HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

अब ऑनलाइन शॉपिंग में भी चीन में निर्मित प्रोडक्ट्स पर नकेल कसने की तैयारी!

19 Jun 2020

अब ई-कॉमर्स कंपनियों को देनी पड़ सकती है मेड इन चाइना प्रोडक्ट्स की जानकारी

JUNE 19 (WTN) - चीन की सेना ने भारतीय सैनिकों के साथ जो कायराना हरक़त की है, इस पर पूरे देश में चीन के ख़िलाफ़ गुस्सा है। चीन की वामपंथी सरकार की सेना में भारत के बहादुर सैनिको से आमने-सामने लड़ने की हिम्मत नहीं है। इसलिए ही चीन के सैनिकों ने धोखे से और पीछे से भारतीय सैनिकों पर हमला किया, जिससे हमारे 20 जवान शहीद हो गए।

चीन की कायराना हरक़त पर पूरे भारत में गुस्से का मौहाल है। चीन को सबक सिखाने के लिए काफी तादात में लोगों ने चीनी सामान का पूरी तरह से बहिष्कार करने की ठान ली है। लोगों का मानना है कि चीनी सामान का बहिष्कार कर चीन को कड़ा संदेश दिया जा सकता है।

चीन के सामान के बहिष्कार के लिए देश के एक बड़े व्यापारिक संगठन CAIT ने बाकायदा एक देशव्यापी अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत व्यापारियों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे न ही चीन से कोई भी सामान आयात करें और न ही चीन में निर्मित किसी सामान को अपनी दुकान पर बेचें।

चीन के ख़िलाफ़ जारी गुस्से का असर ही है कि बड़ी संख्या में लोग चीन में निर्मित सामान का बहिष्कार कर रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लोग अब चीन में बने सामानों का बहिष्कार सिर्फ ऑफलाइन बाज़ारों में ही नहीं बल्कि ऑनलाइन शॉपिंग के समय भी कर सकेंगे।

दरअसल, इसके लिए मोदी सरकार ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए एक नया नियम बनाने पर विचार कर रही है। इस नियम के अनुसार, ई-कॉमर्स कंपनियों को अपने प्लेटफार्म पर बेचे जाने वाले प्रोडक्ट के बारे में यह बताना होगा कि वो देश में यानि कि भारत में बना है या नहीं?

माना जा रहा है कि भारत सरकार ऐसा इसलिए कर रही है क्योंकि वो चीन से बढ़ते आयात को कम करना चाहती है। दरअसल, जब ग्राहक ई-कॉमर्स कंपनियों पर खरीदी करें, तो वे जान सकें कि जो प्रोडक्ट वे ख़रीद रहे हैं वो भारत में बना है कि विदेश में। ऐसे में चीन के खिलाफ गुस्से के कारण लोग ई-कॉमर्स कंपनियों पर ख़रीदी के समय भी चीन में निर्मित वस्तुओं का बहिष्कार कर सकेंगे।

बता दें कि इस तरह की पॉलिसी अभी भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से तैयार की जा रही है। यदि यह पॉलिसी लागू होती है, तो ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए यह जरूरी होगा कि वे वह हर प्रोडक्ट के बारे में अपनी वेबसाइट पर यह स्पष्ट करें कि वह प्रोडक्ट भारत में बना है या नहीं?

माना जा रहा है कि मोदी सरकार इस प्रावधान को काफी कड़ाई से लागू करना चाहती है। बता दें कि भारत सरकार की इस नीति पर जल्द ही आम लोगों और कंपनियों की राय ली जाएगी। मोदी सरकार यदि ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए इस तरह के प्रावधान लागू करती है, तो इससे देश के उद्यमियों को काफी फायदा मिलेगा।

दरअसल, देश के लोगों में चीन के प्रति ज़बरदस्त गुस्सा है, ऐसे में लोग चीन में निर्मित प्रोडक्ट की जगह पर भारत में बने प्रोडक्ट्स को खरीदने में दिलचस्पी दिखाएंगे। और यदि ऐसा होता है, तो इसका पूरा लाभ भारतीय उद्यमियों को होगा। 

इतना ही नहीं, चीन से होने वाले आयात पर अंकुश लगाने के लिए मोदी सरकार स्टार्टअप्स को स्थापित करने के लिए भी काफी सहूलियतें और छूट दे सकती है, जिससे देश में ही सस्ता और स्तरीय माल तैयार हो सके। स्वाभाविक है कि मोदी सरकार का यह कदम मेड इन इंडिया उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। लेकिन अब देखना होगा कि भारत की जनता चीन में निर्मित उत्पादों के बहिष्कार के साथ-साथ मेड इन इंडिया उत्पादों को खरीदने में कितनी दिलचस्पी दिखाती है।