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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिये शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण!

22 Aug 2019
शिक्षकों को मोदी सरकार अब देगी पहले से ‘बेहतर’ ट्रेनिंग

AUG 22 (WTN) – भारत में संचार क्रांति आने के बाद से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारतीयों की मौजदूगी करोडों की तादात में पहुंच गई है। दुनिया में सबसे सस्ते इंटरनेट प्लान और स्मार्टफोन के कारण भारत में ऑनलाइन वर्किंग कल्चर बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में अब मोदी सरकार जनता के बीच लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप का इस्तेमाल शिक्षा के क्षेत्र में ट्रेनिंग देने के लिए करने जा रही है। क्या है यह पूरा मामला? आइये आपको विस्तार से बताते हैं।

दरअसल, अब शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए मोदी सरकार फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिये स्पेशल ट्रेनिंग कार्यक्रम चलाएगी। इस योजना का नाम नेशनल इंसिएटिव ऑन स्कूल टीचर हेड हॉलीस्टिक एडवांसमेंट (निष्ठा) है। ‘निष्ठा’ योजना के तहत विद्यालयों के प्राचार्यों और अध्यापकों को ट्रेनिंग देने में फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का सहारा लिया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना के तहत पहले चरण में क़रीब 42 लाख प्राचार्यों और अध्यापकों को ट्रेनिंग देने की योजना है।

‘निष्ठा’ योजना के तहत कक्षा में अध्यापकों को प्रशिक्षण देने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप और एक फेसबुक पेज बनाया जाएगा, जिसके माध्यम से अध्यापक एक दूसरे से सम्पर्क में रहेंगे। सरकार का कहना है कि इससे ना केवल अध्यापकों को प्रशिक्षण मिलेगा बल्कि व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पेज के माध्यम से अध्यापक उनके सामने अध्यापन में आने वाली चुनौतियों को अन्य लोगों के साथ शेयर कर सकेंगे और वहीं पर उन्हें उसका समाधान मिल जाएगा। सरकार का दावा है कि ऐसा होने से अध्यापकों की अध्यापन सम्बन्धित परेशानियां दूर होंगी।
 
दरअसल, मोदी सरकार का लक्ष्य है कि बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक योग्य और प्रशिक्षित हों, इसलिए शिक्षक बनने के बाद उन्हें बेहतरीन प्रशिक्षण दिया जाए। अध्यापकों को इस प्रशिक्षण में पढ़ाई की जानकारी के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की जानकारी और दिव्यांगजनों को पढ़ाने से सम्बन्धित दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे। 'निष्ठा' के तहत दिये जाने वाले प्रशिक्षण में अध्यापकों को रोचक तरीक़े से अध्यापन सिखाने के साथ-साथ उनकी नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के लिए भी ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार इस प्रशिक्षण में भाषा, गणित और सामाजिक विज्ञान पर ज़्यादा ध्यान देने जा रही है।

सरकार का दावा है कि ‘निष्ठा’ के तहत अध्यापकों को दिये जाने वाले प्रशिक्षण की मंत्रालय द्वारा ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इतना ही नहीं, प्रशिक्षण के दौरान अध्यापकों की हर दिन की उपस्थिति की भी जांच होगी। सरकार का प्रयास है कि इस प्रशिक्षण के जरिये अध्यापकों की काउंसिलिंग करके उनके सामने आने वाली सभी तरह की परेशानियों को दूर किया जाए, जिससे वे चिंतामुक्त होकर विद्यार्थियों की परेशानियों की अच्छे से समझ सकें और उनका समाधान कर सकें।

कहा जा सकता है कि मोदी सरकार की प्रशिक्षण की इस योजना से छोटे शहरों, कस्बों और गांवों के अध्यापकों को उच्च्स्तरीय प्रशिक्षण हासिल हो सकेगा, जिससे कि वे और भी बेहतर तरीक़े से विद्यार्थियों को पढ़ा सकेंगे। वहीं इस प्रशिक्षण से अध्यापकों का व्यक्तित्व भी निखरेगा और उनमें आत्मविश्वास आएगा। अब देखना होगा कि मोदी सरकार की यह नई योजना का कितना लाभ अध्यापक उठा पाते हैं?