भोपाल समेत सभी 52 ज़िलों में अब खनिज न्यास निधि होगी बुनियादी व्यवस्थाओं पर खर्च
JAN 23 (WTN) – मध्य प्रदेश में गठन के बाद से ही कमलनाथ सरकार वित्तीय संकट से जूझ रही है। एक तो आय के सीमित साधन और ऊपर से प्रदेश पर कर्ज़ के कारण विकास कार्यों के लिए सीमित बजट ही मुहैया इस समय हो पा रहा है। ऐसे में फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने के साथ-साथ मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार रणनीति बनाकर बुनियादी विकास कार्यों पर ध्यान देने जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक़ अब मध्य प्रदेश के भोपाल समेत सभी 52 ज़िलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं का विकास खनिज न्यास निधि से किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने सभी प्रभारी मंत्रियों और कलेक्टर्स को निर्देश दे दिए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खनिज न्यास निधि में क़रीब 3 सौ करोड़ रुपए जमा हैं लेकिन इसका अभी तक उपयोग नहीं किया गया है। नियमों के अनुसार खनिज न्यास निधि में ज़िलों से प्राप्त होने वाले राजस्व का 30 प्रतिशत हिस्सा जमा होता है।
सालों से खनिज न्यास निधि राशि नगरीय निकायों और पंचायतों के पास बिना उपयोग की रखी हुई है। ऐसे में वित्तीय संसाधनों की कमी से परेशान कमलनाथ सरकार अब उसका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी व्यवस्थाओं के विकास के लिए करेगी। इतना ही नहीं, जानकारी के अनुसार सरकार स्थानीय निकायों और विभागों द्वारा भारी ब्याज दर पर लिए गए लोन की भी जानकारी लेकर उसे सूचीबद्ध कर रही है। ऐसा इसलिए, क्योंकि सरकार चाहती है कि पहले इस लोन को किसी भी तरह से चुकाया जाए।