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‘इस तरह’ से कीजिए अपने व्हाट्सएप को और भी ज़्यादा सुरक्षित

02 Nov 2019
जान लीजिए कि व्हाट्सएप का डेटा नहीं बल्कि सिर्फ़ मैसेजिंग है एन्क्रिप्टेड!
 
NOV 02 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि व्हाट्सएप पूरी दुनिया में सबसे ज़्यादा पॉपुलर इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप है। भारत में ही व्हाट्सएप के क़रीब 40 करोड़ यूज़र्स हैं। वैसे तो इंस्टैंट मैसेजिंग के लिए कई ऐप हैं, लेकिन व्हाट्सएप की लोकप्रियता का ख़ास कारण है इसके सिक्टोरिटी फ़ीचर्स। व्हाट्सएप का दावा है कि उसके एण्ड-टू-एण्ड एनक्रिप्शन के कारण सेण्डर और रिसीवर के बीच की पूरी कम्यूनिकेशन दोनों के बीच ही गोपनीय रहती है।
 
लेकिन व्हाट्सएप अकाउंट्स हैक होने और उसके ज़रिये जासूसी होने की ख़बरें सामने आने के बाद व्हाट्सएप के सिक्योरिटी फ़ीचर्स पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इज़रायली हैकर NSO Group पर आरोप है कि उसके सॉफ्टवेयर के कारण ही भारत समेत पूरी दुनिया के क़रीब 1,400 प्रतिष्ठित लोगों के व्हाट्सएप अकाउण्ट हैक हुए हैं। व्हाट्सएप की मालिकाना कम्पनी फेसबुक ने कैलिफॉर्निया की फेडरेल कोर्ट में इज़रायली साइबर एजेंसी NSO ग्रुप के ख़िलाफ़ केस किया है।

वैसे जासूसी की इस घटना की व्हाट्सएप ने बाकायदा पुष्टि कर दी है। व्हाट्सएप के मुताबिक़, इज़रायल की साइबर खुफिया कम्पनी NSO ग्रुप की ओर से पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को स्पाइवेयर द्वारा टारगेट कर उनकी जासूसी की गई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इज़रायली कम्पनी के द्वारा Pegasus नाम के स्पाईवेयर से भारतीय पत्रकारों, वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है। कनाडा की सिटिजन लैब ने दावा किया है कि Pegasus ने भारत में पत्रकारों के कुछ गैंग को निशाना बनाया है।

हालांकि, जासूसी और हैकिंग के आरोपों को इज़रायली कम्पनी ने स्वीकार नहीं किया है। लेकिन क़रीब 1,400 लोगों की व्हाट्सएप के ज़रिये जासूसी की बात सामने आने से पूरी दुनिया में हड़कम्प मचा हुआ है। वैसे किसी के व्हाट्सएप अकाउण्ट को हैक करना कोई ज़्यादा कठिन काम नहीं है। इस काम को अन्ज़ाम देने के लिए हैकर्स एनक्रिप्शन को बाईपास करने के लिए सॉफ्टवेयर में एक बग का प्रयोग करते हैं और मिस्टड कॉल देकर मैलवेयर को इन्स्टॉल कर देते हैं। एक बार मैलवेयर के इन्स्टॉल हो जाने के बाद हैकर्स आपके मोबाइल फ़ोन को रिमोटली कंट्रोल कर सकते हैं।
 
आप भी यदि अपने व्हाट्सएप अकाउण्ट को सिक्योर रखना चाहते हैं तो इसके लिए आप टू-फैक्टर ऑथेन्टिकेशन का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि यह आपके डेटा की सुरक्षा के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है। दावा है कि टू फैक्टर ऑथेन्टिकेशन से व्हाट्सएप अकाउण्ट के हैक होने की आशंका काफ़ी कम हो जाती है। जानकारों की राय है कि ना सिर्फ़ व्हाट्सएप बल्कि इंस्टाग्राम, ट्विटर और फेसबुक जैसे हर ऑनलाइन इंटरफेस के लिए इसे इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि व्हाट्सएप मैसेज ही सिर्फ एण्ड-टू-एण्ड एन्क्रिप्टेड हैं, लेकिन इसके ज़रिये जो डेटा सेव होता है वो एन्क्रिप्टेड नहीं है। वैसे डेटा की सिक्टोरिटी व्हाट्सएप की ज़िम्मेदारी नहीं है। यानी कि यदि किसी हैकर को आपका डेटा चुराना है तो उसे आपका व्हाट्सएप हैक करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी बल्कि पेन ड्राइव से ही वो आपका डेटा चुरा सकता है। पिछले साल नवम्बर में ही व्हाट्सएप ने स्पष्ट कर दिया था कि वह डेटा को अपने सर्वर में सेव नहीं करेगा, बल्कि यह डेटा गूगल ड्राइव या आई क्लाउड पर सेव होगा।
 
वैसे जानकारों की सलाह है कि व्हाट्सएप हैक होने या डेटा चोरी होने से बचाने के लिए सबसे पहले तो अपने डेटा को समय-समय पर अपडेट करते रहना चाहिए। वहीं कई सेटिंग्स हैं जो सीधे तौर पर तो नहीं, लेकिन किसी ना किसी कारण से फ़ोन को हैक होने से रोकने में मदद करती हैं। जैसे ब्ल्यू टिक और लास्ट सीन जैसे फ़ीचर्स के सही इस्तेमाल से कोई भी व्हाट्सएप यूज़र्स के बारे में कम से कम जानकारी जुटा पाएगा।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डिफाल्ट व्हाट्सएप सिक्युरिटी सेटिंग्स में सारी फ़ोटोज़ और वीडियोज़ सीधा गैलरी में सेव होते हैं। इन फ़ोटोज़ और वीडियोज़ को सीक्रेट और सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले फाइल मैनेजर में ‘.Nomedia’ फाइल क्रिएट कीजिए। ऐसा करने के बाद फ़ोन को रिबूट कर दीजिए, जिससे गैलरी से सारी व्हाट्सएप फाइल्स हाइड हो जाएंगी। यदि आपको इस काम को करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो इसके लिए आप थर्ड पार्टी ऐप को भी इन्स्टॉल कर सकते हैं।