HOME WORLD INDIA BHOPAL BUSINESS ENTERTAINMENT SCIENCE & TECHNOLOGY SPORTS HEALTH
WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RECIPES DRINKS FUN FACTS WTN HINDI
EDUCATION LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE BIG MEMSAAB OPINION & INTERVIEW BrahMos
ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
BREAKING NEWS

एक दिन में 2 लाख 80 हज़ार युवाओं को रोज़गार का दावा!

30 Jul 2018
बेरोज़गारों और किसानों पर मेहरबान शिवराज सरकार

JULY 30 (WTN) – चुनावी साल में मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार कोई भी ऐसा मौका छोड़ना नहीं चाहती है जिससे वो प्रदेश की जनता का लोक लुभावन वादों से दिल ना जीत सके। बेरोज़गारी और किसानों की समस्याएं ऐसे मुद्दें है जिस पर केन्द्र की मोदी सरकार से लेकर प्रदेश की शिवराज सरकार पर कांग्रेस निशाना साधती रहती है। अब इन्हीं बेरोज़गारों और किसानों को खुश करने के लिए मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने ऐसे फ़ैसले लिए हैं जो भाजपा के लिए चुनावी साल में लाभदायक हो सकते हैं।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक राज्य की भाजपा सरकार चार अगस्त को पूरे प्रदेश में स्वरोज़गार मेले लगाएगी। सरकार का दावा है कि इस मेले में क़रीब 2 लाख 80 हज़ार युवाओं को रोज़गार दिए जाएंगे। बुधनी में ख़ुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस तरह के मेले में शिरकत करेंगे। सरकार का दावा है कि एक ही दिन में क़रीब 2 लाख 80 हज़ार युवाओं को रोज़गार देने का लक्ष्य सरकार का है। 

किसानों को खुश करने की कवायद भी राज्य की भाजपा सरकार ने की है। जानकारी के मुताबिक सरकार ने लहसून और प्याज़ को न्यूनतम समर्थन मल्य पर ख़रीदने का फ़ैसला किया है। इतना ही नहीं, सरकार प्याज़ और लहसून उत्पादक किसानों को 800 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी बांटेगी। माना जा रहा है कि इससे सब्जी की खेती करने वाले किसानों को फ़ायदा होगा।

मध्य प्रदेश की कई सीटों पर सीधा-सीधा असर डालने वाले आदिवासी वोट बैंक पर भी राज्य की भाजपा सरकार की नज़रें हैं। इसलिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक फ़ैसला लिया है कि 9 अगस्त के दिन प्रदेश में आदिवासी दिवस मनाया जाएगा। इस दिन प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य वाले 22 ज़िलों में अवकाश रहेगा। वहीं 14 अगस्त को शहीदों की शहादत के सम्मान में पूरे राज्य में यात्रा निकाली जाएगी।

बेरोज़गार युवाओं और किसानों को शिवराज सरकार ने चुनावी साल में खुश करने की कोशिश की है। मध्य प्रदेश में भाजपा पिछले लगातार 15 सालों से सत्ता में है। ऐसे में एन्टी इंकम्बेन्सी फैक्टर का ख़तरा मण्डराता देख, भाजपा युवाओं और किसानों की मांगे मानकर उन्हें खुश करने की कवायद में है। यदि युवाओं और किसानों के वोटबैंक को अपनी तरफ़ करने में शिवराज सिंह चौहान सफ़ल रहे, तो कांग्रेस को एक बार फ़िर से विपक्ष में बैठना पड़ सकता है।