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...तो 'इस तरह' मोदी सरकार देगी कोरोना वायरस संक्रमण को मात

06 Apr 2020

कोरोना वायरस संक्रमण से बचने मोदी सरकार ने बनाया मास्टर प्लान


APRIL 06 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 200 से ज़्यादा देशों के नागरिक प्रभावित हैं। चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण की बीमारी मानव समाज के लिए इस समय की सबसे बड़ी त्रासदी बन गई है। इस लेख को लिखे जाने तक कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक पूरी दुनिया में 69,471 लोगों की मौत हो चुकी है। यूरोप के विकसित देश इटली में कोरोना वायरस के कारण सबसे ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं। इटली में अभी तक कोरोना वायरस से 15,887 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण सबसे ज़्यादा 3,36,830 लोग संक्रमित हो चुके हैं।

 

जहां तक भारत की बात है, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण तेज़ी से बढ़ता जा रहा है।  ऐसे में संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए 21 दिन का लॉकडाउन देश में जारी है। लेकिन इसके बाद भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं हर दिन कोरोना वायरस संक्रमण से लोगों की मौतें हो रही हैं। ऐसे में सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के ख़िलाफ़ जीत हासिल करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है।

 

इस मास्टर प्लान के तहत, सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र को पूरी तरह से बफर ज़ोन बनाकर सील कर दिया जाएगा। इस प्रभावित इलाके को लगभग एक महीने तक पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। जिन इलाकों में कोरोना वायरस संक्रमण के ज़्यादा मरीज़ होंगे, वहां पर स्कूल, कॉलेज और ऑफिस को बंद रखा जाएगा। इतना ही नहीं, उन इलाकों में प्राइवेट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चलने की इजाज़त नहीं होगी। लेकिन यहां पर सिर्फ़ ज़रूरी सेवाओं को बहाल रखा जाएगा।

 

कोरोना वायरस संक्रमण से प्रभावित इन इलाकों में सभी पाबंदियां तभी हटाई जाएंगी, जब यहां से कोरोना वायरस संक्रमण का कोई नया मरीज़ न मिले। लेकिन इसके लिए शर्त यह रखी गई है कि उस इलाके में कोरोना वायरस संक्रमण का आख़िरी पॉजिटिव मरीज़ मिलने के चार सप्ताह के बाद सारी पाबंदियां खत्म कर दी जाएंगी।

 

मास्टर प्लान के तहत कोरोना वायरस संक्रमण के सभी मरीज़ों को हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि यह वो हॉस्पिटल होंगे जिन्हें खासतौर पर COVID-19 के लिए तैयार किया गया है या फिर तैयार किया जाएगा। इतना ही नहीं, कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित मरीज़ को अस्पताल से छुट्टी देने के लिए भी गाइडलाइंस तैयार की गई हैं। इन गाइडलाइंस के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ को हॉस्पिटल से तभी डिस्चार्ज किया जाएगा जब उसके लगातार दो सैंपल निगेटिव आ जाएं।

 

वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित कम लक्षण वाले मरीज़ों को स्टेडियम में रखा जाएगा। थोड़े ज़्यादा लक्ष्ण वाले मरीज़ों को हॉस्पिटल में रखा जाएगा। जबकि ज़्यादा गम्भीर मरीज़ों को बड़े और स्पेशल हॉस्पिटल में भेजा जाएगा। इंफ्लुएंजा जैसी बीमारियों के मामलों की जांच स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर की जाएगी। साथ ही किसी भी तरह की बढ़त पर नज़र रखी जाएगी, और अतिरिक्त जांच के लिए इसे सर्विलांस ऑफिसर या सीएमओ की जानकारी में लाया जाएगा।

 

इतना ही नहीं, सरकार कोरोना वायरस संक्रमण से संक्रमित मरीज़ों की जांच की संख्या को भी लगातार बढ़ाने की तैयारी में है। ज़ाहिर है कि मोदी सरकार अपनी पूरी ताक़त से कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से बचाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में हम लोगों का भी नागरिक कर्त्तव्य है कि हम सरकार के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करें, जिससे कोरोना वायरस संक्रमण फैलने ना पाए।