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2,000 रुपये के नोट्स पर जारी ‘इन आशंकाओं’ पर फ़िलहाल लगा विराम

17 Mar 2020
चालू वित्त वर्ष में नहीं छपा 2,000 रुपये का एक भी नोट; लोगों के मन में उठ रहे सवाल

MARCH 17 (WTN) – साल 2016 में ऐतिहासिक नोटबंदी के बाद सर्कुलेशन में आए 2,000 रुपये के नोट हमेशा से ही चर्चा का विषय रहे हैं। नोटबंदी के बाद जब 2,000 रुपये के नोट प्रचलन में आए थे, तो इनके बारे में कहा जा रहा था कि इन नोट्स में एक ऐसी चिप लगी हुई है, जिसकी सहायता से इन नोट्स की लोकेशन के बारे में पता चल जाता है। हालांकि, बाद में भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस तरह की किसी भी बात से इनकार किया था कि 2,000 रुपये की नोट में किसी भी तरह की कोई भी चिप लगी हुई है।
 
लेकिन 2,000 रुपये के नोट इसके बाद भी हमेशा से ही चर्चा का विषय रहे हैं। समय-समय पर इस बात की अफवाह फैलती रहती है कि सरकार एक बार फ़िर से नोटबंदी जैसा कोई बड़ा फ़ैसला लेने वाली है, और इस बार 2,000 रुपये के नोट्स को सर्कुलेशन से वापस लिया जा सकता है। वहीं कुछ लोग तो यह भी कहते पाये गये हैं कि 2,000 रुपये के नोट्स की छपाई सरकार ने बंद कर दी है।
 
लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2,000 रुपये के नोट के बारे में लोगों की यह आशंका सही साबित हुई है कि सरकार ने फ़िलहाल 2,000 रुपये के नोट की छपाई बंद कर दी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 31 मार्च को ख़त्म होने वाले चालू वित्त वर्ष 2019-2020 में 2,000 रुपये के एक भी नोट की छपाई नहीं हुई है। इस बात की जानकारी ख़ुद सरकार ने लोकसभा में दी है। हालांकि, सरकार ने इस बार में अभी तक कोई भी फ़ैसला नहीं है कि 2,000 रुपये के नोट्स की छपाई हमेशा के लिए बंद कर दी जाए। वहीं सरकार ने इस बात को भी स्पष्ट कर दिया है कि सरकार के पास 2,000 रुपये के नोट्स को प्रचलन से वापस लेने की कोई भी योजना नहीं है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी विशेष बैंक नोट की छपाई का फ़ैसला भारत की केन्द्रीय बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक से बातचीत करने के बाद ही लिया जाता है। सरकार के मुताबिक़, वित्त वर्ष 2019-2020 में 2,000 रुपये के नोट्स की छपाई की कोई ज़रूरत नहीं थी, इसलिए चालू वित्त वर्ष में 2,000 रुपये के नोट्स की छपाई नहीं की गई है। जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक 7.4 लाख करोड़ रुपये की क़ीमत के 2,000 रुपये के नोट्स की छपाई की गई है। वहीं इस समय 2,000 करोड़ रुपये फेसवैल्यू वाले 2,000 रुपये के नोट सर्कुलेशन में है।
 
जहां तक करंसी चेस्ट्स की बात है, तो 0.93 लाख करोड़ रुपये की फेसवैल्यू वाले 2,000 रुपये के नोट्स करंसी चेस्ट्स में हैं। वैसे कुछ समय पहले कुछ बैंकों ने अपने एटीएम से 2,000 रुपये के नोट्स के निकासी की सुविधा ख़त्म कर दी है। वहीं कहां तो यह भी कहा जा रहा है कि बैंक में जमा होने के बाद 2,000 रुपय के नोट्स वापस बाज़ार में सर्कुलेशन में नहीं आ रहे हैं।
 
केन्द्र सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक किसी भी नोट की छपाई का फ़ैसला कई पहलुओं को ध्यान में रखकर लेते हैं। नये नोट छापने के पहले सरकार महंगाई दर, जीडीपी ग्रोथ, ज़रूरी रिज़र्व स्टॉक और कटे-फटे नोटों आदि पहलुओं को ध्यान में रखकर ही नोट छपाई का फ़ैसला लेती है। ख़ैर, वैसे सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 2,000 रुपये के नोट्स को प्रचलन से बाहर करने की कोई भी योजना फ़िलहाल सरकार के पास नहीं है। लेकिन 2,000 रुपये के नोट्स पर हमेशा से ही लोगों की शंका बनी रहती है कि कहीं सरकार इन्हें रातों-रात प्रचलन से बाहर ना कर दे।
 
वैसे सरकार ने लोकसभा में देश की जनता को इस बात का आश्वासन दिया है कि 2,000 के नोट्स को प्रचलन से बाहर करने की फ़िलहाल कोई भी योजना नहीं है, लेकिन जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी ने रातों-रात नोटबंदी का ऐतिहासिक फ़ैसला लिया था, लोगों को लगता है कि मोदी सरकार अचानक तो नहीं, लेकिन धीरे-धीरे ही 2,000 के नोट्स को प्रचलन से बाहर कर रही है।