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अब वाहन के स्टीकर के कलर से चलेगा वाहन के प्रदूषण फैलाने का पता

08 Jun 2020

BS-6 उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों पर एक सेंटीमीटर लंबा हरा रंग का स्टिकर लगाना अनिवार्य

JUNE 08 (WTN) - जैसा कि आप जानते ही होंगे कि लगातार बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण वाहनों से निकलने वाले हानिकारक धुएं को नियंत्रित करने के लिए देश में BS उत्सर्जन मानकों को अपनाया जा रहा है। BS मानकों के संबंध में समय-समय पर नए-नए दिशा निर्देश कोर्ट और सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं।

इसी कड़ी में अब BS-6 उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों पर एक सेंटीमीटर लंबा हरे रंग का स्टिकर लगाना अनिवार्य होगा। BS-6 वाहनों पर हरे स्टीकर लगाना 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से मोटर वाहन (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स) आदेश, 2018 में संशोधन के जरिए यह आदेश एक अधिसूचना के रूप में जारी किया गया है कि BS-6 उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों की तीसरी रजिस्ट्रेशन प्लेट के ऊपर एक सेंटीमीटर की हरी पट्टी लगाना अनिवार्य होगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले सरकार ने कहा था कि एक अप्रैल, 2019 से सभी मोटर वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाई जाएगी। यह रजिस्ट्रेशन प्लेट ऐसी होगी जिससे छेड़छाड़ नहीं की जा सकेगी। दरअसल, हरे रंग के स्टीकर का आदेश इसलिए जारी किया गया है क्योंकि मांग की जा रही थी कि BS-6 उत्सर्जन मानक वाले वाहनों की पहचान अलग से होना चाहिए।

बता दें इस तरह से अलग से स्टीकर लगाने की व्यवस्था अन्य देशों में पहले से है, जिसे थर्ड नम्बर प्लेट भी कहा जाता है। इस थर्ड नम्बर प्लेट को ​वाहन निर्माता हर वाहन के विंडशील्ड में फिट करता है।

दरअसल, HSRP में एक क्रोमियम आधारित होलोग्राम, नम्बर प्लेट के टॉप लेफ्ट कॉर्नर पर आगे-पीछे दोनों तरफ लगाया जाता है। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन प्लेट पर नीचे की तरफ लेफ्ट साइड में रिफ्लेक्टिव शीटिंग में न्यूनतम 10 अंकों के साथ परमानेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर की लेजर ब्रांडिंग भी रहना अनिवार्य किया गया है। वहीं, तीसरी नम्बर प्लेट में वाहन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के अनुसार कलर कोडिंग भी होगी। 

इस कलर कोडिंग से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान हो सकेगी। पेट्रोल या सीएनजी से चलने वाले वाहनों पर हल्के नीले रंग की कलर कोडिंग की जाएगी। जबकि डीज़ल वाहनों पर यह कोडिंग केसरिया रंग की होगी। इस तरह से स्टीकर से पता लगाया जा सकेगा कि वाहन से किस तरह का प्रदूषण फैल रहा है।