्रहालय लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित

04 May 2019

भोपाल 3  मई: प्रख्यात सामाजिक वैज्ञानिक और मानवविज्ञानी, प्रो अन्नदा चरण भगवती को मानव विज्ञान और संग्रहालय के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए आज इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (IGRMS) के लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। गुवाहाटी विश्वविद्यालय में मानव विज्ञान विभाग के सहयोग से आयोजित इस पुरस्कार समारोह के मुख्य अतिथि, डॉ. मृदुल हज़ारिका, (कुलपति, गुवाहाटी विश्वविद्यालय), प्रो. विनय कुमार श्रीवास्तव (निदेशक, भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण, कोलकाता) एवं संग्रहालय के निदेशक, प्रो. सरित कुमार चौधुरी के द्वारा प्रो. भगवती 5 लाख रुपये की नकद राशि तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रो. चौधुरी ने बताया कि प्रो. भगवती, राजीव गांधी विश्वविद्यालय, अरुणाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और गुवाहाटी विश्वविद्यालय के मानव विज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर रह चुके है। वे विगत 50 वर्षों से एक क्षेत्रीय मानवविज्ञानी के रूप में शिक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं। ऑकलैंड, न्यूज़ीलैंड विश्वविद्यालय में अपने डॉक्टरेट के दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड के आदिवासी“मोरिस” पर काफी अनुसंधान किया है।



इस अवसर पर प्रो. अब्दुल्ला अली अशरफ़ (विभागाध्यक्ष, मानवशास्त्र विभाग, गुवाहाटी विश्वविद्यालय), दिलीप सिंह, (संयुक्त निदेशक, मानव संग्रहालय) उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रो. सार्थक सेनगुप्ता, प्रो. दिलीप मेधी, प्रो. इरशाद अली, डॉ. रिचा नेगी, प्रो. मिनी भट्टाचार्य एवं गणमान्य व्यक्तियों ने प्रो अन्नदा चरण भगवती के साथ बिताये पलों एवं अनुभवों को साझा किया।

वार्षिक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय (IGRMS)के लाइफटाइम अचीवमेंट (मानव विज्ञान और संग्रहालय) पुरस्कार प्रत्येक वर्ष विद्वान / शिक्षाविद को उनके मानवशास्त्रीय अनुसन्धान, क्षेत्रकार्य के दौरान समय और स्थान के अनुरूप मानव जाति की कहानी का चित्रण एवं शिक्षण के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान करने के लिए प्रदान किया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति की विविध पक्षों में अंतर्निहित एकता को प्रस्तुत और संरक्षित करने के लिए अनुसंधान और संग्रहालय के संचालन के क्षेत्र में अकादमिक/प्रबंधकीय उत्कृष्टता को समृद्ध करने के लिए विद्वानों / शिक्षाविदों में उत्साह बढाना है। - Window To News