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...तो क्या फिर कभी ख़त्म नहीं होगी कोरोना वायरस संक्रमण महामारी?

11 Jul 2020

WHO ने जताई आशंका; कोरोना वायरस के ख़त्म होने की फिलहाल नहीं है 'संभावना'

JULY 11 (WTN) - पूरी मानव सभ्यता इस समय कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के सामने 'असहाय' बनी हुई है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक क़रीब 5,63,137 लोग मारे जा चुके हैं। वहीं, कोरोना वायरस संक्रमण से अभी तक क़रीब 1,26,39,695 लोग संक्रमित हो चुके हैं।

जैसा कि आप जानते ही हैं कि अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण की कोई भी वैक्सीन या दवा नहीं बन पाई है। हालांकि, दुनिया भर के वैज्ञानिक, कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की वैक्सीन या दवा की खोज में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। लेकिन इतनी मेहनत के बाद भी, अभी तक वैज्ञानिकों को कोई भी ठोस सफलता हासिल नहीं हो सकी है।

कोरोना वायरस इस समय वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। दरअसल, सबसे पहले तो अभी तक वैज्ञानिक किसी ठोस और फाइनल नतीजे पर पहुंच ही नहीं पाए हैं कि COVID-19 बीमारी कहां से और कैसे फैली? वहीं, इस बीमारी की दवा और वैक्सीन की खोज तो वैज्ञानिकों के सामने एक बड़ी चुनौती है ही। साथ ही इस बीमारी को और भी ज़्यादा फैलने से कैसे रोका जाए, यह भी वैज्ञानिकों के सामने चुनौती है।

वैसे COVID-19 पर शुरू से ही सवालों के घेरे में रहा WHO (World Health Organization) यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन भी COVID-19 महामारी के सामने फिलहाल असहाय नज़र आ रहा है। अब जबकि अमेरिका, ब्राज़ील और भारत समेत कुछ देशों में कोरोना वायरस के मामले तेज़ी से बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अब सभी आशा भरी नज़रों से WHO की तरफ देख रहे हैं। लेकिन अब WHO ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल ऐसा लगता नहीं है कि कोरोना वायरस पूरी तरह से ख़त्म होगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि WHO के इमरजेंसी प्रोग्राम के प्रमुख डॉ. माइक रयान के अनुसार, "कोरोना वायरस संक्रमण अब भी तेज़ी से फैल रहा है और फिलहाल ऐसा लगता नहीं है कि इसके ख़त्म होने की कोई भी संभावना है।" 

डॉ. माइक रयान के मुताबिक़, "अब जबकि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी के ख़त्म होने की संभावना नहीं है, तो ऐसे में संक्रमण के क्लस्टर को रोककर कोरोना संक्रमण के दूसरे पीक और दोबारा लॉकडाउन करने की स्थिति से बचा जा सकता है। लेकिन अब चूंकि कोरोना वायरस संक्रमण के क्लस्टर से इसके मामले फिर से कुछ देशों में बढ़ने लगे हैं, तो ऐसे में इन जगहों पर फिर से लॉकडाउन करना पड़ सकता है।"

वैसे, न्यूज़ीलैंड और आइलैंड समेत कुछ देशों ने अपने यहां पर कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पा लिया है, लेकिन WHO को डर है कि दूसरे देशों से कोरोना वायरस के मामले इन देशों में आने पर यहां पर भी कोरोना वायरस संक्रमण का ख़तरा  हमेशा बना रहेगा।

अब इसे लापरवाही कहिये या कुछ और, शताब्दी में एक बार आने वाली इस तरह की महामारी काफी तेज़ी से बढ़ती ही जा रही है। अभी भी दुनिया के एक बड़े हिस्से में कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू नहीं पाया जा सका है। ख़ैर, अब यह देखना होगा कि कितनी जल्दी इस बीमारी की दवा या वैक्सीन बन पाती है जिससे इस महामारी को जल्दी से जल्दी नियंत्रित किया जा सके।