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...तो क्या कोरोना वायरस को निष्क्रिय करने के लिए सिर्फ पानी ही है काफी?

31 Jul 2020

रूसी वैज्ञानिकों का दावा: पानी से कोरोना वायरस 72 घंटों के अंदर लगभग पूरी तरह से हो सकता है निष्क्रिय 

JULY 31 (WTN) - चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी (COVID-19) इस समय मानव सभ्यता के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। इस लेख को लिखे जाने तक, कोरोना वायरस संक्रमण महामारी से अभी तक पूरी दुनिया में क़रीब 6,77,185 लोगों की मौत हो चुकी है। 

वहीं, जैसा कि आप जानते ही हैं कि अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की कोई भी प्रामाणिक वैक्सीन नहीं बन सकी है। हालांकि, कोरोना वायरस संक्रमण बीमारी की वैक्सीन को बनाने के लिए पूरी दुनिया के वैज्ञानिक दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। लेकिन, दुर्भाग्य से इस दिशा में अभी तक कोई भी ठोस परिणाम हासिल नहीं हो सका है।

ख़ैर, इस सबके बीच, कोरोना वायरस पर तरह-तरह के शोध और अध्ययन लगातार जारी हैं जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने से लेकर इसके स्वरूप और संरचना को लेकर तरह-तरह के दावे समय-समय पर किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रूस के स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ़ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी वेक्टर के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में दावा किया है कि कोरोना वायरस पानी में पूरी तरह से ख़त्म हो जाता है।

दरअसल, जैसा कि आप जानते ही हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए बार-बार पानी से हाथ धोने की सलाह डॉक्टर्स द्वारा दी जा रही है। यानि कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए पानी काफी महत्वपूर्ण माना गया है। इसी कारण से कोरोना वायरस और पानी पर की गई अपनी स्टडी में रूस के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि पानी, कोरोना वायरस को 72 घंटों के अंदर लगभग पूरी तरह से निष्क्रिय कर सकता है।

रूसी वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार, कोरोना वायरस का स्वरूप और अस्तित्व प्रत्यक्ष तौर पर पानी के तापमान पर निर्भर करता है। रूसी वैज्ञानिकों का दावा है कि कोरोना वायरस के 90 प्रतिशत कण 24 घंटे में और 99.9 प्रतिशत कण कमरे के सामान्य तापमान पर रखे पानी में आसानी से निष्क्रिय हो जाते हैं। हालांकि, कुछ स्थितियों में कोरोना वायरस पानी में अस्तित्व में रह सकता है, लेकिन यह वायरस समुद्र या ताज़े पानी में नहीं बढ़ता है। वहीं, उबलते पानी के तापमान पर कोरोना वायरस पूरी तरह से और तुरंत निष्क्रिय हो जाता है।रूसी वैज्ञानिकों के अनुसार, कोरोना वायरस, स्टेनलेस स्टील, कांच, प्लास्टिक और सिरेमिक जैसी सतहों पर 48 घंटे तक सक्रिय रहता है। वहीं, रूसी वैज्ञानिकों ने अपने शोध में दावा किया है कि कोरोना वायरस एक जगह पर टिक कर नहीं रहता है और ज़्यादातर घरेलू कीटाणुनाशक इसे ख़त्म करने में काफी प्रभावी साबित हो रहे हैं।

रूसी वैज्ञानिकों ने अपने शोध में बताया कि 30 प्रतिशत कॉन्सन्ट्रेशन के एथिल और आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, आधे मिनट में वायरस के एक लाख कणों को निष्क्रिय कर सकते हैं। बता दें कि रूसी वैज्ञानिकों का यह दावा पिछले उन दावों को खारिज़ करता है जिसमें कहा गया था कि वायरस को ख़त्म करने के लिए 60 प्रतिशत से ज़्यादा कॉन्सन्ट्रेशन वाले अल्कोहल की ज़रूरत होती है। इस नई स्टडी के अनुसार, सतह को कीटाणुमुक्त करने में क्लोरीन भी काफी मददगार कारगर साबित हुआ है। वैज्ञानिकों के अनुसार, क्लोरीन से डिसइंफेक्ट करने पर SASR-CoV-2 सिर्फ 30 सेकंड के अन्दर पूरी तरह से नष्ट हो जाता है। 

ख़ैर, जब तक कोरोना वायरस संक्रमण की कोई प्रामाणिक वैक्सीन नहीं बन जाती है या फिर इसके केस आने बहुत कम नहीं हो जाते हैं। तब तक, घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वहीं, डॉक्टर की सलाह से योग, प्रणायाम और आयुर्वेद के ज़रिए ख़ुद की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। साथ ही, विटामिन-डी की शरीर में आपूर्ति के लिए कम से कम 20 मिनिट तक सूर्य की रोशनी के प्रत्यक्ष सम्पर्क में रहें।