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2019 के लोकसभा चुनाव में ‘गेम चेंजर’ साबित होंगी प्रधानमंत्री मोदी की यह 5 योजनाएं

27 Dec 2018
मोदी सरकार की 5 बड़ी योजनाओं से करोड़ों ‘लाभान्वित’; 2019 के लोकसभा चुनाव में बन सकते हैं भाजपा के लिए ‘वरदान’
 
DEC 27 (WTN) – विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर सभी की निगाहें टिकी हुईं हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल कर कांग्रेस को 44 सीटों पर लाकर पटक दिया था। 1984 के लोकसभा चुनाव के बाद से किसी भी पार्टी को लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिला था, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने इतिहास रचा और अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया।
 
लेकिन 2014 के चुनाव के बाद से साल 2019 के लोकसभा चुनाव तक गंगा में काफ़ी पानी बह चुका होगा, कहने का अर्थ है कि साल 2014 में यूपीए सरकार के 10 साल हो चुके थे और सत्ताविरोधी लहर का उसे खामियाजा भुगतन पड़ा। लेकिन अब साल 2019 में मोदी सरकार के सामने पांच साल की सत्ता विरोधी लहर की चुनौती होगी।
 
आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा और खासतौर से नरेन्द्र मोदी अपनी जन कल्याणकारी योजनाओं पर काम कर रहे हैं। पांच साल की सत्ता विरोधी लहर का जवाब देने के लिए केन्द्र की मोदी सरकार के पास कई ऐसे काम हैं जो वो गिना सकती है। लेकिन यदि मोदी सरकार की पांच बड़ी योजनाओं पर नज़र डाली जाए, तो कहा जा रहा है कि यही पांच योजनाएं फ़िर से नरेन्द्र मोदी की सत्ता में वापसी करा सकती हैं। क्या हैं ये पांच गेम चेंजर योजनाएं आइये जानते हैं।
 
प्रधानमंत्री आवास योजना

2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रधानमंत्री आवास योजना एक बहुत बड़ी गेम चेंजर साबित हो सकती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत देश के सभी परिवारों के लिए साल 2022 तक घर का प्रावधान किया गया है।
20 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्री आवास योजना को लॉन्च किया गया था और 2022 तक 2.95 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य इसमें तय किया गया है।

जानकारी के मुताबिक़, इस योजना के पहले चरण में 31 मार्च 2019 तक 1 करोड़ पक्के घर बनाने का लक्ष्य है। केन्द्र सरकार के आंकड़ों की मानें तो वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 1.07 करोड़ पक्का मकान तैयार कर लिए गए हैं। इनमें से 38.20 लाख मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत और बचे हुए मकान इंदिरा आवास योजना के तहत बने हैं।
 
उज्जवला योजना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी उज्जवला योजना के तहत ग़रीबी रेखा से नीचे जीवन गुजर कर रहे क़रीब 5 करोड़ परिवारों को बिना किसी सिक्योरिटी राशि के एलपीजी कनेक्शन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़, 5 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रिकॉर्ड 28 महीनों में पूरा कर लिया गया। जिसके बाद मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान इस योजना का लक्ष्य 8 करोड़ परिवारों का कर दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए केन्द्रीय बजट से 12,800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
 
घर-घर शौचालय

खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय की योजना को 2 अक्टूबर 2014 को लॉन्च किया था और 2 अक्टूबर 2019 तक इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य तय किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना में ग्रामीण परिवारों को घर में शौचालय बनाने के लिए 12,000 रुपये देने का प्रावधान है। यह पैसा केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें एक तय फॉर्मूले के तहत देती हैं।
 
जानकारी के मुताबिक़, 31 अगस्त 2018 तक 88.9 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण का काम पूरा किया जा चुका है। इस योजना को 2014 में लॉन्च करने के बाद से लेकर अभी तक 7.94 करोड़ से अधिक शौचालय का निर्माण किया जा चुका है। यह निर्माण 19 राज्यों के 419 ज़िलों में 4.06 लाख गांवों में किया गया है और इस तरह इन गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है। कहा जा रहा है कि व्यक्ति के स्वाभिमान से जुड़ी इस योजना के कारण करोड़ों लोग अब खुले में शौच की मज़बूरी से निजात पा चुके हैं।
 
मुद्रा योजना

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कम्पनी और माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूशन द्वारा छोटे और मध्यम कारोबारियों को बिना किसी सिक्योरिटी के कर्ज़ देने का प्रावधान है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह कर्ज़ गैर कृषि क्षेत्र में छोटे कारोबार को बढ़ावा देते हुए रोजगार बढ़ाने के लिए दिया जाता है।

मुद्रा योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को लॉन्च किया था। जानकारी के अनुसार इसके तहत क़रीब 5.71 लाख करोड़ रुपये का कर्ज़ बांटा जा चुका है। इस योजना का लाभ तीन साल के दौरान 12.27 करोड़ लोगों को दिया जा चुका है, जिसमें 3.49 करोड़ लाभार्थियों ने नए कारोबार के लिए कर्ज़ लिया है।
 
जनधन योजना

जनधन योजना भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत, समाज के कमज़ोर वर्ग और कम आय वाले परिवारों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस योजना के तहत ग़रीब नागरिकों के बैंक में सेविंग अकाउंट खोले गये और इस अकाउंट को कर्ज़ लेने, पैसा ट्रांसफर करने, इंश्योरेंस और पेंशन जैसी सुविधाओं के साथ भी जोड़ा गया है।

जानकारी के मुताबिक़, देश में क़रीब 32.41 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं और इन खातों में क़रीब 81,200 करोड़ रुपये से अधिक पैसा जमा है। जनधन के तहत खुले बैंक खातों में 53 प्रतिशत खाते महिलाओं के खोले गए हैं, वहीं 59 प्रतिशत खाते देश के ग्रामीण इलाकों और कस्बों में खुले हैं।
 
कहा जा सकता है कि मोदी सरकार की यह पांच महत्वाकांक्षी योजनाएं 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और खासतौर से नरेन्द्र मोदी के लिए ‘गेंम चेंजर’ साबित हो सकती हैं। इन पांचों योजनाओं के तहत क़रीब 30 करोड़ लोगों को ‘प्रत्यक्ष लाभ’ मिला है और कहा जा सकता है कि यही लाभार्थी 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए ‘निर्णायक’ साबित हो सकते हैं। अब देखना होगा कि आने वाले लोकसभा चुनाव में इन पांच योजनाओं के माध्यम से क्या मोदी सरकार फ़िर से वापसी कर पाएगी कि नहीं?