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जूडा हड़ताल: 329 जूनियर डॉक्टर्स पर एफ़आईआर की तैयारी

27 Jul 2018
जूनियर डॉक्टर्स पर हो सकती है 'कड़ी कार्रवाई', जूडा ने दिखाई 'नरमी'

JULY 27 (WTN) – मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टर्स और सरकार के बीच 'वर्चस्व की लड़ाई' लगातार जारी है, लेकिन इसका नुकसान मरीजों को उठाना पड़ रहा है। हर दिन कुछ नया घटनाक्रम इसमें घट रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल को 'अवैध' घोषित कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश भर के जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल जारी है।

मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, जूनियर डॉक्टर्स को गुरुवार रात तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया था, इसके बाद भी काम पर नहीं लौटने वाले जीएमसी (भोपाल) के करीब 329 जूनियर डॉक्टर्स पर 'एफ़आईआर' की तैयारी सरकार ने कर ली है। साथ ही जूनियर डॉक्टर्स के ख़िलाफ़ और भी 'कड़ी कार्रवाई' करते हुए उनके कॉलेज और हॉस्टल से 'निष्कासन' की कार्रवाई भी की जा सकती है, साथ ही हाईकोर्ट में अवमानना याचिका भी लगाई जा सकती है। यानि की साफ़ है कि जूनियर डॉक्टर्स के ख़िलाफ़ मध्य प्रदेश सरकार 'कड़ी कार्रवाई' के मूड़ में है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बीस हज़ार रुपए तक स्टायपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स सोमवार से हड़ताल पर हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने 'सख़्त रुख़' अपनाते हुए एस्मा के बाद भी हड़ताल ख़त्म नहीं करने पर, पांच मेडिकल कॉलेज के 24 जूनियर डॉक्टर्स को कॉलेज से निष्कासित कर दिया है। इतना ही नहीं, इनमें से 19 जूनियर डॉक्टर्स के मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल ने पंजीयन 'निरस्त' कर दिए हैं।

इधर, जूडा ने हड़ताल वापसी पर कुछ 'नरमी' दिखाई है, और कहा है कि सरकार ने जो भी कार्रवाई की है वो वापस लेने के बाद ही हड़ताल 'ख़त्म' की जाएगी। वहीं जीएमसी के जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने के बाद ही हड़ताल ख़त्म करने का 'फ़ैसला' लेंगे।