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अब सिर्फ़ फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन से कीजिए मनी ट्रांसफर!

30 Oct 2019
जानिए पहले से और भी ज़्यादा सुरक्षित कैसे होगा डिजिटल ट्रांजेक्शन?
 
OCT 30 (WTN) – एक समय था जब किसी को पैसा देना होता था तो उसे नक़द पैसा प्रत्यक्ष रूप से दिया जाता था। बाद में देश में डाक सेवा आई तो पैसा मनीऑर्डर के ज़रिये पहुंचाया जाने लगा। उसके बाद सालों तक बैंकों में चेक के द्वारा पैसै पहुंचाया जाने लगा। समय के साथ और भी बदलाव हुआ और बैंकों में कोर बैकिंग की सुविधा आने से किसी के भी अकाउण्ट में पैसा जमा करने की सुविधा मिलने लगी। लेकिन भारत में इंटरनेट क्रान्ति आने और नोटबंदी के बाद से पैसों का लेनदेन डिजिटल तरीक़े से किया जाने लगा है।

आज यदि आपको किसी को पैसा भेजना है तो आप नेट बैंकिंग, यूपीआई और कई तरह के मोबाइल वॉलेट ऐप्स के ज़रिये पैसा भेज सकते हैं। तकनीक ने पैसों के लेनदेन को इतना आसान कर दिया है कि इससे इंसान का क़ीमती समय बच रहा है। लेकिन डिजिटल ट्रांजेक्शन के दौरान हमेशा से ही ख़तरा रहता है। ऐसे में यदि हम आपसे कहें कि पैसा भेजना पहले की तुलना मेंऔर भी ज़्यादा आसान हो गया है तो यह पढ़कर आप सोच में पढ़ गये होंगे कि क्या है यह पूरा मामला, आइये आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

यदि आप गूगल पे का इस्तेमाल डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए करते हैं तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल ने अपने इस डिजिटल वॉलेट प्लेटफॉर्म में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फ़ीचर जोड़ दिया है। दरअसल, गूगल ने एंड्रॉयड 10 के साथ बायोमेट्रिक सिक्योरिटी पेश की है और इस सुविधा को अब ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम Google Pay के लिए रोलआउट किया गया है।

जैसा कि आप जानते हैं कि मनी ट्रांजेक्शन के लिए गूगल पे यूज़र्स को PIN डालना पड़ता है और उसके बाद ही पैसा सम्बन्धित अकाउण्ट में ट्रांसफर होता है। लेकिन अब गूगल पे में मनी ट्रांजेक्शन के तरीक़े में बदलाव हुआ है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल ने अब इसमें Biometric API सपोर्ट दे दिया है। इस सपोर्ट के ज़रिये गूगल पे यूज़र्स पैसे ट्रांसफर करने के लिए फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल कर सकेंगे। दावा किया जा रहा है कि फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन फ़ीचर PIN की तुलना में ज़्यादा तेज़ी से काम करेगा।

जानकारी के लिए बता दें कि गूगल पे का फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन फ़ीचर फ़िलहाल उन्ही फ़ोन पर काम करेगा, जो एंड्रॉयड 10 पर काम करते हैं। इस नए फीचर को 2.100 वर्जन के साथ रोल आउट किया गया है। लेकिन कहा जा रहा है कि जल्द ही इसे एंड्रॉयड 9 के लिए भी लॉन्च कर दिया जाएगा। यदि गूगल पे के यूज़र्स इस फ़ीचर का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो यह नया विकल्प ऐप में मौजूद Sending Money Settings के नीचे मिलेगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले तक इस सेटिंग्स में सिर्फ कोड का ऑप्शन था। लेकिन नए ऑप्शन के तहत अब यूज़र्स PIN के साथ फेस अनलॉक या फिंगरप्रिंट स्कैनर का इस्तेमाल कर सकेंगे। 

यूज़र्स दोनों में से किसी एक उस विकल्प को चुन सकते हैं, जो कि उन्हें ट्रांजेक्शन के लिए सिक्योर महसूस होता है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बायोमेट्रिक सिक्योरिटी फ़ीचर सिर्फ़ पैसा ट्रांसफर करने के लिए दिया गया है। किसी स्टोर पर या NFC (Near-field communication) के लिए ये काम नहीं करेगा। इन जगहों पर पेमेण्ट के लिए यूज़र्स को फ़ोन अनलॉक ही करना होगा।

वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल पे आने वाले समय में यूज़र्स के लिए डार्क मोड फ़ीचर भी शुरू करने जा रहा है। वैसे फ़िलहाल इसकी टेस्टिंग चल रही है। जानकारी के मुताबिक़, गूगल पे के वर्जन 2.96.264233179 में डार्क मोड है। दावा किया जा रहा है कि गूगल पे के डार्क मोड की यह ख़ासियत होगी कि बैटरी खत्म होने की स्थिति में गूगल पे अपने आप डार्क मोड में चला जाएगा और इस स्थिति में भी यूज़र गूगल पे का इस्तेमाल कर सकेंगे।