HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

अब ‘सहयोगात्मक व्यवहार’ करेंगे इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी!

19 Aug 2019
कामकाज का तरीक़ा और व्यवहार बदलेगा इनकम टैक्स विभाग!
 
AUG 19 (WTN) – इनकम टैक्स और इनकम टैक्स विभाग का नाम सुनते ही टैक्स पेयर्स परेशान हो जाते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि देखा गया है कि इनकम टैक्स रिटर्न भरने में अनजाने में सामान्य सी ग़लती होने पर इनकम टैक्स विभाग की तरफ़ से आने वाले नोटिस और अधिकारियों के ग़ैर ज़िम्मेदाराना व्यवहार के कारण टैक्स पेयर्स में डर समाया रहता है। इनकम टैक्स भरने वालों का आरोप है कि इनकम टैक्स रिटर्न भरने में हुई थोड़ी सी ग़लती पर भी उन्हें जो नोटिस आता है और जिस 'भाषा' का प्रयोग इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी करते हैं, उससे पेनाल्टी का डर होने के साथ-साथ 'बेइज्ज़त' होने की आशंका भी बनी रहती है।

लेकिन अब इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी इनकम टैक्स पेयर्स के साथ बेहकर तरीक़े से पेश आएंगे। दरअसल, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स अधिकारियों से अपनी मानसिकता बदलने को कहा है। वित्त मंत्री सीतारमण ने सख़्त हिदायत दी है कि इनकम टैक्स विभाग को टैक्स पेयर्स के साथ नरमी से पेश आना चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 'टैक्स टेरेरिज्म' के आरोपों के बीच वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों और टैक्स पेयर्स के बीच 'सम्वादहीनता' दूर करने और अपनी 'मानसिकता' बदलने की अपील की है।

दरअसल, देखा गया है कि अगर टैक्स पेयर्स से इनकम टैक्स रिटर्न में अनजाने में ट्रांजेक्शन सम्बन्धित या कोई अन्य ग़लती होती है, तो पहले उससे तमाम तरह के सवाल किये जाते थे, जिससे ईमानदार टैक्स पेयर्स में डर का माहौल रहता है। लेकिन अब इनकम टैक्स रिटर्न में ट्रांजेक्शन को लेकर किसी भी तरह की ग़लती पर टैक्स पेयर्स को सबसे पहले एक एसएमएस मिलेगा। इस एसएमएस में लिखा होगा कि टैक्य पेयर अपने ट्रांजेक्शन की जानकारी देना भूल गया है।

इतना ही नहीं, यदि इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय टैक्स पेयर्स से कोई और ग़लती हुई है, तो उसे इसकी जानकारी धमकी भरे शब्दों में नहीं बल्कि आसान शब्दों में दी जाएगी। यह सब कवायद इसलिए कि जा रही है, क्योंकि टैक्स पेयर्स की शिकायत है कि इनकम टैक्स रिटर्न में किसी भी तरह की ग़लती होने पर इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी उनके साथ विनम्रतापूर्वक व्यवहार नहीं करते हैं। इन्हीं सब शिकायतों के मिलने के बाद, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे टैक्स पेयर्स के साथ 'विनम्रता' से पेश आएं।
 
लेकिन अब टैक्स पेयर्स से इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय यदि किसी भी तरह की कोई भी ग़लती होती है, तो ऐसी परिस्थिति में टैक्स पेयर्स को तुरन्त ही नोटिस नहीं दिया जाएगा। अब किसी भी तरह की ग़लती होने पर टैक्स पेयर्स को एक एसएमएस भेजा जाएगा। दावा किया जा रहा है कि इस एसएमएस की भाषा 'सरल' होगी, जिससे टैक्स पेयर्स आसानी से यह बात समझ सकें कि इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय उनसे ग़लती कहां पर हुई है।

दरअसल, देखा गया है कि इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय टैक्स पेयर्स की समस्याओं की तरफ़ अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। ज़रूरत है कि टैक्स पेयर्स की समस्याओं पर अधिकारी ध्यान दें, और समस्याओं के समाधान के लिए टैक्स पेयर्स से सम्मानपूर्वक व्यवहार और सम्वाद करें। टैक्स पेयर्स की काफ़ी समय से यह शिकायत है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दण्डात्मक रवैया बदलकर सहयोगात्मक रवैया अपनाने की ज़रूरत है।

हालांकि, वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इनकम टैक्स अधिकारी अब टैक्स पेयर्स के साथ सलीके से पेश आएंगे और उनके साथ 'मित्रवत' भाषा का प्रयोग करेंगे, लेकिन टैक्स पेयर्स ने यदि कोई भी गड़बड़ी जान बूझकर की है तो इस कमी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा।

आपकी जानकारी के लिए बत दें कि इस साल 15 अगस्त के अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि धन पैदा करने वालों का अवश्य सम्मान होना चाहिए। इसी कड़ी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स अधिकारियों से कहा है कि उन्हें धन का सृजन करने वालों का सम्मान करने चाहिए। साथ ही इनकम टैक्स अधिकारियों को 'अनावश्यक प्रक्रिया' सम्बन्धी विलम्ब में कमी करके टैक्स पेयर्स को सुविधा प्रदान करना चाहिए।
 
मोदी सरकार की यह पहल सराहनीय है कि इनकम टैक्स अधिकारियों को टैक्स पेयर्स के साथ विनम्रता के साथ पेश आना चाहिए। साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न में यदि टैक्स पेयर्स से कोई ग़लती अनजाने में हुई है, तो उसे इसकी जानकारी 'दण्डात्मक' रूप से या 'डराकर' नहीं बल्कि सम्मानीय तरीक़े से समझाकर बताना चाहिए। अब देखना होगा कि मोदी सरकार की इस समझाइश पर इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी कितना अमल करते हैं। यदि इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी टैक्स पेयर्स के साथ मित्रवत व्यवहार करेंगे, तो स्वाभाविक है कि ऐसा करने से ईमानदार टैक्स पेयर्स के आत्मसम्मान को ठेस नहीं पहुंचेगी।