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मोबाइल वॉलेट की केवाईसी कराते समय ना करें यह ‘ग़लती’!

02 Sep 2019
आरबीआई की एक ‘शर्त’ से बढ़ी मोबाइल वॉलेट कम्पनियों की केवाईसी में मुसीबतें

SEP 02 (WTN) – आप यदि मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं, तो यह ख़बर आपके काफ़ी काम की है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने मोबाइल वॉलेट के लिए केवाईसी (KYC) की डेडलाइन को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। पहले इसके KYC कराने की आख़िरी तारीख़ 31 अगस्त थी। आरबीआई के नियमों के मुताबिक़, 31 अगस्त तक जिनका KYC नहीं हुआ था उनका मोबाइल वॉलेट 1 सितम्बर से बंद हो जाता, लेकिन अब मोबाइल वॉलेट यूज़र्स को घबराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आरबीआई ने KYC कराने की डेडलाइन 6 महीना बढ़ा दी है।

जानकारी के मुताबिक़ अब मोबाइल वालेट यूज़र्स अपने वॉलेट का केवाईसी 29 फरवरी 2020 तक करा सकते हैं। यह सुविधा Paytm, Airtel Money, Amazon Pay, Ola Money जैसे मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए है। दरअसल, रिज़र्व बैंक ने KYC कराने की समय सीमा पहले फरवरी 2019 रखी थी, लेकिन कई कम्पनियों के गुहार लगाने पर रिज़र्व बैंक ने इसकी समय सीमा में 6 महीने की वृद्धि कर दी थी। ऐसे में 31 अगस्त तक तक़रीबन 40 से 50 प्रतिशत यूज़र्स ही KYC करा पाए थे। ऐसे में यूज़र्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रिज़र्व बैंक ने केवाईसी के लिए आख़िरी समय सीमा को 6 महीने के लिए और बढ़ा दिया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक के इस फ़ैसले से लाखों मोबाइल वॉलेट बंद होने से बच गये हैं। साथ ही Paytm, MobiKwik, Airtel Money, Amazon Pay, Ola Money, Phone Pay, ICICI Pocket, HDFC PayZapp जैसे मोबाइल वॉलेट के कई यूज़र्स को केवाईसी की डेडलाइन बढ़ने का फ़ायदा मिलेगा।

वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए रिज़र्व बैंक ने केवाईसी के नियमों में बदलाव कर दिया है। अब यूज़र्स को अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे। दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद सम्बन्धित मोबाइल वॉलेट कम्पनी का एक कर्मचारी अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स का फिजिकल वेरीफिकेशन करने यूज़र के घर आएगा। ऐसे में वॉलेट कम्पनियों का तर्क है कि फिजिकल वेरीफिकेशन करने से कम्पनियों की लागत बढ़ गई है।

हालांकि, कुछ वॉलेट कम्पनियों ने भारतीय रिज़र्व बैंक से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वेरीफिकेशन करने की इजाज़त मांगी थी, लेकिन भारतीय रिज़र्व बैंक ने अभी तक इस पर कोई भी फ़ैसला नहीं लिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश में इस समय मोबाइल वॉलेट से क़रीब 50 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। अकेले Paytm  के पास ही मौजूदा समय में क़रीब 35 करोड़ ग्राहक हैं।

वैसे हमारी आपको सलाह है कि मोबाइल वॉलेट का केवाईसी कराते समय पूरी सावधानी बरतें। जब भी किसी भी मोबाइल वॉलेट का केवाईसी करें तो हमेशा कम्पनी के एग्जीक्यूटिव से ही वॉलेट की केवाईसी पूरी कराएं। हमारी आपको सलाह है कि मोबाइल वॉलेट के अलावा किसी अन्य सहायक एप के ज़रिये दस्तावेज अपलोड कर केवाईसी करने की कोशिश ना करें। ऐसा इसलिए, क्योंकि ऐसे एप के ज़रिये जालसाज आपके मोबाइल फ़ोन से आपकी बैंकिंग सम्बन्धित जानकारियां हासिल कर आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।