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सावधान! इंटरनेट पर आपकी ‘ग़लती’ का इंतज़ार कर रहे हैं हैकर्स!

13 Sep 2019
गूगल पर सर्चिंग के समय रहें सावधान, हैकर्स बना सकते हैं आपको अपना शिकार!
 
SEP 13 (WTN) – मोबाइल और इंटरनेट क्रान्ति के बाद से भारत में लोगों की जीवन शैली में काफ़ी बदलाव हुआ है। पहले जिन कामों के लिए घण्टों लाइन में लगना पड़ता था, आज वे ही काम चन्द सेकेण्डों में कम्प्यूटर और स्मार्टफोन में हो जाते हैं। इंटरनेट, कम्प्यूटर और स्मार्टफोन आजकल शौक नहीं बल्कि ज़रूरत बन गये हैं। लेकिन यदि आप इन भैतिक संसाधनों का सही तरीक़े से उपयोग नहीं करते हैं, तो आपको मानसिक, सामाजिक और आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है। वो कैसे, आइये आपको बताते हैं।

दरअसल, देखा गया है कि इंटरनेट का प्रयोग करते समय यूज़र की ख़ुद की ग़लती के कारण उसे कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यूज़र को इन परेशानियां का सामना जानकारी ना होने के कारण, शॉर्टकट अपनाने के कारण और ज़रूरत से ज़्यादा होशियारी दिखाने के कारण करना पड़ता है। याद रखिये बिना जानकारी के कोई भी काम इंटरनेट पर करने से यूज़र परेशानी में आ सकता है।

ऐसा ही एक मामला इन दिनों सामने आया है। जहां पर एक महिला को उसकी ग़लती के कारण 95 हज़ार का नुकसान उठाना पड़ा है। दरअसल, अक्सर देखा गया है कि कई बार इंटरनेट यूज़र्स किसी कम्पनी का कस्टमर केयर नम्बर खोजने के लिए गूगल सर्च का प्रयोग करते हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूज़र की यही नादानी उसे किसी दिन भारी पड़ सकती है, क्योंकि गूगल सर्च पर किसी कम्पनी का कस्टमर केयर नम्बर सर्च करने जो रिजल्ट आए उसमें कुछ नम्बर्स फर्जी भी हों सकते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में घटित एक घटना में महिला के बैंक अकाउण्ट से 95 हज़ार रुपये उड़ गए। दरअसल, महिला ने गूगल सर्च पर Swiggy Go के कस्टमर केयर का नम्बर सर्च किया था। लेकिन महिला को गूगल सर्च पर Swiggy Go के कस्टमर केयर का फर्जी नम्बर मिला। महिला को इस बात की जानकारी नहीं थी कि नम्बर फर्जी है। महिला ने जब गूगल सर्च से मिले नम्बर पर कॉल किया, तो यह कॉल हैकर्स से कनेक्ट हो गई जिसके बाद हैकर्स ने महिला से जालसाजी कर महिला के बैंक अकाउण्ट से 95 हज़ार रुपयों की ठगी कर ली।
 
इंटरनेट पर हमेशा सतर्क रहें, क्योंकि हैकर्स गूगल द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का ही फ़ायदा उठाकर हैकिंग का काम करते हैं। दरअसल, गूगल मैप्स और गूगल सर्च में यूज़र्स को उनका कॉन्टैक्ट नम्बर और ऐड्रेस को एडिट करने की सुविधा मिलती है। गूगल की इसी सुविधा का फ़ायदा हैकर्स उठा लेते हैं। सुनियोजित तरीक़े से हैकर्स ज़्यादा सर्च की जाने वाली वेबसाइट्स के ग़लत नम्बर डाल देते हैं। इतना ही नहीं, कुछ हैकर्स तो सरकारी विभागों के भी ग़लत नम्बर डाल देते हैं और उनकी नक़ली वेबसाइट तक बना लेते हैं।
 
इंटरनेट यूज़ करने वाला जब भी कोई व्यक्ति इस नम्बर पर फोन करता है, तो हैकर्स बिल्कुल प्रोफेशनल तरीक़े से कॉल करने वाले से बात करते हैं। बातचीत के दौरान ही हैकर्स कॉल करने वाले व्यक्ति से उसकी व्यक्तिगत और बैंक डीटेल लेने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं, कॉल करने वालों को हैकर्स किसी एप को डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। इसी एप की मदद से हैकर्स कॉल करने वालों की डिवाइस का पूरा ऐक्सेस हासिल कर लेते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कॉल करने वाली की डिवाइस पर ऐक्सेस पाने के बाद हैकर्स, यूज़र द्वारा मोबाइल से की जाने वाली हर ऐक्टिविटी को भी रिकॉर्ड कर लेते हैं। इतना ही नहीं, आजकल हैकर्स UPI स्कैम के जरिये भी जालसाजी कर रहे हैं। हैकर्स यूपीआई एप के ज़रिए यूज़र्स को 'मनी रिक्वेस्ट' भेजकर धोखाधड़ी की कोशिश भी कर सकते हैं।

हम हमेशा से कहते आएं हैं कि यूज़र्स की समझदारी से ही यूज़र्स हैकर्स की जालसाजी से बच सकते हैं। यदि आप गूगल सर्च के ज़रिये होने वाली हैकिंग से बचना चाहते हैं, तो सबसे पहले हमेशा सतर्क रहें। याद रखिये कि गूगल पर मौजूद कस्टमर केयर नम्बर्स और एड्रेस पर सर्च करने के बाद तुरन्त ही उन पर भरोसा मत कीजिए।

यदि आप इस तरह के किसी भी नम्बर पर कॉल करना चाहते हैं, तो इस नम्बर को आप सम्बन्धित कम्पनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही हासिल करें। यादि रखिए, जैसे ही आपने इंटरनेट यूज़ करते समय थोड़ी सी भी ग़लती की, हैकर्स आपकी इसी ग़लती के इंतज़ार में रहते हैं और वे आपको मानसिक, सामाजिक और आर्थिक हानि पहुंचा सकते हैं।