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किसानों और व्यापारियों को जल्द ‘बड़ी सौगात’ देगी मोदी सरकार

31 Aug 2019
किसानों को फसल के उचित दाम दिलाने ‘बड़ा बदलाव’ करने जा रही मोदी सरकार
 
AUG 31 (WTN) – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी चुनावी सभाओं में किसानों की आय बढ़ाने का वादा करते आए हैं। कहा जाता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के पीछे किसानों के समर्थन का काफ़ी योगदान रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के वादे को पूरा करने के लिए मोदी सरकार अब जल्द ही एक बड़ा क़दम उठाने जा रही है। कहा जा रहा है कि किसानों के भले की लिए किये जा रहे बड़े बदलाव से व्यापारियों को भी फ़ायदा होगा।

दरअसल, किसानों की आय को बढ़ाने के लिए मोदी सरकार एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में बदलाव की तैयारी कर रही है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, इस एक्ट में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। कहा जा रहा है कि कंज्यूमर ऑफेयर मंत्रालय 3 सितम्बर को राज्यों के साथ एक बैठक कर ड्राफ्ट पर सहमति बनाने की कोशिश करेगा ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में बदलाव के बाद लागू होने वाले नये प्रावधानों से व्यापारियों के लिए किसानों से फसल ख़रीदना आसान हो जाएगा। नए प्रावधानों के अनुसार अब सिर्फ़ अकाल और युद्ध के वक़्त ही एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू होगा। इसके अलावा ज़रूरी वस्तुओं की क़ीमत 50 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ने पर भी इसे लागू किया जा सकेगा।
 
दरअसल, इस एक्ट के कारण ही व्यापारी ज़रुरी वस्तुओं का स्टॉक नहीं कर पाते हैं। अभी यह एक्ट चीनी,चावल, बीज, वनस्पति तेल जैसी वस्तुओॆं पर लागू होता है। चूंकि व्यापारी इन वस्तुओं का स्टॉक नहीं कर पाते हैं, जिसके कारण किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता है। इस एक्ट में बदलाव होने से किसानों और व्यापारियों दोनों को ही फ़ायदा होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस एक्ट के कारण अभी तक व्यापारी एक सीमा से ज़्यादा किसी वस्तु का स्टॉक नहीं कर पाते हैं, लेकिन एक्ट में बदलाव के बाद अब व्यापारी एक सीमा से ज़्यादा वस्तुओं का स्टॉक कर सकेंगे।

इस एक्ट में बदलाव से किसानों को यह फ़ायदा होगा कि इससे व्यापारी किसानों की फसलों को आसानी से ख़रीद सकेंगे। किसान अभी तक किसी व्यापारी को सीमित मात्रा में ही कुछ फसलों को बेच सकते हैं। लेकिन इस एक्ट में बदलाव के बाद किसान की फसल को व्यापारी आसानी से खरीद सकेंगे और उसका स्टॉक कर सकेंगे। ऐसा होने से किसानों को उनकी फसल की उचित दाम मिल सकेंगे।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मौजूदा वक़्त में एसेंशियल कमोडिटी एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर सात साल की सज़ा का प्रावधान है। सरकार एक्ट में सज़ा के प्रावधान में भी ढील देने पर विचार कर रही है। 

मोदी सरकार का तर्क है कि एसेंशियल कमोडिटी एक्ट में बदलाव से किसानों और व्यापारियों दोनों को फ़ायदा होगा। जहां किसानों को उनकी फसलों के उचित दाम मिलेंगे, वहीं व्यापारी भी सही समय पर फसलों को ख़रीद कर उनका उचित स्टॉक कर सकेंगे। अब देखना होगा कि मोदी सरकार के इस नये बदलाव से किसानों और व्यापारियों को सही में लाभ हासिल हो पाता है कि नहीं?