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...तो क्या चीन में कोरोना वायरस की सच्चाई को छिपाने के किए गए प्रयास?

28 Jul 2020

चीन के एक प्रमुख डॉक्टर का दावा; जांच से पहले ही वुहान सी-फूड मार्केट से मिटा दिए गए सबूत

JULY 28 (WTN) - चीन की वामपंथी सरकार की ग़लती, लापरवाही और ग़ैर ज़िम्मेदाराना रवैये के कारण ही कोरोना वायरस संक्रमण महामारी मानव सभ्यता के सामने इस समय की सबसे बड़ी चुनौती है। इस लेख को लिखे जाने तक, चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 6,56,922 लोगों की मौत हो चुकी गई।

ख़ैर, यह सभी जानते हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) का सबसे पहला मामला चीन के वुहान शहर में दर्ज़ किया गया था। बाद में वुहान में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले फैलने के बाद चीन की वामपंथी सरकार ने कहा था कि कोरोना वायरस संक्रमण वुहान के एक सी-फूड मार्केट से फैला है। हालांकि, अमेरिका समेत कई अन्य देश आरोप लगते रहे हैं कि कोरोना वायरस सी-फूड मार्केट से नहीं बल्कि वुहान की एक वायरोलॉजी लैब से लीक हुआ जैविक हथियार है।

इतना ही नहीं, वुहान के कई डॉक्टर्स आरोप लगा चुके हैं कि कोरोना वायरस से संबंधित मामलों को शुरुआत में ही छिपाने और दबाने का उन पर सरकार द्वारा दबाव बनाया गया था। हालांकि, चीन की वामपंथी सरकार अपने ऊपर लगे उन तमाम आरोपों को नकारती रही है जिसमें कोरोना वायरस के लैब से लीक होने की बात हो या फिर कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में लापरवाही बरतने या फिर उसे छिपाने की बात हो।

लेकिन इस सबके बीच, मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार चीन के एक प्रमुख डॉक्टर ने कोरोना वायरस को लेकर बड़ा दावा किया है। दरअसल, चीन के डॉक्टर प्रोफेसर क्वोक युंग युएन के अनुसार, "कोरोना वायरस संक्रमण के मामले शुरू होने पर स्थानीय अधिकारियों ने इस बीमारी के पैमाने को छिपाया।"

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शुरुआती दिनों में वुहान में कोरोना की जांच करने वाले डॉक्टर्स में क्वोक युंग युएन एक प्रमुख डॉक्टर थे। डॉक्टर क्वोक युंग युएन ने दावा किया है कि वुहान में कोरोना वायरस से संबंधित सबूत मिटा दिए गए थे और तब क्लिनिक में जांच काफी धीमी गति से चल रही थी।

डॉक्टर क्वोक युंग युएन के अनुसार, "जब हम Huanan के सी-फूड मार्केट में गए, तो वहां देखने को कुछ भी नहीं था क्योंकि मार्केट को पहले ही साफ कर दिया गया था। इसका मतलब है कि आप कह सकते हैं कि क्राइम सीन को पहले ही बदल दिया गया था।" वहीं, डॉक्टर क्वोक युंग युएन का आरोप है कि जिन स्थानीय अधिकारियों को जानकारी आगे भेजनी थी उन्होंने इस काम को सही तरीके से होने ही नहीं दिया। 

स्पष्ट है कि जब Huanan के सी-फूड मार्केट को साफ कर दिया गया था, तो ऐसे में कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी सबूत को पहचानना और ढूंढ़ना लगभग असंभव था जिससे यह पता चल सके कि यह वायरस मनुष्यों में यहां से फैला है तो किस तरह से फैला है। डॉक्टर क्वोक युंग युएन के आरोपों से साफ जाहिर होता है कि वुहान में कोरोना वायरस के मामले को छिपाने के लिए ज़रूर कुछ न कुछ षडयंत्र रचा गया था।

हालांकि, डॉक्टर क्वोक युंग युएन के आरोपों और दावों पर चीन की वामपंथी सरकार की कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया इस लेख को लिखे जाने तक सामने नहीं आई है। वैसे, चीन की वामपंथी सरकार का कहना है कुछ यूरोपीय देशों की सीवेज में पिछले साल कोरोना वायरस पाया गया था इसलिए यह कहना कि कोरोना वायरस संक्रमण वुहान में ही उत्पन्न हुआ है और यही से ही फैला है काफी जल्दबाज़ी होगी। ख़ैर, एक न एक दिन तो यह जांच से पता चल ही जाएगा कि कोरोना वायरस कैसे फैला? लेकिन तब तक चीन की वामपंथी सरकार को अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों की सफाई देना होगी।