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भाजपा की ‘डिजिटल रणनीति’ के सामने ‘फेल’ हुआ विपक्ष, एग्ज़िट पोल में एनडीए सरकार बनने की ‘भविष्यवाणी’!

20 May 2019
भाजपा ने सोशल मीडिया पर दी विपक्षियों को ‘मात’!

MAY 20 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि लोकसभा चुनाव के नतीज़े 23 मई को घोषित होने वाले हैं, लेकिन एग्ज़िट पोल पर नज़र डाली जाए तो देश में एक बार फ़िर से भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनती दिख रही है। एग्ज़िट पोल के मुताबिक़ नरेन्द्र मोदी एक बार फ़िर से देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। यदि एग्ज़िट पोल की भविष्यवाणी सही साबित होती है, तो कहा जा सकता है कि भाजपा, देश के मतदाताओं के बीच अपनी बात पहुंचाने में कामयाब रही।

एक समय था जब देश में चुनाव प्रचार लाउड स्पीकर और पैम्पलेट से होता था, लेकिन अब समय के साथ बदलाव आया है और चुनाव प्रचार सोशल मीडिया पर होने लगा है। देश में डिजिटल क्रान्ति आने के बाद आज लगभग हर किसी के पास मोबाइल फ़ोन है। ऐसे में राजनीतिक दल भी अब सोशल मीडिया पर ज़्यादा चुनाव प्रचार कर रहे हैं। तमाम राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार पर नज़र डाली जाए, तो साफ़ ज़ाहिर होता है कि भाजपा ने इसका सबसे शानदार तरीक़े से इस्तेमाल किया है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में राजनीतिक दलों ने इस साल फरवरी से लेकर लोकसभा चुनाव में मतदान ख़त्म होने तक, फेसबुक और गूगल जैसे डिजिटल प्लेटफार्म पर प्रचार के लिए 53 करोड़ रुपये ख़र्च किये। डिजिटल प्लेटफार्म में प्रचार में भाजपा की हिस्सेदारी सबसे ज़्यादा रही। फेसबुक की विज्ञापन से जुड़ी सूचना के मुताबिक़, इस साल फरवरी की शुरुआत से 15 मई तक उसके मंच पर 1.21 लाख राजनीतिक विज्ञापन चले। इन विज्ञापनों पर राजनीतिक दलों ने 26.5 करोड़ रुपये खर्च किए।

वहीं बात करें गूगल, यूट्यूब और उसकी सहायक कम्पनियों की, तो इन पर 19 फरवरी से 15 मई तक 14,837 विज्ञापनों पर राजनीतिक पार्टियों ने 27.36 करोड़ रुपये खर्च किए। एग्ज़िट पोल के अनुसार फ़िर से सत्ता में वापसी कर रही भाजपा ने फेसबुक पर 2,500 से अधिक विज्ञापनों पर 4.23 करोड़ रुपये खर्च किए।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 'माय फर्स्ट वोट फॉर मोदी', 'भारत के मन की बात' और 'नेशन विद नमो' जैसे फेसबुक पेज ने भी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर विज्ञापनों पर चार करोड़ रुपये खर्च किए। सर्चिंग इंजन गूगल के प्लेटफार्म पर भाजपा ने 17 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये। वहीं सत्ता से दूर कांग्रेस ने फेसबुक पर 3,686 विज्ञापनों पर 1.46 करोड़ रुपये खर्च किए, तो गूगल पर 425 विज्ञापनों पर कांग्रेस पार्टी का खर्च 2.71 करोड़ रुपये रहा।

भाजपा ने समय के साथ खुद को बदला, जिसके बाद पार्टी ने हमेशा से ही सोशल मीडिया के ज़रिये मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। कहा जा रहा है कि भाजपा की यह कोशिश सफल होती दिख रही है, क्योंकि एग्ज़िट पोल के मुताबिक़ एक बार फ़िर से भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बन रही है। भाजपा ने अपने आईटी सेल के माध्यम से लोगों तक यह बात पहुंचाने की कोशिश की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार मुक्त सरकार दी है, और भाजपा सरकार ने आतंकवाद से कोई भी समझौता नहीं किया है।

वहीं भाजपा ने सोशल मीडिया के ज़रिये पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर भी जमकर कटाक्ष किया। भाजपा ने योजनाबद्ध तरीक़े से अपने विरोधियों की नाकामियों को जनता के सामने रखा। सत्तारूढ़ भाजपा ने सोशल मीडिया पर ना केवल विज्ञपानों के ज़रिये, बल्कि पार्टी से जुड़े तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपने तथ्यों को इतने बेहतरीन तरीक़े से पेश किया कि इसका बहुत सकारात्मक असर भाजपा के पक्ष में देश की जनता पर पड़ा। इसी असर के कारण एग्ज़िट पोल दर्शा रहे हैं कि एक बार फ़िर से देश में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार बन रही है।