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इमरान ख़ान के ‘फ़ैसले’ से ‘बेहाल’ हुई पाकिस्तान की जनता!

10 Aug 2019
नियंत्रण से बाहर हुई पाकिस्तान में महंगाई, जनता में फैला आक्रोश

AUG 10 (WTN) – लगता है कि कि पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार अपने ही देश के लोगों की दुश्मन होती जा रही है। पाकिस्तान की सरकार की नाकाम आर्थिक नीतियों और आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति के कारण आज पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अब तक के सबसे ख़राब दौर से गुजर रही है। हालत यह है कि पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से बेलआउट पैकेज लेना पड़ा है।

IMF के बेलआउट पैकेज की शर्तें इतनी कठिन हैं कि जिनको लागू करने के बाद पाकिस्तान में महंगाई अब तक के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। लेकिन इतना सब होने के बाद भी पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने और भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से बाज नहीं आ रही है।

जैसा कि आप जानते हैं कि जब से भारत की मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया है, तभी से पाकिस्तान बौखला गया है। बिना कुछ सोचे समझे भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हुए पाकिस्तान ने भारत से व्यापारिक सम्बन्धों को निलंबित कर दिया है। पाकिस्तान सरकार के इस फ़ैसले के बाद से पाकिस्तान में महंगाई और भी बढ़ गई है। पाकिस्तान ने भारत से निर्यात किये जाने वाले सामानों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है, जिसके बाद पाकिस्तान में टमाटर के दाम 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गये हैं।

अचानक से टमाटर के दामों में बेतहाशा वृद्धि के बाद से पाकिस्तान के लोग सकते में हैं। पहले से ही महंगाई की मार से परेशान पाकिस्तान के लोगों को लिए 300 रुपये किलो टमाटर किसी मुसीबत से कम नहीं हैं। जानकारों के मुताबिक़ यह तो अभी शुरुआत मात्र है। आने वाले दिनों में यदि पाकिस्तान ने भारत के निर्यात को निलंबित रखा तो टमाटर के अलावा अन्य सब्जियां, फलों और अन्य सामान काफ़ी महंगे होंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत से व्यापार बंद करने से पहले पाकिस्तान में भारत से हर रोज़ टमाटर समेत हरी सब्जियां पाकिस्तान जाती थीं, जिनके कारण इनका दाम पाकिस्तान में नियंत्रित रहते थे। लेकिन पिछले दिनों जब से पाकिस्तान ने भारत से व्यापार बंद किया है, तभी से पाकिस्तान में टमाटर समेत बाक़ी सब्जियों के दामों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है।

टमाटर समेत अन्य सब्जियों के दामों में वृद्धि से साफ़ ज़ाहिर है कि भारत से व्यापारिक सम्बन्ध ख़त्म करने का पूरा ख़ामियाज़ा पाकिस्तान की जनता को ही उठाना पड़ रहा है। बात करें मुख्य रूप से टमाटर की तो पाकिस्तान में भारतीय टमाटरों की काफ़ी मांग है। लेकिन पाकिस्तान सरकार के भारत से व्यापार रोकने के फ़ैसले के बाद अब भारत से पाकिस्तान को टमाटर की सप्लाई बंद हो गई है, जिसके बाद से पाकिस्तान में टमाटर के दाम 300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गये हैं।

जैसा कि आप जानते हैं कि भारत दुनिया की 7वीं सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति है। भारत का पाकिस्तान के साथ आयात और निर्यात काफ़ी कम है। यह इतना कम है कि पाकिस्तान के साथ आयात और निर्यात बंद होने से भारत को कुछ ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इससे पाकिस्तान को काफ़ी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पाकिस्तान इस गफ़लत में है कि भारत से व्यापार बंद करने के बाद भारतीय व्यापारियों को नुकसान होगा तो ऐसा सोचना पाकिस्तानी सरकार की नासमझी है।
 
दरअसल, अगर पाकिस्तान की सरकार को यह लगता है कि भारत से व्यापार बंद करने से अटारी बॉर्डर पर किसानों, ट्रक ऑपरेटर्स और अन्य व्यापारियों को नुकसान होगा तो यह उनकी सबसे बड़ी नासमझी है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यदि पाकिस्तान में टमाटर समेत अन्य सब्जियों की भारत से सप्लाई रुक गई तो इनके दाम पाकिस्तान में नियंत्रण से बाहर हो जाएंगे और जनता परेशान हो जाएगी। बाक़ी अटारी सीमा के व्यापारी, किसान और ट्रक ऑपरेटर्स भारत के अन्य भागों में अपना व्यापार कर लेंगे।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले जब पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने आतंकियों को ठिकाने लगाने के लिए पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी तो उस समय भारत सरकार ने पाकिस्तान से होने वाले व्यापार को निलंबित कर दिया था। भारत सरकार के इस फैसले के बाद से पाकिस्तान में टमाटर समेत अन्य सब्जियों के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई थी, जिसके बाद पाकिस्तान की जनता और वहां के मीडिया ने पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार से सवालात करने शुरू कर दिये थे।

अब देखना होगा कि नासमझी में भारत से व्यापारिक रिश्ते ख़त्म करने के फ़ैसले को कब तक इमरान ख़ान सरकार वापस लेती है, क्योंकि यदि इमरान ख़ान सरकार ने ऐसा नहीं किया तो पाकिस्तान की जनता का महंगाई के कारण जीना दूभर हो जाएगा। यदि समय रहते पाकिस्तान में महंगाई पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो वहां की जनता व्यापारियों के साथ मिलकर पाकिस्तान सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल सकती है।