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कोरोना वायरस संकट के बाद बहुत बदल जाएंगे लोग और समाज!

27 Mar 2020

कोरोना वायरस के कारण होंगे कई सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन


MARCH 27 (WTN) - कोरोना वायरस संकट से पूरी दुनिया इस समय एक युद्ध सा लड़ रही है। 190 से ज़्यादा देशों में कोरोना वायरस संक्रमण फैल चुका है। इस लेख को लिखे जाने तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण से 24,090 लोगों की मौत हो चुकी है। बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण से इटली में अभी तक 8,215 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इस समय कोरोना वायरस के सबसे ज़्यादा संक्रमित मरीज़ अमेरिका में हो गए हैं। जानकारी के लिए बता दें कि अमेरीका में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 85,594 हो गई है।

कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए भारत में 21 दिन का लॉक डाउन चल रहा है। लॉक डाउन के कारण पूरे देश में लोग घरों में बंद हो चुके हैं। ऐसे में एक रिसर्च के मुताबिक़, कोरोना वायरस का कहर कम होने के बाद पूरी दुनिया में लोगों की आदतों में बहुत परिवर्तन आएगा। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस के कारण लोगों की खाने पीने की आदतें, आपसी सम्पर्क, विचार करने का तरीका, सुरक्षा के लिए सोच, कामकाज का तरीक़ा, घरों की डिज़ाइन और घूमने फिरने का तरीक़ा सब बदल जाएगा।

सबसे पहले तो लोग भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से डरने लगेंगे। लोग सार्वजनिक परिवहन की जगह पर निजी वाहनों का ज़्यादा इस्तेमाल करने लगेंगे। सार्वजनिक वाहनों से यात्रा करने से लोगों में संक्रमण का डर बना रहेगा ऐसे में सार्वजनिक वाहनों का परिचालन करने वालों को साफ़ सफ़ाई पर ज़्यादा फोकस करना होगा। इतना ही नहीं, लोग सिर्फ़ ज़रूरत के लिए है घरों और अपने शहर से बाहर निकलेंगे। माना जा रहा है कि इससे पर्यटन उद्योग को बड़ा नुकसान हो सकता है। वहीं, बड़े शहरों की तरफ लोगों का पलायन कम होगा और वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा मिलेगा।

रिसर्च के मुताबिक़ कोरोना वायरस संकट ख़त्म होने के बाद पारिवारिक और सामाजिक संबंधों में बदलाव आएगा। आगे किसी भी तरह के संक्रमण के डर से लोग एक दूसरे से मिलना कम कर सकते हैं। परिवार और समाज के लोगों से लोग कम ही मिला करेंगे। लोग मिलने की बजाये फ़ोन पर ही एक दूसरे से बातें कर लिया करेंगे। साफ़ है कि किसी भी तरह के संक्रमण के डर से लोगों की घरों में ज़्यादा रहने की प्रवृत्ति बढ़ जाएगी। वहीं संक्रमण के डर से लोग एक दूसरे को छूने, हाथ मिलाने और गले मिलने से डरने लगेंगे।

आने वाले समय में विद्यार्थी क्लासरूम आने की बजाये ऑनलाइन क्लासेज से पढ़ाई करना पसंद करेंगे। वहीं लोगों के इंटरटेंमेंट के तरीके भी बदल सकते हैं। लोग थियेटर में जाने के बजाय ऑनलाइन इंटरटेंमेंट को ज़्यादा तरजीह देने लगेंगे। मॉल से शॉपिंग का कल्चर भी कम हो सकता है क्योंकि लोग संक्रमण के डर से भीड़ वाली जगहों पर जाने से डरेंगे। लोग अपने घरों की डिज़ाइन भी ऐसी बनाने लगेंगे जिससे उनके घर साफ रहें और बाहरी लोगों का घर के अन्दर ज़्यादा प्रवेश ना हो।

कोरोना वायरस संक्रमण संकट के बाद लोगों की खाने पीने की आदतों में बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। लोग खाने में हाइजीन को सबसे ज़्यादा तरजीह देंगे। वहीं नॉनवेज खाने वाले बड़ी तादात में नॉनवेज खाना छोड़ सकते हैं। कच्चा और अधपका खाना खाने से लोग परहेज़ करेंगे। होटल और दूसरे के यहां खाने से लोग कतराने लगेंगे। साफ़ है कि कोरोना वायरस संक्रमण का संकट ख़त्म होने के बाद लोगों की आदतों और सोच में बहुत बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।