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भारतीयों में कब आएगा विदेशियों की तरह 'यह जज़्बा'!

16 Jun 2020

कोरोना वायरस संक्रमण से बचने विदेशों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जगह बढ़ा साइकिलिंग का क्रेज

JUNE 16 (WTN) - साल 2020 की जब शुरुआत हुई थी, तो शायद ही किसी ने कल्पना की होगी कि आने वाले महीनों में मानव प्रजाति को एक बहुत बड़ी महामारी का सामना करना पड़ेगा। जैसा कि आप जानते ही हैं कि चीन के वुहान शहर से उपजी और फैली कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) अभी तक 4 लाख 39 हज़ार से ज्यादा लोगों की जान ले चुकी है। वहीं, 81 लाख 28 हजार से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।

वैसे कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के डर ने पूरी दुनिया के लोगों की आदतों में परिवर्तन कर दिया है। लोगों की खाने-पीने की आदतों से लेकर दैनिक गतिविधियों और सामाजिक मेलजोल में सबसे ज़्यादा परिवर्तन देखा जा रहा है। दरअसल, संक्रमण के डर से लोग अब भीड़ से दूर अकेले रहना ज़्यादा पसंद कर रहे हैं। 

अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिम बंद हैं, और कई जगहों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बंद हैं या सीमित हैं, तो ऐसे में पूरी दुनिया में साइकिल की डिमांड काफी बढ़ गई है। जी हां, कोरोना संकट के कारण पूरी दुनिया में साइकिल की इतनी डिमांड बढ़ी है कि इतनी पिछले कई दशकों में नहीं बढ़ी थी।

सबसे बात करते हैं दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका की, तो जानकारी के अनुसार वहां पर वॉलमार्ट और टारगेट जैसे सुपर बाजार में साइकिल का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। वहीं, साइकिल बेचने वाली दुकानों पर लोगों की सस्ती फैमिली बाइक की मांग ज़ोर पकड़ रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के कारण अमेरिका में पिछले दो महीनों में साइकिल की बिक्री बहुत ज़्यादा बढ़ी है। अमेरिका में साइकिलों की बिक्री में ऐसी तेज़ी साल 1970 में तेल संकट के बाद देखी गई है। दरअसल, अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के डर से लोग जिम नहीं जा रहे हैं। और इसी कारण से साइकिल के ज़रिए लोग व्यायाम कर रहे हैं। वहीं, संक्रमण से बचने के लिए वहां पर लोग कार और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को काफी1 हद तक इग्नोर कर रहे हैं।

बात करें अन्य देशों की, तो फिलीपींस की राजधानी मनीला, इटली की राजधानी रोम और UK की राजधानी लंदन में भी लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट और निजी कार की जगह पर साइकिल को पहले की तुलना में ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।

दरअसल, इन देशों में साइकिल चलाने वालों के लिए अलग से लेन होने के कारण यहां पर साइकिल का लोग पहले की तुलना में ज़्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं जिससे वे संक्रमण से बच सकें। वहीं, इटली जैसे कुछ यूरोपीय देशों में वहां की सरकारों की ओर से बाइक और साइकिल खरीदने के लिए घोषित वित्तीय मदद के कारण भी बाइक और साइकिल की डिमांड बढ़ी है। इधर, लंदन में स्थानीय प्रशासन की योजना है कि शहर के कई इलाकों में कार को बैन कर दिया जाए जिससे संक्रमण का खतरा कम हो।

लेकिन जहां तक भारत की बात है, तो कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते केसों के बाद भी लोग यहां पर खुद की सुरक्षा के लिए सीरियस नहीं हो रहे हैं। ऐसे में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में संक्रमण से बचने के लिए साइकिल का इस्तेमाल करना काफी दूर की बात है।

दरअसल, अभी भी भारत में साइकिल चलाने वालों को हिक़ारत की नज़र से देखा जाता है। वहीं, भारत के बड़े शहरों में घर और ऑफिस के बीच लंबी दूरी और हैवी ट्रैफिक के कारण भी साइकिलिंग ज़्यादा लोगों के लिए सम्भव नहीं है। भारत में वैसे अब साइकिल 14 साल तक के बच्चों के बीच ही पॉपुलर है, नहीं तो इससे बड़े किशोर अवस्था के बच्चों के बीच में बाइक का क्रेज ही ज़्यादा है।