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हृदय के लिए योग’ को केंद्र में रखकर मनाया गया मानव संग्रहालय में योग दिवस

21 Jun 2019

’योग अनुशासन है, समर्पण हैं, और इसका पालन पूरे जीवन भर करना होता है - प्रो. सरित कुमार चौधरी 

भोपाल 21 जून 2019 :  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल में आदर्श योग आध्यात्मिक शिक्षण जनकल्याण समिति, भोपाल के सहयोग से योग पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन संग्रहालय के पुस्तकालय सभागार में किया गया। इस अवसर पर संग्रहालय के निदेशक, प्रो. सरित कुमार चौधरी उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा इस वर्ष के कार्यक्रम के लिए मुख्य विषय ’हृदय के लिए योग’ रखा गया है। लोगों को हृदय को मजबूत बनाए रखने और इसकी बीमारियों को दूर रखने के लिए योग के महत्व को बताया जा रहा है। योग अनुशासन है, समर्पण हैं, और इसका पालन पूरे जीवन भर करना होता है. योग सबका है और सब योग के हैं।  तत्पश्चात, प्रो. चौधुरी ने संग्रहालय में दिनांक 24 जून 2019 से आयोजित संग्रहालय कर्मियों हेतु 15 दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यशाल की घोषणा की एवं कार्यशाला के उद्देश्य को विस्तार से बताया।



योगाचार्य डॉ. फूलचंद जैन ‘‘योगीराज (योग गुरु, आदर्श योग आध्यात्मिक शिक्षण जनकल्याण समिति, भोपाल ) ने संग्रहालय के पुस्तकालय में ’हृदय के लिए योग’ पर संक्षिप्त व्याख्यान दिया एवं योग प्रोटोकॉल के अनुसार संग्रहालयकर्मियों को योग के विभिन्न आसनों का आभ्यास दिया। इसके बाद इसी संस्थान की सुषमा चांदेकर ने योग प्रशिक्षक के तौर पर पदहास्तासन, अर्ध्द चक्रासन, त्रिकोणासन, वज्रासन, ताड़ासन, वृक्षासन, अर्ध्द उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, शशांकासन, उत्तानमण्डुकासन, वक्रासन, भुजंगासन, सेतुबंदासन, शलभासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, मकरासन, भद्रासना, वृध्द कोनासन, पवन मुक्तासन, शवासन, तत्पश्चात निम्न प्राणायाम नदी शोधाना, शीताली प्राणायाम, ब्रह्मारी प्राणायाम, कापलभाती, ध्यान आदि का प्रशिक्षण दिया एवं साथ ही साथ उपरोक्त आसन से होने सुप्रभाव के बारे में भी बताया।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए संग्रहालय संयुक्त निदेशक, दिलीप सिंह ने संग्रहालय में 21 जून के दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए चुनने की भी एक खास वजह है। दरअसल यह दिन उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन है, जिसे ग्रीष्म संक्रांति भी कह सकते हैं। भारतीय संस्कृति के दृष्टिकोण से, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है और सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में बहुत लाभकारी है। इसी कारण 21 जून का दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए निर्धारित किया गया था। इस हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिनांक 27 सितंबर 2014 को दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। इसके उपरांत महासभा ने दिनांक 11 दिसंबर 2014 को यह ऐलान किया कि 21 जून का दिन दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जिसके बाद दुनिया भर के लोग हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाते हैं।

इस अवसर पर निदेशक द्वारा  सुषमा चांदेकर को संग्रहालय के प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित दिया। तत्पश्चात सभी योग करने वाले प्रतिभागियों को संग्रहालय की ओर से पौष्टिक स्वल्पाहार दिया गया। कार्यक्रम का संचालन  दीपक चौधरी (संरक्षण एसोसिएट) द्वारा किया गया है। इस अवसर पर  महेश जैन (अध्यक्ष, आदर्श योग आध्यात्मिक शिक्षण जनकल्याण समिति, भोपाल) सहित बड़ी संख्या में संग्रहालय कर्मी उपस्थित थे।