अटलजी से जुड़ा 13 नम्बर का दिलचस्प संयोग
AUG 17 (WTN) – भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आज हमारे बीच नहीं हैं। कल 16 अगस्त को शाम को पांच बजकर पांच मिनट पर उन्होंने एम्स में अंतिम सांस ली। अटलजी तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। हर कोई किसी ना किसी तरह से अटलजी को याद कर रहा है। आज हम आपको बताते हैं कि उनके जीवन से जुड़ा एक अजीब संयोग।
अटलजी का 13 नम्बर से अजीब संयोग था। वाजपेयी जी तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। हालांकि वो एक बार ही अपना कार्यकाल पूरा कर पाए, बाकी 2 बार वो 13 दिन और 13 महीने के लिए देश के प्रधानमंत्री बन सके।
अटल बिहारी वाजपेयी ने 13 मई 1996 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
1996 में सरकार बनाने के 13 दिन बाद ही उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। वो बहुमत साबित नहीं कर पाए, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
अपने दूसरे कार्यकाल में अटलजी ने 13 मई, 1998 को पोखरण में दूसरा परीक्षण करवाया। परमाणु परीक्षण करना उनके सबसे प्रमुख निर्णयों में एक माना जाता है।
अटलजी अपना दूसरा कार्यकाल भी पूरा नहीं कर सके थे। दूसरे कार्यकाल में उनकी सरकार 13 महीने बाद ही गिर गई। गठबंधन में शामिल सहयोगी दलों ने इस बार अपना सहयोग वापस ले लिया और अटलजी की सरकार 13 महीने ही चल सकी।
13 अक्टूबर, 1999 को उन्होंने एक बार फिर प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। इस बार भी उन्होंने 13 तारीख को शपथ ली। इस बार उन्होंने 13 दलों के साथ सरकार बनाई।
2004 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को हार मिली और अटल बिहारी वाजपेयी को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा। इस बार भी 13 नम्बर की भूमिका रही। लोकसभा चुनाव के नतीजे 13 मई को आए और भाजपा चुनाव हार गई।
अटल जी का निधन 2018 में हुआ है। उन्होंने अपना अंतिम राजनीतिक भाषण 2005 में दिया था। यानी की उनका अंतिम राजनीतिक भाषण भी 13 साल पहले आया। साल 2005 में ही उन्होंने चुनावी राजनीति से संन्यास का ऐलान किया था।