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परमाणु क्षमता बढ़ाने में लगा है आर्थिक रूप से बदहाल हो चुका पाकिस्तान!

20 Jul 2019
दो वक़्त का खाना भी पाकिस्तान में ग़रीबों को नहीं हो रहा नसीब; इमरान ख़ान सरकार के ख़िलाफ़ बढ़ा आक्रोश

JULY 20 (WTN) – पूरी दुनिया यह जानती है कि पाकिस्तान की सरकार वहां की सेना के साथ मिलकर भारत में आतंकी गतिविधियों को फ़ैलाने में लगी रहती है। भारत में हुए लगभग हर आतंकी हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े पाए गये हैं। इसी साल पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद कूटनीतिक के तहत मोदी सरकार ने पाकिस्तान की चारों तरफ़ से ऐसी घेराबंदी की है जिसके बाद पाकिस्तान के लोगों को दो जून की रोटी मिलना मुश्किल हो गया है। लेकिन इतना होने के बाद भी पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार अपने नागरिकों को दो वक़्त का खाना मुहैया कराने के बजाय सैन्य ताक़त बढ़ाने में लगी हुई है।
 
भारत सरकार की कूटनीति और पाकिस्तान की बदहाल आर्थिक स्थिति के कारण पाकिस्तान में महंगाई दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है। लगातार गिरती अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई के कारण पाकिस्तान में बेरोज़गारी भी उसी हिसाब से बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के जानकारों का मानना है कि जब से इमरान ख़ान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने हैं, तभी से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार ख़राब हो रही है। लेकिन इतना सब होने के बाद भी इमरान ख़ान बस पूर्ववर्ती सरकारों को दोष देकर ख़ुद को पाक साफ़ बता रहे हैं।
 
जानकारों के मुताबिक़, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के कई फ़ैसलों से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इमरान ख़ान सरकार अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमफ) से कड़े आर्थिक शर्तों पर बैल आउट पैकेज ले रही है, जिसके बाद पाकिस्तान में आम ज़रूरतों की वस्तुएं क़रीब 30 प्रतिशत महंगी हो जाएंगी। इमरान ख़ान सरकार के इसी फ़ैसले के ख़िलाफ़ पाकिस्तान में धीरे-धीरे आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। कुछ दिनों पहले पाकिस्तान के व्यापारियों ने आईएमएफ से लिये जाने वाले कर्ज़ और उसकी कड़ी शर्तों के ख़िलाफ़ एक बड़ी हड़ताल की थी, जिसका पूरे पाकिस्तान में बहुत बड़ा असर देखा गया था।

जैसा कि हमने आपको बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के आर्थिक फ़ैसलों से पाकिस्तान की जनता खासी नाराज़ है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की ग़लत आर्थिक नीतियों के कारण पाकिस्तान की जनता को दो जून की रोटी के लिए ज़्यादा दाम चुकाने पड़ रहे हैं। दरअसल, जानकारी के अनुसार पाकिस्तान में गेहूं और आटे के भाव काफ़ी बढ़ गए हैं, जिसके कारण आम लोगों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सबके बीच गेहूं और आटे के दाम और ना बढ़ें, इमरान ख़ान सरकार ने गेहूं और आटे के एक्सपोर्ट पर तत्काल बैन लगाने का फ़ैसला लिया है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान में इस बार गेहूं का उत्पादन पिछले साल की तुलना में 33 प्रतिशत कम हुआ है। उत्पादन कम होने के डर से पाकिस्तान में गेहूं की जमाखोरी भी बहुत ज़्यादा बढ़ गई है। कम उत्पादन और जमखोरी के कारण पाकिस्तान में 10 से 12 रूपये में मिलने वाली रोटी अब 20 रूपये में मिल रही है। एक तो ग़रीबी और ऊपर से लगातार बढ़ती महंगाई से पाकिस्तान में ग़रीब और मध्यम वर्ग का जीना बेहाल हो गया है।
 
पाकिस्तान की आर्थिक हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि मुर्दों को दफ़न करने के लिए बनाई जा रही नई क्रबों पर अब सरकार ने टैक्स लगाने का ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने हर क्रब पर एक से डेढ़ हज़ार पाकिस्तानी रूपये वसूलने का प्रस्ताव रखा है। पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर के नगर निगम ने इस प्रस्ताव को मंज़ूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा है। हालांकि, टैक्स लगाये जाने के पीछे सरकार का तर्क है कि टैक्स के पैसों से कब्रिस्तानों की देखभाल की जाएगी।
 
पाकिस्तान के बदतर आर्थिक हालात किसी से भी छिपे नहीं हैं। पाकिस्तान के लोग महंगाई के कारण परेशान हैं, और ग़रीबों को दो वक़्त का खाना नसीब नहीं हो पा रहा है। पर इतना सब होने के बाद भी पाकिस्तान की सरकार सेना के साथ मिलकर सैन्य क्षमता बढ़ाने में लगी हुई है। भारतीय रक्षा मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में ख़ुलासा हुआ है कि आर्थिक हालात ख़राब होने के बाद भी पाकिस्तान लगातार अपनी मिलिट्री ताक़त को बढ़ा रहा है।

पाकिस्तान में लोगों को खाने के लिए दो वक़्त की रोटी नहीं मिल रही है, लेकिन पाकिस्तान मिसाइल और परमाणु हथियारों की क्षमता को बढ़ा रहा है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना लगातार आतंकी संगठनों को समर्थन दे रही है, और सीमापार से सीज़फायर वायलेशन की आड़ में आतंकियों को जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करा रही है ताकि आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।

लगातार बढ़ती महंगाई के कारण पाकिस्तान में लोगों की नाराज़गी इमरान ख़ान सरकार के प्रति बढ़ती ही जा रही है। जानकारी के मुताबिक़, पाकिस्तान की जनता में इमरान ख़ान सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। वहीं यदि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से मिल रहे बैलआउट पैकेज के कारण इमरान ख़ान सरकार ने पाकिस्तानी जनता पर टैक्स बढ़ाया तो पाकिस्तान की जनता व्यापारियों के साथ मिलकर इमरान ख़ान सरकार के ख़िलाफ़ एक बढ़ा आंदोलन कर सकती है, जिसके बाद पाकिस्तान में हालात बेकाबू होने की आशंका है। ख़ैर अब देखना होगा कि पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार सैन्य क्षमता बढ़ाने में अपना पैसा ख़र्च करती है, या फ़िर ग़रीबी में रह रहे करोड़ों लोगों को दो जून की रोटी मुहैया कराने में।