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यदि कि लापरवाही तो आपका भी बन सकता है फेक पॉर्न वीडियो!

28 Aug 2019
सावधान! आपको बदनाम करने कोई भी बना सकता है आपका फेक पॉर्न वीडिया
 
AUG 28 (WTN) – मोबाइल और इंटरनेट क्रांति के बाद दूसरी सबसे बड़ी आबादी बाले देश भारत में करोड़ों लोगों के पास स्मार्टफोन है। सस्ते डेटा प्लान के कारण एक आम भारतीय अपने दिन का काफ़ी समय स्मार्टफोन पर व्यतीत कर रहा है। सस्ते डेटा और सुलभ इंटरनेट के कारण इन दिनों भारत में पॉर्न वीडियोज़ को देखने और उसे बनाने का क्रेज बढ़ता ही जा रहा है। इंटरनेट पर मौजूद हज़ारों पॉर्न वेबसाइट पर हज़ारों की तादात में आपको भारतीय लोगों द्वारा बनाए गये पॉर्न वीडियो देखने को मिल जाएंगे। वहीं कई बार अंतरंग सम्बन्धों के बनाए वीडियो स्मार्टफोन के चोरी होने या डेटा के हैक होने के कारण पॉर्न साइट्स पर मौजूद हैं।

वैसे आपने अभी तक पॉर्न साइट्स पर सेलिब्रिटीज़ के चेहरों का ग़लत उपयोग करते हुए उनके डीपफेक पॉर्न वीडियो यानी कि फेक पॉर्न वीडियो तो देखे ही होंगे। यदि आप सोच रहे हैं कि इस तरह के डीपफेक पॉर्न वीडियो सिर्फ़ सेलिब्रिटीज़ के ही बनते हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले हर एक सामान्य यूज़र के भी डीपफेक पॉर्न वीडियो यानी कि नक़ली पॉर्न वीडियो बन सकते हैं। आख़िर क्या है यह पूरा मामला? आइये इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डीपफेस इस तरह के ऐप्स होते हैं, जिन्हें डाउनलोड किया जा सकता है। इन ऐप्स में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मदद से आसानी से किसी के भी चेहरे को पॉर्न वीडियो में दिख रहे किसी व्यक्ति के चेहरे में बदला जा सकता है। ऐसा करने के लिए सबसे पहले इसके इस्तेमाल करने वाले को ऐसा पॉर्न वीडियो चुनना होता है, जिसमें दिख रहे एक्टर या एक्ट्रेस का चेहरा उस व्यक्ति से मिलता है जिसका आप फेक पॉर्न वीडियो बनाना चाहते हैं।

ऐसा करने के बाद जिसका फेक पॉर्न वीडियो बनाया जा रहा है, उसकी कई सारी तस्वीरों को फीड कर दिया जाता है। यह सब करने के बाद मशीन लर्निंग एल्गोरिथ्म टारगेटेट व्यक्ति के चेहरे को फ्रेम-बाई-फ्रेम विडियो में सेट कर देता है। इस तरह से किसी भी व्यक्ति के फोटो का इस्तेमाल कर उसका फेक पॉर्न वीडियो बनाया जा सकता है।
 
इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि कम्प्यूटर तकनीक वर्तमान समय में इस स्थिति में पहुंच चुकी है कि अब किसी का भी डिपफेक यानी कि फेक पॉर्न वीडियो बनाया जा सकता है। इससे महिलाओं का काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि नई तकनीक के जरिये किसी के भी फोटो का इस्तेमाल करके उसके फेक पॉर्न वीडियो बनाकर उसे बदनाम करना काफ़ी आसान है। साफ़ है कि यदि ऐसा होता है तो इससे किसी को भी बदनाम करने के लिए उसके फेक पॉर्न वीडियो बनाने की घटनाएं काफ़ी बढ़ सकती हैं।
 
विशेषज्ञों के मुताबिक़, डिपफेक तकनीक एक तरह से किसी को बदनाम करने का हथियार बन सकती है। इसके ज़रिये किसी का भी फेक पॉर्न वीडियो बनाकर उसे बदनाम किया जा सकता है और उसे ब्लैकमेल भी किया जा सकता है। इतना ही नहीं, डिपफेक तकनीक से बनाए गये फेक पॉर्न वीडियो के कारण नासमझी के चलते सामाजिक और परिवारिक रिश्तों में दरार आना स्वाभाविक है।

डिपफेक तकनीक से चिंतित विशेषज्ञों का कहना है कि फोटो वेरिफाइ करने या फ़िर फेक पॉर्न वीडियो को पहचानने वाले विकल्प उपलब्ध ना होने पर किसी व्यक्ति के फेक पॉर्न वीडियो वायरल होने पर सम्बन्धित व्यक्ति को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यदि किसी का कोई भी फेक पॉर्न वीडियो वायरल हो गया, तो ऐसे में सम्बन्धित व्यक्ति का चरित्र हनन होगा और उसे समाज और परिवार में लज्जित होना पड़ेगा।

वैसे फ़िलहाल डीपफेक पॉर्न वीडियोज़ के मामले सिर्फ़ सेलीब्रिटिज तक ही सीमित हैं। लेकिन आशंका है कि धीरे-धीरे इस तकनीक के ज़रिये आम लोगों के भी फेक पॉर्न वीडियो बनने लगेंगे। वैसे ज़रूरी नहीं है कि डिपफेक तकनीक के जरिये सिर्फ़ फेक पॉर्न वीडियो ही बनाए जा रहे हैं। इसके जरिये कुछ सामान्य वीडियो भी बनाए गये हैं, जिसमें प्रसिद्ध व्यक्तियों के चेहरों का इस्तेमाल किया गया है। कुछ डीपफेक वीडियो ऐसे भी हैं, जिसमें डोनाल्ड ट्रम्प, बराक ओबामा और मार्क जुकेरबर्ग जैसी विश्व प्रसिद्ध हस्तियां के चेहरों जैसे चेहरे ऐसा कुछ बोलते दिख रहे हैं, जो वास्तव में उन्होंने कभी कहा ही नहीं।

तो हमारी आपको सलाह है कि अपनी तस्वीरों को काफ़ी सम्भालकर रखें। पूरी कोशिश करें कि सोशल मीडिया साइट्स पर आपकी तस्वीरों पर फिल्टर लगा हो। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि सोशल मीडिया पर आपकी तस्वीरों को सिर्फ़ वे ही व्यक्ति देख सकें जो कि आपके परिचित हैं। यदि आपने अपनी तस्वीरों के साथ थोड़ी सी भी लापरवाही की, तो हो सकता है कि आपको बदनाम करने के लिए या फ़िर आप से किसी भी तरह का बदला लेने के लिए कोई आपकी फोटो का इस्तेमाल फेक पॉर्न वीडियो बनाने में कर ले, और आपको समाज और परिवार में बदनामी का सामना करना पड़े और स्पष्टीकरण देना पड़े।