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​तैयार रहें, क्योंकि महंगा हो सकता है पेट्रोल और डीज़ल!

25 May 2019
ईरान से कच्चे तेल का आयात बंद, पेट्रोल और डीज़ल के दामों में लग सकती है ‘आग’!

MAY 25 (WTN) – जल्द ही भारत में पेट्रोल और डीज़ल महंगा हो सकता है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि भारत ने ईरान और वेनेजुएला जैसे तेल निर्यात करने वाले दोनों ही देशों से कच्चा तेल ख़रीदना बंद कर दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका के ईरान पर लगे प्रतिबंधों से मिली छूट की अवधि इस महीने की शुरुआत में ही समाप्त हो गई है। छूट समाप्त होने के बाद भारत ने ईरान से कच्चा तेल ख़रीदना बंद कर दिया है।
 
भारत के समेत 8 अन्य देश हैं जिन्होंने ईरान से कच्चा तेल ख़रीदना बंद कर दिया है। यानी कि भारत के अलावा इन देशों में भी पेट्रोल और डीज़ल महंगा होने के आसार हैं। दरअसल, अमेरिका ने ईरान के साथ परमाणु समझौते से खुद को अलग करने के बाद उसके ख़िलाफ़ कई आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका ने भारत समेत आठ देशों को ईरान से कच्चा तेल ख़रीदने पर प्रतिबंधों से छूट दी थी। अमेरिका द्वारा दी गई छूट की समय सीमा मई महीने के शुरुआत में ख़त्म हो गई है। भारत ने अप्रैल के महीने में ही ईरान से ख़रीदे जाने वाले कच्चे तेल की मात्रा को क़रीब 2.5 अरब टन से घटाकर एक अरब टन कर दिया था, और अब ईरान से कच्चे तेल आयात को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

इधर वेनेजुएएला के सोशलिस्ट राष्ट्रपति निकोलस मदुरो पर सत्ता छोड़ने का दबाव बनाने की कोशिश के तहत अमेरिका ने इसी साल जनवरी में वेनेजुएला के कच्चा तेल उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वेनेजुएला पर लगातार दबाव बना रहे हैं कि वहां के राष्ट्रपति मदुरो अपने पद से इस्तीफा दे दें।
 
वैसे इधर अमेरिका ने जब से ईरान पर प्रतिबंध लगाया है, उसके बाद भारत समेत कई देशों ने ईरान से कच्चा तेल लेना बंद कर दिया है लेकिन इसके बाद अमेरिका को भी इसकी क़ीमत चुकानी पड़ रही है। अमेरिका का मानना है कि ईरान से कच्चे तेल की सप्लाई बंद होने से वैकल्पिक स्रोत की तलाश करना ज़रूरी है।

भारत अपनी तेल ज़रूरतों का 12 प्रतिशत हिस्सा ईरान से ख़रीदता है। अब जबकि ईरान के अलावा वेनेजुएला से भी भारत को कच्चा तेल मंगाना बंद करना पड़ा है, तो ऐसे में स्वाभाविक है कि भारत में पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ेंगे। अमेरिकी प्रतिबंध से पहले ईरान से भारत क़रीब 25 मिलियन टन कच्चा तेल ख़रीदता था, लेकिन प्रतिबंधों के बाद पिछले कुछ महीनों में 1.25 मिलियन टन ख़रीदी ही प्रति माह रह गई थी।

ईरान और वेनेजुएला से कच्चा तेल ख़रीदना बंद करने के बाद भारत को दूसरे देशों से उनकी शर्तों पर महंगा तेल ख़रीदना पड़ेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईरान से तेल ख़रीदने का भारत को यह फ़ायदा था कि वो भुगतान के लिए 60 दिनों का समय देता था, वहीं ईरान भारतीय रुपयों में भुगतान के लिए तैयार था।

ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद इंटरनेशनल मार्केट में कच्चा तेल महंगा होने का असर भारत पर सीधे-सीधे पड़ेगा, और कच्चा तेल महंगा होने पर पेट्रोल और डीज़ल महंगे होंगे। कहा जा रहा है कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम में 5 से 7 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दीवाली तक हो सकती है। यदि डीज़ल के दाम बढ़ते हैं तो स्वाभाविक है कि ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा, और ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से महंगाई बढ़ेगी। यानी कि साफ़ है कि ईरान और वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात बंद होने से भारत को निकट भविष्य में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।