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आपकी बस एक ग़लती से ख़ाली हो जाएगा आपका बैंक अकाउण्ट!

23 Sep 2019
इनकम टैक्स विभाग के नाम से हैकर्स आपके साथ कर सकते हैं धोखाधड़ी

SEP 23 (WTN) – इंटरनेट के युग में आपकी सावधानी में ही आपकी सुरक्षा है, क्योंकि यदि आपने अपनी लापरवाही से इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय कोई ग़लती कर दी तो आपको मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। बात करें आर्थिक नुकसान की, तो इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय हमेशा ही सावधान रहें, क्योंकि यदि आपने कोई भी लापरवाही की तो आपका बैंक अकाउण्ट खाली हो सकता है। कुछ ऐसा ही न दिनों इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट के नाम से भेजे जा रहे नक़ली ई-मेल के ज़रियो हो रहा है। क्या है यह पूरा मामला? आइये आपको विस्तार से इसके बारे में जानकारी देते हैं।

दरअसल, अमेरिका की सरकारी साइबर सुरक्षा एजेंसी (Federal Cyber Security Agency) ने लोगों को इनकम टैक्स डिपार्टमेण्ट के नाम से भेजे जा रहे नक़ली ई-मेल के प्रति सावधान किया है। करदाताओं को सावधान करते हुए अमेरिकी एजेंसी ने कहा है कि भारत में इनकम टैक्स डिपार्टमेण्ट की आड़ में करदाताओं की सूचना चुराने वाला एक कम्प्यूटर मालवेयर इन दिनों भारतीय साइबरस्पेस में चल रहा है।

भारतीय करदाताओं को जारी एक चेतावनी में अमेरिकी एजेंसी ने कहा है कि इन दिनों एक ई-मेल कई लोगों को भेजा जा रहा है। यह ई-मेल पहले नज़र में तो लगता है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेण्ट ने भेजा है। लेकिन हक़ीकत है कि इस ई-मेल को हैकर्स ने तैयार किया है, जो कि एक मालवेयर है। यह मालवेयर कम्प्यूटर पर साइबर अटैक कर उसका डेटा चुरा लेता है। वैसे आप सोच रहे होंगे कि डेटा चुराकर आख़िर हैकर्स करते क्या हैं? तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हैकर्स डेटा चुराकर करदाता के बैंक अकाउण्ट को ख़ाली कर सकते हैं।

वहीं इण्डियन कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने एक परामर्श जारी किया है, जिसके मुताबिक़ 12 सितम्बर से हैकर्स मालवेयर भेज कर फिशिंग के ज़रिय भारतीय करदाताओं को निशाना बना रहे हैं। इतना ही नहीं, ये हैकर्स व्यक्तिगत करदाताओं के अलावा वित्तीय संगठनों पर भी मालवेयर के अटैक कर रहे हैं।

हैकर्स जो भी मेल भेज रहे हैं वो एक बार तो देखने में इनकम टैक्स डिपार्टमेण्ट द्वारा भेजे गये असली ई-मेल मालूम पड़ते हैं। हैकर्स कम से कम दो तरह के ई-मेल भेज रहे हैं। पहले तरीक़े वाले ई-मेल में डॉट आईएमजी (.img) या डॉट पीआईएफ (.pif) फाइल अटैच होती है। वहीं दूसरी तरह के ई-मेल में लोगों को एक डॉट पीआईएफ (.pif) फाइल डाउनलोड करने के लिये कहा जाता है, जिसके लिये उन्हें इनकमटैक्सइण्डिया डॉट इंफो (incometaxindia[.]info) डोमेन पर जाने के लिये कहा जाता है। जैसे ही कोई इन फ़र्जी ई-मेल की दी गई लिंक पर क्लिक करता है, हैकर्स सम्बन्धित व्यक्ति के कम्प्यूटर को हैक कर उसका पूरा डेटा चुरा लेता है और डेटा की मदद से सम्बन्धित व्यक्ति के बैंक अकाउण्ट का पैसा या तो अपने अकाउण्ट में ट्रांसफर कर लेता या फ़िर शॉपिंग में उस अकाउण्ट का इस्तेमाल कर लेता है।

दरअसल, इन दिनों करदाता आयकर भरने, रिफण्ड का दावा करने और अन्य कामों के लिए पहले की तुलना में ज़्यादा सतर्क रहते हैं। ज़्यादातर करदाता चुंकि वित्त सम्बन्धित सभी काम ऑनलाइन ही करते हैं, ऐसे में धोखाधड़ी करे वाले इनकम टैक्स डिपार्टमेण्ट के नाम का ग़लत इस्तेमाल कर उन्हें नक़ली ई-मेल भेजते हैं। ऐसे में हमारी आपको सलाह है कि जब भी किसी संदिग्ध स्त्रोत से कोई भी मेल आए और इसमें किसी भी फाइल को ख़ोलने या फ़िर डाउनलोड करने के लिए कहा जाए या फ़िर किसी लिंक पर क्लिक करने कहा जाए तो सावधान रहें, क्योंकि आपकी एक लापरवाही से आप हैकर्स का शिकार हो सकते हैं और आपके बैंक अकाउण्ट में ऑनलाइन सेंध लग सकती है।