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‘असफ़ल’ देश पाकिस्तान के ‘असफ़ल’ कूटनीतिज्ञ!

01 Oct 2019
पूरी दुनिया में पाकिस्तान की बेइज़्ज़ती कराने वाले मलीहा लोधी को पाकिस्तान ने दिखाया बाहर का रास्ता!

OCT 01 (WTN) – इनका नाम है मलीहा लोधी, और यह पाकिस्तान की संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधि थीं। जी हां प्रतिनिधि थीं, लेकिन अब नहीं हैं। इन्हें इनके पद से हटा दिया गया है। अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर क्या कारण है कि पाकिस्तान की इमरान ख़ान सरकार ने मलीहा लोधी को उनके पद से हटा दिया है। अब कारण एक नहीं बल्कि कई हैं, जिसके कारण मलीहा लोधी को पाकिस्तान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

अब ज़ाहिर है कि संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की प्रतिनिधि होने के कारण मलीहा लोधी पर ज़िम्मेदारी थी कि ये अपने देश पाकिस्तान का संयुक्त राष्ट्र संघ में बेहतरीन तरीक़े से प्रस्तुतिकरण करें। लेकिन स्टाइलिश मलीहा लोधी अपने इस मिशन में इतनी बुरी तरह से फेल हो गईं कि पाकिस्तान की सरकार ने उनकी वहां से छुट्टी ही कर दी है। आख़िर क्यों मलीहा लोधी की पाकिस्तान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधि पद से हटाया है, इसके पीछे के कारणों में पाकिस्तान की संयुक्त राष्ट्र में हुई बेइज़्ज़ती तो है ही, साथ ही पाकिस्तान की नफ़रत भरी सियासत भी है।

दरअसल, भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कूटनीति के कारण पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर पूरी दुनिया में हार का सामना करना पड़ा है। बात करें हाल ही में सम्पन्न हुई संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन की, तो यहां पर पाकिस्तान की जितनी बेइज़्ज़ती हुई है, वो शायद पहले कभी नहीं हुई होगी। एक तो ख़ुद इमरान ख़ान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में नफ़रत भरा भाषण देकर पूरी दुनिया को यह बता दिया कि पाकिस्तानों के दिल और दिमाग में कितनी नफ़रत भरी हुई है। वहीं दूसरी तरफ़ पाकिस्तान की संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने भी पाकिस्तान की बेइज़्ज़ती कराने में कोई भी कसर बाक़ी नहीं छोड़ी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मलीहा लोधी के कारण पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर काफ़ी बेइज़्ज़ती का सामना करना पड़ा है, और यही कारण है कि पाकिस्तान सरकार ने उन पर एक्शन लेते हुए उन्हें उनके पद से हटा दिया है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मलीहा लोधी के काम करने के तरीक़ों से उनके देश पाकिस्तान के लोग भी ख़ुश नहीं थे। कुछ दिनों पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक पाकिस्तान व्यक्ति मलीहा लोधी पर कई तरह के आरोप लगा रहा था।
 
मुद्दे पर आएं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान ने पूरी कोशिश की थी कि कश्मीर मुद्दे को वो संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन में उठाकर भारत को बैकफुट पर लाने में सफ़ल रहेगा। लेकिन संयुक्त राष्ट्र में भारत ने जम्मू-कश्मीर के मसले को अपनी कूटनीति से जीत लिया। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लगातार दुनियाभर के नेताओं से मुलाकात की, और इसी कारण से दुनिया के कई बड़े देश कश्मीर के मसले पर भारत के साथ रहे।

लेकिन कश्मीर मुद्दे पर आक्रामक और स्तरहीन भाषा का प्रयोग करने वाला पाकिस्तान इसी मुद्दे पर भारत से काफ़ी पीछे रह गया। पाकिस्तान की संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी विश्व के नेताओं की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के साथ बैठकों को अपने स्तर पर सही तरीक़े से मैनेज नहीं कर पाईं, जिसके कारण पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर एक या दो ही देशों का साथ मिल सका।

मलीहा लोधी कूटनीतिक स्तर पर तो नाकामयाब रही हीं, साथ ही औपचारिक कामों में भी उन्होंने पाकिस्तान और उसके प्रधानमंत्री की पूरी दुनिया में बेइज़्ज़ती करवा दी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इमरान ख़ान जब अमेरिका पहुंचे थे तो उनका स्वागत मलीहा लोधी के नेतृत्व में ही हुआ था। लेकिन अपने देश के प्रधानमंत्री का स्वागत करने में मलीहा लोधी ने जो ग़लती की वो उन पर भारी पड़ गई।

दरअसल, इमरान ख़ान के स्वागत में जो रेड कार्पेट बिछाया गया था उसकी साइज़ काफ़ी छोटी थी, वहीं भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वागत में बिछा रेड कार्पेट काफ़ी बड़ा था। इतना ही नहीं, जब इमरान ख़ान अमेरिका पहुंचे थे तो उनके स्वागत के लिए अमेरिका का कोई भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं था, जबकि नरेन्द्र मोदी का अमेरिका पहुंचने पर शानदार तरीक़े से स्वागत हुआ, जिसमें अमेरिकन डिप्लोमेट तक मोदी के स्वागत में जुटे हुए थे।

इन सबके अलावा पाकिस्तान की विदेश सेवा की अधिकारी मलीहा लोधी इस दौरान एक ऐसी ग़लती कर बैठीं, जिसके बाद पूरी दुनिया में उनकी इस ग़लती पर हंसी उड़ाई गई। दरअसल, इमरान खान ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान दुनिया के कई नेताओं से मुलाक़ात की, जिसमें वे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से भी मिले। लेकिन मलीहा लोधी यहां पर बहुत बड़ी कूटनीतिक कहिये या फ़िर बचकाना, लेकिन भूल कर गईं। मलीहा लोधी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को ट्विटर पर ‘विदेश मंत्री’ लिख दिया। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने ट्वीट में सुधार किया। लेकिन इससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधि अपने काम के प्रति कितने सीरियस हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर जब पाकिस्तान, मलीहा लोधी के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र में भारत के ख़िलाफ़ माहौल बनाने की कोशिश कर रहा था, तो इस दौरान भी मलीहा लोधी की एक ग़लती से पूरी दुनिया में पाकिस्तान की हंसी उड़ी। कश्मीर मसले पर झूठे प्रचार का सहारा लेते हुए मलीहा लोधी ने एक फिलीस्तीन लड़की की तस्वीर दिखाकर जम्मू-कश्मीर में पैलेट गन का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया था। पाकिस्तान के इस झूठ का जवाब भारत ने दिया, तो पाकिस्तान की पोल पूरी दुनिया के सामने खुल गई और फिलीस्तीन की लड़की का सच सामने आया।

तो अब आप समझ ही गये होंगे कि आख़िर वो कौन-कौन से कारण रहे हैं, जिनके कारण मलीहा लोधी को पाकिस्तान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधि पद से हटा दिया है। वैसे पाकिस्तानी सरकार ने मलीहा लोधी की जगह पर संयुक्त राष्ट्र में जिस नये प्रतिनिधि की नियुक्ति की है, वो भी मलीहा लोधी से कम ड्रामेबाज़ नहीं है। पाकिस्तान की ओर से अब मुनीर अकरम संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधि होंगे। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुनीर अकरम पर अमेरिका में ही अपनी गर्लफ्रेंड को पीटने का आरोप लगा था, जिसके बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को उन्हें पद से हटाने को कहा था।

पाकिस्तान ने मुनीर अकरम को संयुक्त राष्ट्र में अपने देश का नया प्रतिनिधि बनाकर एक बार फ़िर से इस मंच के ज़रिये भारत के ख़िलाफ़ नफ़रत से भरा प्रचार करने का फ़ैसला कर लिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुनीर अकरम, मलीहा लोधी की तुलना में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के लिए ज़्यादा फ़ायदेमंद हैं, क्योंकि मुनीर अकरम कश्मीर मुद्दे पर बेहद आक्रामक हैं। कहा जाता है कि मुनीर अकरम खुले तौर पर कश्मीर में जेहाद की बातें करते हैं। यानी कि साफ़ है कि पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र में अपने प्रतिनिधि के तौर पर एक ऐसे व्यक्ति कि नियुक्ति की है, जो कि बस नफ़रत की बातें करना ही जानता है।