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जानिए किन तरीक़ों से कम खर्च होगा कार में पेट्रोल-डीज़ल?

10 Aug 2019
‘इन’ उपायों का अपनाकर बढ़ाएं कार की माइलेज!
 
AUG 10 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि भारत अपनी तेल ज़रूरतों का क़रीब 90 प्रतिशत तेल आयात करता है। भारत जो कच्चा तेल आयात करता है उस की क़ीमतें अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपये की क़ीमत पर भी निर्भर करती हैं। भारत में जो पेट्रोल-डीज़ल बिकता है उस पर कई तरह के टैक्स लगाए जाते हैं, जिसके बाद पेट्रोल-डीज़ल महंगा हो जाता है। यदि आप कार चलाते हैं तो आप चाहेंगे कि आपकी कार में पेट्रोल-डीज़ल की खपत कम से कम हो। आइये आपको बताते हैं कि आप किन उपायों को अपनाकर कार में पेट्रोल-डीज़ल की खपत को कम कर सकते हैं।

दरअसल, देखा गया है कि कार ख़रीदने के बाद उसकी जिस तरह से देखभाल होना चाहिए, उस तरह से उसकी देखभाल नहीं की जाती है। ऐसे में एक समय के बाद कार में ईंधन की खपत बढ़ने लगती है। यदि छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो इससे ना केवल कार की मेंटेनेंस होगी बल्कि ईंधन भी तुलनात्मक रूप से कम खर्च होगा।

सबसे पहले पूरी कोशिश करें कि आपकी कार की स्पीड तय मानकों के अनुसार ही होना चाहिए। यदि आप हाइवे पर गाड़ी चला रहें हैं तो इसकी स्पीड 60-80 किमी/घण्टा के बीच ही होना चाहिए। आप जब भी तेज़ गति से गाड़ी चलाते हैं तो इससे आपको गति का मज़ा तो आता है, लेकिन ऐसा करने से आपकी गाड़ी में ईंधन की खपत ज़्यादा होती है। पूरी कोशिश करें कि आपकी कार की गति ज़्यादा ना हो।

देखा गया है कि कार चलाते समय बहुत से लोग बिना किसी कारण के क्लच और एक्सीलिरेटर का उपयोग करते हैं। याद रखिए कि जब ज़रूरत हो तभी कार को एक्सीलरेट या डिएक्सीलरेट करें। जितना ज़्यादा आप क्लच और एक्सीलिरेटर का बिना वजह प्रयोग करेंगे, आपकी गाड़ी में ईंधन की खपत उतना ही ज़्यादा बढ़ेगी। पूरी कोशिश करें कि क्लच प्लेट को दबाए ना रखें। वहीं ध्यान रखें कि ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद कर दें। ऐसा आप ऐसा करते हैं तो आप साल भर में 5 लीटर के क़रीब ईंधन बचा सकते हैं।

यह भी देखा गया है कि जल्दबाजी में या फ़िर लापरवाही में लोग कार का गियर ग़लत तरीक़े से बदलते हैं। हमारी आपको सलाह है कि कार का गियर कभी भी ग़लत तरीक़े से नहीं बदलें, क्योंकि ऐसा करने से ईंधन की खपत बढ़ जाती है। जब भी कार में गियर बदलना हो तो बिना घबराए और बिना हड़बड़ी के आराम से सिस्टेमैटिक तरीक़े से गियर बदलें। ऐसा इसलिए, क्योंकि जितने आरामदायक तरीक़े से आप गियर को बदलेंगे, गियर बॉक्स पर उतना ही कम लोड पड़ेगा, गियर बॉक्स पर जितना कम लोड़ पड़ेगा, कार में ईंधन की खपत उतनी ही कम होगी।

यदि आपकी कार में एसी है तो ध्यान रखें कि उसे तभी ऑन करें जब आपको उसकी सही में ज़रूरत हो। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि एसी का उपयोग करने से ईंधन की 20 प्रतिशत ज़्यादा खपत होती है। एसी का प्रयोग अपने विवेकानुसार ही करें। समय-समय पर कार में इंजन ऑयल और लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करें। लेकिन याद रखिए कि इंजन ऑयल और लुब्रिकेंट्स खुल्ले या लोकल ना होकर कम्पनी के होना चाहिए।
 
देखा गया है कि कुछ लोग कार में ज़रूरत से ज़्यादा लोग बैठा लेते हैं या फ़िर उसमें कार की क्षमता से ज़्यादा वजन रख लेते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कार की क्षमता से ज़्यादा वजन ढोने से ईंधन की खपत बढ़ती है। पूरी कोशिश करें कि कार में तय क्षमता के अनुसार ही लोग बैठाएं और कार में सामान भी कार की क्षमता के अनुसार ही रखें।
 
जैसा कि आप जानते हैं कि कार टायर्स पर ही चलती है। यदि आपको अपनी कार में ज़्यादा से ज़्यादा माइलेज चाहिए तो टायर्स का विशेष रूप से ध्यान रखें। समय-समय पर टायर्स के प्रेशर चेक करते रहें। किसी भी टायर में प्रेशर कम होने पर उसमें निर्धारित मात्रा में हवा भराएं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार के टायर्स में प्रेशर कम रहने से कार पर अतिरिक्त दवाब पड़ता है, जिसके कारण ईंधन की ज़्यादा खपत होती है।