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अब 'इस तरह" से चीन को झटका देगी मोदी सरकार!

22 Jul 2020

चीन से आयातित सामान पर लगाम कसने मोदी सरकार ने बनाई 'रणनीति'

JULY 22 (WTN) - विस्तारवादी मानसिकता वाले देश चीन के खिलाफ भारत में गुस्सा अभी भी बरक़रार है। जैसा कि आप जानते ही हैं कि पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी पर चीन ने LAC पर दादागिरी दिखाने की कोशिश की थी। जिसके बाद चीन और भारत के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी।

इस घटना के बाद काफी लम्बे वक़्त तक दोनों देशों के बीच LAC पर और कूटनीतिक स्तर पर तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि, फिलहाल दोनों देशों के बीच शांति बनी हुई है। लेकिन चीन की लगातार बढ़ती दादागिरी और अक्खड़पन के रवैये को सबक सिखाने के लिए मोदी सरकार एक रणनीति पर काम कर रही है।

दरअसल, मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, मोदी सरकार आत्मनिर्भर भारत के मिशन को आगे बढ़ाने, और चीनी सामान के आयात पर चरणबद्ध तरीक़े से रोक लगाने के लिए रणनीति तैयार कर रही है। इसी कड़ी में मोदी सरकार, चीनी सामान के आयात और चीनी निवेश पर धीरे-धीरे शिकंजा कसने की तैयारी में है।

दरअसल, अब मोदी सरकार चीन से आयात किए जाने वाले दैनिक उपयोग में  उपयोग में आने वाले सामानों पर भारी भरकम टैक्स लगाने की तैयारी में है जो अगले पांच साल के लिए लागू रहेंगे। इसके साथ ही मोदी सरकार ने चीन से आयात होने वाले सामानों पर योजनाबद्ध तरीक़े से पाबंदी लगाने के लिए इन्हें दो कैटेगरी में बांटा है।

जानकारी के मुताबिक़, चीन से भारत जितना भी सामान आयात करता है उन्हें दो कैटेगरी में बांटा जाएगा। आयतित सामान को दो कैटेगरी में भी रणनीति के तहत अलग-अलग किया गया है जिससे चीन के आयात पर कड़ी नज़र रखी जाए और चीन पर निर्भरता कम की जाए।

जानकारी के अनुसार, पहली कैटेगरी में कम क़ीमत लेकिन ज़्यादा वाल्यूम वाले दैनिक उपयोग के सामान को शामिल किया गया है। इस कैटेगरी में उन सामानों को शामिल किया गया है जो वैल्यू टर्म में तो काफी कम होते हैं लेकिन वॉल्यूम टर्म में बहुत ज़्यादा होते हैं। इस तरह के सामान को 'लो वैल्यू-हाई वाल्यूम' कहा जाता है।

इस कैटेगरी के सामान के लिए सरका ने कुछ रणनीति तैयार की है जिस पर काम भी शुरू कर दिया गया है। इस रणनीति के तहत, सस्ते इंपोर्ट पर एंटी डंपिंग ड्यूटी और सेफगार्ड ड्यूटी लगाई जा सकती हैं। वहीं, आयात होने वाले सामान की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। बाद में ज़रूरत पड़ने पर इन आयतित सामानों पर काउंटर वेलिंग ड्यूटी भी लगाई जा सकती है। साथ ही आयात पर टेक्नीकल स्टेंडर्ड शर्तें लागू करने की भी योजना है। इतना ही नहीं, सरकार डोमेस्टिक प्रोडक्शन पर इंसेंटिव देने की भी रणनीति पर काम कर रही है।

वहीं, चीन से आयातित सामानों की दूसरी कैटेगरी में उन सामानों को रखा जाएगा जिनकी हाई वैल्यू लेकिन लो वाल्यूम है। लेकिन इस तरह के सामान के लिए सरकार ने तय किया कि इस पर तुरंत कोई निर्णय नहीं लिया जाएग। इसके लिए लॉन्ग टर्म पॉलिसी के तहत पहले देश में इनका उत्पादन बढ़ाया जाएगा जिसके बाद धीरे-धीरे उसी अनुपात में इस तरह के सामान के चीन से आयात पर रोक लगाई जाएगी। साफ है कि मोदी सरकार अब LAC के बाद व्यापार के ज़रिए चीन को सबक सिखाने की तैयारी में है।