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केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए खुलकर कीजिए दान, टैक्स में है 100 प्रतिशत की छूट

23 Aug 2018
आप भी कीजिए केरलवासियों की सहायता

AUG 23 (WTN) – केरल में आई सदी की सबसे बड़ी बाढ़ के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होते जा रहें हैँ। पूरे देश से केरलवासियों की सहायता के लिए दान दिया जा रहा है। यदि आप भी केरल की बाढ़ में किए जा रहे राहत कार्य में दान देते हैं तो आपको टैक्स में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। इतना ही नहीं, बैंक और एअरइंडिया भी केरल में बाढ़ से प्रभावितों के लिए कई तरह की राहत दे रहे हैं।
 
जानकारी के मुताबिक यदि अगर कोई भी केरल की बाढ़ के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष और केरल के मुख्यमंत्री आपदा कोष में दान देता है तो ये दान टैक्स फ्री होगा। आप केरलवासियों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में भीम ऐप के जरिये और ऑनलाइन बैंकिंग के जरिये भी दान कर सकते हैं।
 
इधर केरल के बैंकों ने कर्ज का नए सिरे से निर्धारण करने का फैसला किया है। बैंकों ने शिक्षा कर्ज पर छह महीने की अवधि तक कोई भी वसूली नहीं करने का फैसला लिया गया है। वहीं अन्य कर्जों पर एक साल तक वसूली रोकने का फैसला किया गया। इसके अलावा बैंकों ने नई चेक बुक और डेबिट कार्ड जारी करने पर सेवा शुल्क और फीस नहीं लेने का फैसला किया है। यह सुविधा 31 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी। वहीं आयकर अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित केरल में राहत कार्य के लिए अपना एक दिन का वेतन देने की घोषणा की है।
 
सरकारी विमानन कम्पनी एअर इण्डिया ने बाढ़ प्रभावित केरल जाने वाली सभी उड़ानों के टिकट पर 31 अगस्त तक टिकिट रद्दीकरण शुल्क से छूट दी है। यह छूट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर रहेगी। कम्पनी के मुताबिक 17 अगस्त या उससे पहले जारी किए गए टिकटों पर ही यह छूट लागू होगी। यह छूट कोच्चि, कोझीकोड और तिरुवनंतपुरम के लिए या वहां से उड़ान भरने वाली दोनों तरह की उड़ानों पर लागू होगी।
 
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष लोगों, संगठनों तथा ट्रस्ट से स्वैच्छिक आधार पर योगदान स्वीकार करता है। इस कोष में किये गये योगदान को आयकर कानून की धारा 80 (जी) के तहत कर छूट प्राप्त है। वहीं विदेशों से केरल बाढ़ पीड़ितों के लिये राहत को लेकर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन इसके लिये उन्हें निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अपनी नीति के तहत भारत सरकार आपदा पीड़ितों के लिये विदेशी सरकारों से कोई दान स्वीकार नहीं करता है। विदेश में रह रहे लोग और विदेशी निजी इकाइयां केरल बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिये योगदान कर सकते हैं, लेकिन यह कुछ शर्तें हैं।