‘सोच समझकर’ करें क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल
SEP 16 (WTN) – एक समय था जब भारतीय समाज में क़र्ज़ लेने को अच्छा नहीं समझा जाता था। हर व्यक्ति की पूरी कोशिश होती थी कि उतना ही ख़र्च किया जाए, जितनी कि आमदनी है। मुसीबत के समय आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए ही व्यक्ति संकोच के साथ क़र्ज़ लेता था। लेकिन समय बदला, तो समय के साथ व्यक्ति और समाज की सोच में भी बदलाव हुआ। 1993 के बाद देश में आर्थिक क्रान्ति आई, जिसके बाद उपभोक्तावादी संस्कृति ने भारतीयों की सोच को बदल लिया।
एक समय था जब आमदनी के अनुसार ख़र्च किया जाता था, लेकिन उपभोक्तावादी संस्कृति के कारण लोगों को उकसाया जा रहा है कि अपनी ज़रूरतों को पूरा करने लिए जमकर ख़र्च कीजिए और भुगतान बाद में कीजिए। इसी प्रवृत्ति के कारण देश में क्रेडिट कार्ड का चलन काफ़ी बढ़ गया है। क्रेडिट कार्ड ज़रूरत के समय यूज़र्स को वित्तीय सहायता प्रदान करता है, इसी कारण से देश में क्रेडिट कार्ड यूज़र्स की तादात तेज़ी से बढ़ती जा रही है।
दरअसल, क्रेडिट कार्ड क़र्ज़ लेने का एक आधुनिक तरीक़ा है, जिसमें इसके यूज़र्स अपनी आर्थिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए क़र्ज़ लेते हैं। लेकिन यदि क्रेडिट कार्ड यूज़र्स, क्रेडिट कार्ड का सही तरीक़े से इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो उन्हें चार्ज और पेनाल्टी के रूप में पैसा भरना पड़ सकता है। क्रेडिट कार्ड को इस्तेमाल करने के कुछ नियम हैं, यदि यूज़र्स इन नियमों का सही तरीक़े से पालन करता है तो उसे कभी भी परेशान का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पूरी कोशिश कीजिए कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ़ वित्तीय ज़रूरत को पूरा करने के समय ही करें। हर बार ख़रीदी के समय इसका इस्तेमाल करना समझदारी वाला काम नहीं है। यदि यूज़र्स क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल वित्तीय ज़रूरत के समय समझदारी से करेंगे, तो उन्हें कभी भी परेशानी का सामना नहीं करना होगा। जिन शॉपिंग सेन्टर्स पर क्रेडिट कार्ड यूज़र्स को क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर बोनस या फ़िर डिस्काउंट मिलता है, उन्हीं जगहों पर यूज़र्स को क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना चाहिए।
क्रेडिट कार्ड की मदद से एटीएम से कैश नहीं निकालने की पूरी कोशिश करें। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने पर क्रेडिट कार्ड यूज़र को 3 से 4 प्रतिशत अतिरिक्ति सर्विस चार्ज देना पड़ सकता है। हालांकि, क्रेडिट कार्ड से ट्रांजैक्शन पर 200 से 1,000 रुपये तक का न्यूनतम चार्ज ही लगता है। लेकिन यदि यूज़र बहुत ही ज़्यादा मुसीबत में है और उसे पैसों की ज़रूरत है, तो उसे बेहिचक क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना चाहिए क्योंकि यूज़र क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल इसी तरह की मुसीबत से बचने के लिए ही कर रहा है।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय इसके यूज़र को समय-समय पर क्रेडिट कार्ड कम्पनी की तरफ़ से आने वाले ई-मेल और एसएमएस को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इस तरह के ई-मेल और मैसेज में रिवॉर्ड प्वाइंट्स और उसके रीडीम करने के बारे में जानकरी दी जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्रेडिट कार्ड प्वाइंट्स की एक्सपायरी डेट होती है। ऐसे में क्रेडिट कार्ड यूज़र को रिवॉर्ड प्वाइंट्स का पूरा फ़ायदा उठाना चाहिए।
नियमों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट हर महीने की साइकिल पूरा होने के बाद भेजा जाता है। ऐसे में क्रेडिट कार्ड यूज़र को पूरी कोशिश करना चाहिए कि यदि इस दौरान उसने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया है, तो उसका भुगतान वो ड्यू डेट से पहले कर दे। यदि क्रेडिट कार्ड यूज़र समय पर क्रेडिट कार्ड के पेमेंट का भुगतान कर देता है, तो उसे किसी भी तरह का कोई भी अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। वहीं यदि यूज़र पूरा पेमेंट नहीं कर पा रहा है, तो उसे कम से कम मिनिमम पेमेंट तो ज़रूर ही कर देना चाहिए।
क्रेडिट कार्ड यूज़र को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो क्रेडिट कार्ड से जो भी ख़रीदी कर रहा है, वो इसका समय से पूरा भुगतान कर दे। यदि यूज़र ने पूरी रक़म का पेमेंट ना करके आधी-अधूरी रक़म का भुगतान किया, तो बाक़ी बची रक़म पर यूज़र को ब्याज देना पड़ेगा। वहीं ब्याज लगने का सर्किल तब तक चलता रहेगा, जब तक कि यूज़र पूरी रक़म का भुगतान नहीं कर देता है।
हाथ में जब क्रेडिट कार्ड होता है तो उससे ख़रीदी करना आसान लगता है, लेकिन बाद में इस क़र्ज़ को चुकाने में लापरवाही बरतने पर यूज़र्स को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते समय यह भी ध्यान रखें कि विदेश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल काफ़ी सोच-समझकर कर करें। ऐसा इसलिए, क्योंकि क्रेडिट कार्ड्स पर विदेशों में लगने वाले चार्ज काफ़ी ज़्यादा हो सकते हैं।
यदि आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो हमारी आपको सलाह है कि आप संयम से काफ़ी सोच-समझकर इसका इस्तेमाल करें। ऐसा इसलिए, क्योंकि यदि लालच में या फ़िर लापरवाही से आपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया, तो आपको पेनाल्टी और चार्ज का भुगतान करना पड़ सकता है। उपभोक्तावादी संस्कृति से बचें, और पूरी कोशिश करें कि ज़रूरत के समय ही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल पूरे संयम के साथ करें।