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एक बड़े बदलाव की ओर भारतीय बैंकिंग व्यवस्था!

06 Jun 2019
RTGS-NEFT से पैसा ट्रांसफर करने पर हटेगा चार्ज, फ्री हो सकती है एटीएम से पैसों की निकासी
 
JUNE 06 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि एटीएम से पैसा निकलने के लिए रिज़र्व बैंक और बैंकों के कुछ नियम हैं। अपनी बैंक से या किसी अन्य बैंक से निश्चित सीमा के बाद पैसा निकालने पर आपको चार्ज देना पड़ता है। बैंकों द्वारा इस तरह के चार्ज का कई बार ग्राहकों ने विरोध भी किया है लेकिन यदि हम आपसे कहें कि आने वाले समय में किसी भी एटीएम से कितनी भी बार पैसे निकालने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, तो आप सोच में पड़ गये होंगे।

सबसे पहले आपको बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने आम लोगों को राहत देते हुए RTGS-NEFT से पैसा ट्रांसफर करने पर लगने वाले चार्ज को हटाने का फ़ैसला किया है। RBI ने बैंकों को कहा है कि इसका पूरा फायदा ग्राहकों को देना वे सुनिश्चित करें। यानि कि साफ़ है कि ग्राहक अब बैंकों की ओर से RTGS और NEFT में वसूले जाने वाले चार्जेस नहीं चुकाएंगे। ऐसे में RTGS और NEFT करना सस्ता हो जाएगा।
 
वहीं आरबीआई ने संकेत दिये हैं कि हो सकता है कि अगले दो महीनों में ATM से बिना किसी ट्रांजेक्‍शन चार्ज के ग्राहक पैसे निकाल सकेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तीन दिनों तक चली आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा बैठक के बाद एक कमेटी के गठन का फैसला लिया गया है। यह कमेटी बैंक एटीएम से ट्रांजेक्‍शन पर लगने वाली फीस और चार्ज की समीक्षा करेगी, जिसकी मांग काफ़ी समय से की जा रही थी।

आरबीआई द्वारा गठित यह कमेटी बताएगी कि बैंक एटीएम से ट्रांजेक्‍शन पर लगने वाले चार्ज का ग्राहकों पर आख़िर क्‍या असर पड़ रहा है। आरबीआई की तरफ़ से इस बारे में कहा गया है कि एटीएम का उपयोग बढ़ने के कारण पिछले कुछ समय से एटीएम से जुड़ी फीस और चार्ज में बदलाव की मांग हो रही है, औऱ इसी मुद्दे को सुलझाने के लिए ही कमेटी बनाने का फैसला लिया गया है। रिज़र्व बैंक की इस कमेटी के चेयरमैन इंडियन बैंक एसोसिएशन के सीईओ होंगे।

जैसा कि आप जानते हैं कि निश्चित सीमा के बाद बैंक एटीएम से पैसे निकालने पर चार्ज लगता है। इतना ही नहीं, बैंक एक दूसरे का एटीएम उपयोग करने के लिए भी एटीएम इंटरचेंज फीस लेते हैं। अब कमेटी की सिफ़ारिशों का इंतज़ार करना होगा कि कमेटी क्या सिफ़ारिशें इस बारे में देती है। यदि बैंकों की सहमति से आरबीआई एटीएम चार्ज भी ख़त्म करती है, तो इससे ग्राहकों को काफ़ी लाभ मिलेगा।  

दरअसल, आरबीआई के इस कदम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया मुहिम का एक हिस्सा माना जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि देश में नकद ट्रांजेक्शन कम से कम हो ताकि काले धन पर लगाम लग सके और सरकार को पता लग सके कि कहां पर कितना पैसा खर्च किया जा रहा है। RTGS-NEFT में लगने वाले चार्ज को खत्म करना भी इसी नीति का एक हिस्सा हो सकता है कि लोग ज़्यादा से ज़्यादा नेट बैंकिंग का उपयोग करें। वहीं यदि एटीएम चार्ज ख़त्म होता है तो इससे आम लोगों को काफ़ी राहत मिलेगी। लेकिन बैंकों की तरफ़ से इसका विरोध हो सकता है कि इस तरह के चार्ज खत्म करने से उन्हें एटीएम के परिचालन में घाटा उठाना पड़ सकता है।