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लॉक डाउन की गम्भीर चुनौती से निपटने रिज़र्व बैंक ने उठाया 'यह' बड़ा क़दम!

24 Mar 2020

बाजार में नक़दी की कमी दूर करने रिज़र्व बैंक बैंकिंग तंत्र में उतरेगा एक लाख करोड़ रुपये


MARCH 24 (WTN) - चीन के वुहान शहर से फैली वैश्विक महामारी कोरोनो वायरस के कारण पूरी दुनिया में दहशत का मौहाल है। दुनिया के 190 से ज़्यादा देशों में कोरोनो वायरस महामारी फैल चुकी है। अभी तक कोरोनो वायरस संक्रमण के कारण पूरी दुनिया में 16,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। जहां तक भारत की बात है, तो भारत में भी कोरोनो वायरस के कारण अभी तक 10 लोगों की जान जा चुकी है।

कोरोनो वायरस के कारण पूरे भारत में लॉक डाउन की स्थिति है। ऐसे में पूरे देश में आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं। पहले से ही आर्थिक सुस्ती का सामना कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए लॉक डाउन की स्थिति बहुत ही ज़्यादा चिन्ताजन
क है। लेकिन मृत्यु से सभी को डर लगता है। ऐसे में कोरोनो वायरस के कारण पूरे भारत में आर्थिक गतिविधियों पर विराम लग गया है। अर्थव्यवस्था पर छाए इस सबसे बड़े विकट संकट से निपटने के लिए भारत की केन्द्रीय बैंक यानी भारतीय रिज़र्व बैंक ने कुछ ज़रूरी क़दम उठाए हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को काफ़ी हद तक सहारा मिल सके।


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस के कारण ठप हुए आवागमन के कारण वित्तीय बाज़ारों पर पड़ रहे दबाव की कठिन परिस्थितियों को समझते हुए रिज़र्व बेंक ने बैंकिंग तंत्र में एक लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त धन छोड़ने की घोषणा की है। इतना ही नहीं, रिज़र्व बैंक का कहना है कि ज़रूरत पड़ने पर बैंकिंग तंत्र में और भी अतिरिक्त धन छोड़ने की उसकी योजना है।


जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने सरकारी प्रतिभूतियों की दीर्घ कालिक ख़रीद की व्यवस्था (सावधि रीपो) के तहत इसमें से 50,000 करोड़ रुपये की पहली किस्त सोमवार को जारी कर दी है। वहीं ज़रूरत के समय इतनी ही राशि की दूसरी किस्त को भी जारी किया जाएगा। रिज़र्व बैंक के मुताबिक़, किसी भी तरह से नक़द धन की ज़रूरत को पूरा करने के लिए पहले से ही इस तरह के उपाय किए जा रहे हैं। वहीं देश की केन्द्रीय बैंक का कहना है कि कोरोना वायरस के कारण ठप1 हुई आर्थिक गतिविधियों के कारण किसी भी तरह की नक़दी की तंगी को दूर करने के लिए यह ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं।

दरअसल, बैंकिंग तंत्र में नक़दी की कमी न हो सके इसके लिए भारतीय रिज़र्व बैंक ने एक लाख करोड़ रुपये की परिवर्तनीय रीपो दर नीलामी करने का फ़ैसला लिया है। रिज़र्व बैंक के अनुसार उसकी इस कोशिश से बैंकों को सस्ती दर पर धन उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही इस कदम से बैंकिंग प्रणाली में नक़दी की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी। जानकारी के लिए बता दें कि कर्फ़्यू या लॉक डाउन की स्थिति ख़त्म होने पर मार्केट में अचानक नक़दी की ज़रूरत पड़ेगी, ऐसे में बैंकिंग तंत्र को ज़रूरी नक़दी उपलब्ध कराने रिज़र्व बैंक में अभी से ही एहतियात उठाना शुरू कर दी है।


ज़ाहिर है कि रिज़र्व बैंक के इस कदम से बैंकिंग तंत्र के पास नक़दी की कमी दूर होगी, और लॉक डाउन और कर्फ़्यू के कारण बाधित अर्थव्यवस्था को काफ़ी राहत मिलेगी। दरअसल, कोरोनो वायरस की जो हालात अभी भारत में हैं, उन्हें मद्देनज़र रखते हुए कहा जा सकता है कि 15 अप्रैल तक ही देश में आर्थिक स्थिति सामान्य शायद न हो पाए। ऐसे में रिज़र्व बैंक ने दूरदर्शिता भरा फ़ैसला लेकर बैंकिंग तंत्र में नक़दी की उपलब्धता कराई है। हालांकि, लॉक डाउन और कर्फ़्यू के बाद रिज़र्व बैंक के सामने और भी कई चुनौतियां आएंगी, जैसे GDP में गिरावट, महंगाई में वृद्धि और ठप आर्थिक उत्पादन। ऐसे में अब देखना होगा कि रिज़र्व बैंक इन बड़ी चुनौतियों से कैसे निपटता है?