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बदल रहा है भारत के मौसम का मिजाज

28 May 2020

अम्फान ने किया देश के मौसम को काफी हद तक प्रभावित

MAY 28 (WTN) - यदि आपने गौर किया हो, तो आपने महसूस किया होगा कि साल 2019 में हुई ज़ोरदार बारिश के बाद भारत में मौसम में काफी अजीब परिवर्तन देखे गए हैं। पिछले साल बारिश का सीजन खत्म होने के बाद से हर महीने थोड़ी न थोड़ी बारिश हुई है। वहीं, इस समय गर्मी के दिनों में उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में काफी तेज गर्मी पड़ रही है। दरअसल, इस बार भयानक लू चलने या फिर तेज़ गर्मी पड़ने के पीछे चक्रवाती तूफान अम्फान का संबंध मौसम वैज्ञानिक बता रहे हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में आमतौर पर 15 मई के आसपास तक गर्मी में तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। लेकिन इस साल देश के पश्चिम, उत्तर और मध्य इलाकों में 21 मई के बाद तापमान अपने चरम स्तर पर पहुंच पाया। मौसम विभाग के अनुसार, "29 मई के बाद तापमान में गिरावट देखी जा सकती है।" मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, "उत्तर भारत में तापमान बढ़ने के समय में देरी होने का बड़ा कारण पश्चिमी डिस्टरबेंस का लगातार बने रहना है।"

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब पश्चिमी डिस्टरबेंस दो दक्षिणी समुद्रों बंगाल की खाड़ी या अरब सागर के साथ क्रिया प्रतिक्रिया करता है तो इस दोनों समुद्रों की तरफ से गर्म हवाएं चलती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, "इस साल जनवरी के महीने से लेकर मार्च के महीने के बीच रिकॉर्ड 20 पश्चिमी डिस्टरबेंस देखे गए हैं। वैसे इस डिस्टरबेंस का प्रभाव ज़्यादातर दिसंबर से फरवरी महीने के दौरान दिखता है, लेकिन इस बार यह प्रभाव शुरूआती मई तक देखा गया।"

जैसा कि हमने आपको बताया कि इस साल हर महीने थोड़ी न थोड़ी बारिश हुई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि बंगाल की खाड़ी की और से चल रही पुरवा हवाओं के पछुआ हवाओं के साथ टकराने के कारण राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली में मई के महीने तक हर महीने बेमौसम बारिश हुई। यही वो एक प्रमुख कारण है कि मई के महीने में तापमान अपने चरम पर देर से पहुंचा। इधर, भारतीय मौसम विज्ञान के मुताबिक, इस साल अभी तक तापमान सामान्य से कम रहा है।

अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चक्रवात अम्फान ने क़हर बरपाया है। और इसी के फौरन बाद देश के अधिकांश हिस्सों में लू की स्थिति बनने के पीछे सुपर साइक्लोन का कुछ प्रभाव माना जा रहा है। दरसअल, अम्फान चक्रवात ने बंगाल की खाड़ी समेत पूरे दक्षिणी प्रायद्वीप पर जो नमी थी, उसे 700 किलोमीटर के लंबे क्षेत्र में खत्म कर दिया है। यहां तक कि अम्फान चक्रवात ने अरब सागर की सतह से भी नमी को कम कर दिया है।

अपनी यात्रा के दौरान जब चक्रवात अम्फान 16 मई से 20 मई के बीच बंगाल और बांग्लोदश के बीच बढ़ा तो सारी नमी कम होती चली गई। अब जबकि नमी खत्म हो गई, तो पछुआ हवाओं को बल मिला। ऐसा होने से राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कई इलाकों में खुश्क उत्तर पश्चिमी हवाओं के बहने के कारण तेज़ लू के हालात हैं।