HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

नामी कंपनियों को रास आ रहा है वर्क फ्रॉम होम कल्चर

23 May 2020

तो क्या COVID-19 ने बदल दिया है कंपनियों में काम का तरीका?

MAY 23 (WTN) - कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) ने पूरी दुनिया में काम करने के तरीके को बदल दिया है। कोरोना वायरस संक्रमण ने कर्मचारियों के बचाव के लिए वर्क फ्रॉम होम का कल्चर पूरी दुनिया की अधिकांश कंपनियों ने इस समय अपनाया हुआ है। इसी बीच, वर्क फ्रॉम होम पर पूरी दुनिया में चर्चा जारी है कि क्या काम करने का यह तरीक़ा क्या एक अच्छा विचार है?

बात करें दुनिया की नामी कंपनियों ट्विटर, फेसबुक और गूगल की, तो ट्विटर और फेसबुक जैसी कंपनियां जहां हमेशा के लिए अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का विकल्प देने की बात कर रही हैं, तो Google जैसी बड़ी कंपनी भी इस बारे में विचार कर रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन में COVID-19 महामारी फैलने के दौरान ही फेसबुक ने वैश्विक महामारी के खतरे की आशंका के कारण अपने कुछ कर्मचारियों को लम्बे वक़्त के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की पहल कर दी थी। वहीं, महामारी के विकराल रूप धारण करते ही फेसबुक के ज़्यादातर कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करने लगे।

बता दें कि फेसबुक के सीईओ मार्क ज़करबर्ग भी वर्क फ्रॉम होम कल्चर को अपना रहे हैं और इसकी वकालत भी कर रहे हैं। इस बारे में ज़करबर्ग का कहना है कि अमेरिका में कंपनी की ओपन भूमिकाओं के लिए दूर से भर्ती और वर्क फ्रॉम होम की शुरुआत हो चुकी है। बता दें कि फेसबुक की नई पॉलिसी के अनुसार, दुनिया भर में 48 हज़ार से ज़्यादा कर्मचारियों में से अधिकतर इस साल के अंत तक अपने घर से काम करने का आवेदन कर सकेंगे।

साफ है कि COVID-19 के बाद अब फेसबुक इस तरह की सबसे बड़ी कंपनी बनने की ओर अग्रसर है जो बड़ी वर्कफोर्स को अगले दस सालों में वर्क फ्रॉम होम करने के लिए तैयार करेगी। जकरबर्ग के मुताबिक, "अगले पांच से दस सालों में कंपनी के करीब आधे लोग हमेशा के लिए रिमोट वर्किंग कर रहे होंगे। फिलहाल इस साल के लिए वर्क फ्रॉम होम की सुविधा है और उसके बाद भी COVID-19 की स्थिति के हिसाब से यह सुविधा बहाल ही रहेगी।"

ज़करबर्ग के अनुसार, "कंपनी के भीतर हुए एक सर्वे में 40 प्रतिशत कर्मचारियों ने वर्क फ्रॉम होम में रुचि दिखाई है। इतना ही नहीं, वर्क फ्रॉम होम के कारण कर्मचारियों में सकारात्मक बदलाव नज़र आए हैं और वर्क फ्रॉम होम के कारण उनकी काम करने की क्षमता में वृद्धि हुई है।"

इधर, माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने करीब डेढ़ हफ्ते पहले अपने कर्मचारियों को फिलहाल वर्क फ्रॉम होम करने की इजाज़त दे दी है। साथ ही कंपनी ने यह भी कहा है कि यदि वे हमेशा घर से ही काम करना चाहते हैं, तो वे ऐसा कर सकते हैं। वहीं, यदि वे वापस ऑफिस आकर काम करना चाहते हैं तो वे ऐसा भी कर सकते हैं।

इधर, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई का वर्क फ्रॉम होम के बारे में कहना है कि फिलहाल कंपनी के कई कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम ही कर रहे हैं। लेकिन सीईओ पिचाई ने वर्क फ्रॉम होम कल्चर को लेकर आशंका भी जताई है। ख़ैर, भविष्य में जो भी हो, लेकिन विश्व की नामी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम का कल्चर पसंद आने लगा है। अब देखना होगा कि COVID-19 का खतरा समाप्त होने के बाद भी क्या कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम का कल्चर लागू रहता है कि नहीं?