अपने स्मार्टफ़ोन से तुरन्त अन्स्टॉल करें ‘यह’ 7 ख़तरनाक ऐप्स!
NOV 12 (WTN) – इंटरनेट क्रान्ति के बाद से भारत में स्मार्टफ़ोन यूज़र्स की तादात तेज़ी से बढ़ी है। साल 2015 में भारत में स्मार्टफ़ोन यूज़र्स की संख्या क़रीब 20 करोड़ थी। लेकिन साल 2016 में रिलायंस जियो द्वारा भारत में इंटरनेट क्रान्ति लाने के बाद स्मार्टफ़ोन यूज़र्स की तादात तेज़ी से बढ़ी और साल 2019 में भारत में स्मार्टफ़ोन यूज़र्स की तादात क़रीब 37 करोड़ तक पहुंच गई है। यानी की साफ़ जाहिर है कि भारत में इतने लोगों के पास स्मार्टफ़ोन हैं जितने की कई देशों की जनसंख्या तक नहीं है।
स्मार्टफ़ोन में डाउनलोड किये गये तरह-तरह के ऐप्स से यूज़र्स के काफ़ी काम आसानी से हो जाते हैं। जिन कामों के लिए कभी घण्टों का समय लगता था, आजकल वही काम आसानी से ऐप्स के ज़रिये हो जाते हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐसे ऐप्स पाये जाते हैं जो कि फर्जी होते हैं। इन ऐप्स के इस्तेमाल से यूज़र को आर्थिक हानि तक हो सकती है।
समय-समय पर ऐसी कई रिपोर्ट्स आती रहती हैं, जिसमें यह बताया जाता है कि गूगल प्ले स्टोर के कौन-कौन से ऐप्स ख़तरनाक हैं और जिनका इस्तेमाल यूज़र के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसी कड़ी में अब गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद 7 एण्ड्रॉयड ऐप्स में ख़तरनाक वायरस होने की ख़बर सामने आई है। कौन-कौन से हैं यह 7 ऐप्स, जिनमें ख़तरनाक वायरस पाया गया है और यह ऐप्स किस तरह से यूज़र्स के लिए ख़तरनाक हैं, आइये इसके बारे में आपको विस्तार से जानकारी देते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल प्ले स्टोर पर 7 ऐसे फर्जी ऐप्स पाए गये हैं, जिनमें ख़तरनाक वायरस पाया गया है। Wandera नाम की सिक्योरिटी कम्पनी के रिसर्चर्स ने गूगल प्ले स्टोर पर सात ऐसे ऐप्स को खोज निकाला है, जो कि यूज़र्स के फ़ोन को कन्ट्रोल करते थे। हालांकि, इन सातों ऐप्स को तीन अलग-अलग डेवलपर्स ने बनाया है, लेकिन ये सातों ऐप्स एक ही तरह से काम करते हैं और यूज़र्स की जानकारी के बिना उसके फ़ोन को कन्ट्रोल कर लेते हैं।
जिन सात ऐप्स में फ़ोन को कन्ट्रोल करने वाला ख़तरनाक मालवेयर पाया गया है, उसमें PumpApp डेवलपर की बनाई गई ऐप्स Super Bright LED Flashlight शामिल है, वहीं LizotMitis नाम के डेवेलपर ने तीन ऐप्स बनाई हैं और इनके नाम हैं, Magnifier, Magnifying Glass with Flashlight और Super-bright Flashlight। तीसरे डेवलेपर iSoft LLC ने तीन ऐप्स बनाई हैं, जिनके नाम हैं Alarm Clock, Calculator और Free Magnifying Glass।
इन ऐप्स के मालवेयर के बारे में पता लगने पर गूगल ने इन ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा लिया है। लेकिन जिन यूज़र्स ने इन ऐप्स को डाउनलोड किया है, उनके लिए सलाह है कि वे इन ऐप्स को तुरन्त ही अपने स्मार्टफ़ोन से अन्स्टॉल कर दें और उसके बाद एन्टीवायरस का इस्तेमाल करें, जिससे स्मार्टफ़ोन ख़तरनाक मालवेयर से बच सके।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन ऐप्स को एक बार इन्स्टॉल करने के बाद यह ऐप्स स्मार्टफो़न में मालवेयर ऐप्स को इन्स्टॉल कर देती थीं। यह ऐप्स जिन मालवेयर को इन्स्टॉल कर देती थीं, वह यूज़र को दिखाई नहीं देते हैं और यही मालवेयर स्मार्टफ़ोन के लिए बहुत ख़तरनाक साबित होते हैं। इस तरह के मालवेयर से स्मार्टफ़ोन की बैटरी भी जल्दी ख़त्म होती है और ये ऐप्स डेटा का इस्तेमाल करके संदिग्ध काम भी करते हैं। तो यदि आपके स्मार्टफ़ोन में ऊपर लिखे 7 ऐप्स इन्स्टॉल हैं तो आज ही उन्हें अन्स्टॉल कर दें।
इसके अलावा एण्ड्रॉयड यूज़र्स के लिए हाल ही में एक और ख़तरनाक ऐप को लेकर भी चेतावनी जारी हुई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल प्ले स्टोर पर एक ऐसी ऐप को स्पॉट किया गया है, जो कि यूज़र्स के बैंक अकाउण्ट को खाली तक कर सकता है। सिक्यॉर-डी टीम की ओर से की गई एक नई रिसर्च में ‘ai.type’ नाम की ऐसी ऐप पाई गई है, जो कि यूज़र की परमिशन के बिना प्रीमियम डिजिटल सर्विसेज ख़रीद सकता है। यह ऐप इतनी चतुराई से यह काम करता है कि इसकी जानकारी यूज़र को पता ही नहीं चल पाती है कि उसने कोई प्रीमियम कंटेंट सर्विस ख़रीदी है और उस सर्विस के पैसे उसके अकाउण्ट से डिटक्ट हो जाते हैं।
ऐसे में हमारी आपको सलाह है कि गूगल प्ले स्टोर से सिर्फ़ उन्हीं ऐप्स को डाउनलोड करें, जो कि आपके काम के हैं। बिना ज़रूरत के किसी भी ऐप को कभी भी डाउनलोड ना करें। साथ ही जो ऐप्स स्मार्टफ़ोन में डाउनलोड हैं, उन्हें भी समय-समय पर अपडेट करते रहें। इतना ही नहीं, जो ऐप्स आपके स्मार्टफ़ोन में डाउनलोड हैं उनके बारे में समय-समय पर जानकारी जुटाते रहें कि कहीं उनमें से किसी ऐप में मालवेयर की रिपोर्ट तो सामने नहीं आई है। याद रखिये कि स्मार्टफ़ोन में ऐप्स के इस्तेमाल में आप जितने ज़्यादा सतर्क और होशियार रहेंगे, उतना ही ज़्यादा दूर आप ख़तरनाक ऐप्स से होने वाले परिणामों से रहेंगे।